'मैं 25 से ज्यादा नहीं देता...', UP में कांग्रेस की 200 सीटों की मांग पर बृजभूषण सिंह का तंज, सपा-कांग्रेस गठबंधन पर कही बड़ी बात
पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने इटावा में कहा कि अगर सपा-कांग्रेस गठबंधन में सीट बंटवारे का फैसला उनके हाथ में होता, तो वह कांग्रेस को 25 से ज्यादा सीटें नहीं देते. क्षत्रिय स्वाभिमान मंच के दशहरा मिलन समारोह में उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर कहा कि सभी दल तैयारियों में जुटे हैं और मुकाबला दिलचस्प होगा.
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उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियों के बीच समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस गठबंधन में सीटों के बंटवारे का मुद्दा चर्चा में है. दरअस्सल, कांग्रेस गठबंधन में 200 सीटों की माँग कर रही है. इसी बीच पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कांग्रेस को लेकर अपनी राय रखी है. उन्होंने कहा कि अगर सीटों के बंटवारे का फैसला उनके हाथ में होता, तो वह कांग्रेस को 25 से ज्यादा सीटें नहीं देते. उनके इस बयान के बाद सपा-कांग्रेस के बीच सीटों के तालमेल को लेकर चल रही चर्चा अब राजनीतिक बयानबाजी का अहम मुद्दा बन सकती है.
इटावा में कार्यक्रम के दौरान दिया बयान
पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह रविवार दोपहर इटावा में आयोजित क्षत्रिय स्वाभिमान मंच के दशहरा मिलन समारोह में शामिल हुए. यहां उन्होंने क्षत्रिय समाज के लोगों को संबोधित किया और मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया. कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश की राजनीति और विभिन्न नेताओं के बयानों पर अपनी प्रतिक्रिया दी. कांग्रेस की ओर से 200 सीटों की मांग से जुड़े सवाल पर बृजभूषण सिंह ने कहा कि यदि वह फैसला लेते, तो कांग्रेस को केवल 25 सीटें देते. हालांकि, यह उनका व्यक्तिगत बयान है. इसे सपा और कांग्रेस के बीच किसी आधिकारिक सीट बंटवारे का निर्णय नहीं माना जा सकता. दोनों दलों के बीच सीटों का अंतिम समझौता क्या होगा, यह उनके संबंधित नेतृत्व के फैसलों पर निर्भर करेगा.
2027 के चुनाव को लेकर क्या बोले बृजभूषण?
टीवी 9 की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सभी राजनीतिक दल चुनाव की तैयारी में जुटे हैं. ऐसे में वर्ष 2027 का विधानसभा चुनाव राजनीतिक रूप से अहम रहने वाला है. सपा और कांग्रेस के बीच सीटों को लेकर सहमति बनना गठबंधन की रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है. वहीं, भारतीय जनता पार्टी भी आगामी चुनाव को लेकर अपनी राजनीतिक तैयारी करेगी. सीट बंटवारे का सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि गठबंधन में शामिल दलों को अपने संगठन, जनाधार और चुनावी रणनीति के बीच संतुलन बनाना पड़ता है. ऐसे में सीटों की संख्या पर सहमति बनाना किसी भी गठबंधन के लिए अहम चुनौती हो सकती है.
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ओवैसी और फारूक अब्दुल्ला पर भी दी प्रतिक्रिया
मीडिया से बातचीत में बृजभूषण सिंह से एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला को लेकर भी सवाल पूछे गए. ओवैसी के बारे में उन्होंने उन्हें एक नेता बताया. वहीं, फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान के प्रति रुख पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने निशाना साधा और कहा कि उनका पाकिस्तान के प्रति प्रेम कभी-कभी सामने आ जाता है. यह टिप्पणी बृजभूषण सिंह की अपनी राजनीतिक प्रतिक्रिया थी.
अखिलेश यादव को आजम खान से मुलाकात पर सलाह
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के आजम खान से मुलाकात करने के सवाल पर भी बृजभूषण सिंह ने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को आजम खान से कुछ और पहले मिलना चाहिए था. इसके अलावा, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर पर उन्होंने कहा कि यह भारत का अभिन्न हिस्सा है. उन्होंने संसद और भारत सरकार के रुख का हवाला देते हुए कहा कि भविष्य में यह भारत का हिस्सा होगा. पाकिस्तान की सैन्य क्षमता को लेकर भी उन्होंने टिप्पणी की.
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बताते चलें कि बृजभूषण सिंह के बयान ने सपा-कांग्रेस के बीच संभावित सीट बंटवारे की चर्चा को एक नया संदर्भ दिया है. अब नजर इस बात पर रहेगी कि दोनों दल आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सीटों और गठबंधन की रणनीति को लेकर क्या रुख अपनाते हैं.