गर्भवती पत्रकार को धक्का देने का मामला, राहुल गांधी की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, सुप्रीम कोर्ट ने भेजा नोटिस
आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट मार्च के दौरान राहुल गांधी ने कोर्ट परिसर में तीन महीने की गर्भवती पत्रकार को धक्का दिया था, चोट लगने के कारण उन्हें अस्पताल में भी भर्ती करवाया गया. इस मामले में अब सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को नोटिस भेजा है.
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सुप्रीम कोर्ट में मार्च के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के गर्भवती पत्रकार को कथित तौर पर धक्का देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया है. पत्रकार की याचिका पर शीर्ष अदालत ने राहुल गांधी को नोटिस भेजा है. महिला का आरोप था कि सुप्रीम कोर्ट में मार्च के दौरान राहुल गांधी ने उन्हें धक्का दिया था. जिसमें उसे चोट लगी थी.
गर्भवती पत्रकार की ओर से BJP प्रवक्ता और वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया ने दलील रखी. मामले की सुनवाई मुख्य अधिवक्ता सूर्यकांत ने की.
याचिका में राहुल गांधी के खिलाफ क्या दलील दी?
महिला पत्रकार की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि प्रतिवादी नंबर 4 यानी राहुल गांधी ने अचानक उन्हें गेट की तरफ काफी जोर से धक्का मारा. जिससे कि उनका संतुलन बिगड़ गया और वह गिर गईं. गिरने से बचने के लिए हाथों का सहारा लेने की कोशिश की लेकिन वह संभल नहीं सकी और गिर गईं जिससे उन्हें काफी चोटें आईं. उन्हें अस्पताल में भी भर्ती करवाया गया था. पत्रकार ने अपनी याचिका में यह भी कहा कि मना करने के बाद भी राहुल गांधी ने उन्हें धक्का दिया. उन्होंने विपक्षी सांसद पर लगाया कि यह एक जानबूझकर किया गया कृत्य था.
पत्रकार की दलील के बाद सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. अदालत इस मामले में दूसरा पक्ष भी जानेगी. सुनवाई के दौरान गौरव भाटिया ने यह भी कहा कि महिला पत्रकार से जुड़ी याचिका अब तक सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं की गई है. इस पर मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कहा कि अदालत इस याचिका पर पहले ही नोटिस जारी कर चुकी है. साथ ही, उन्होंने याचिका को मुख्य मामले के साथ जोड़ने का निर्देश दिया. मामले की अगली सुनवाई 3 नवंबर को होगी.
क्या है पत्रकार के साथ धक्का-मुक्की का मामला?
12 अक्टूबर को विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च निकालते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की. राहुल गांधी ने खुद सुप्रीम कोर्ट जाकर याचिका दायर की. आरोप है कि इसी दौरान कोर्ट परिसार में एक महिला पत्रकार को धक्का लगा था. वह तीन महीने की गर्भवती थी. बाद में पत्रकार ने इसके लिए राहुल गांधी को जिम्मेदार ठहराया. वहीं, इस मुद्दे पर BJP ने कांग्रेस को निशाने पर लिया. पार्टी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी और अन्य नेता अस्पताल में पत्रकार से मिलने गए थे.
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