इधर शेख हसीना ने किया बांग्लादेश वापसी का ऐलान, उधर घबराए PM तारिक, डरकर उठाया ये बड़ा कदम
खराब आर्थिक हालातों से गुजर रहे बांग्लादेश में जैसे ही शेख हसीना की वापसी की खबर फैली, PM तारिक रहमान बेचैन हो गए. उन्होंने मीडिया को नए निर्देश जारी कर दिए.
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Bangladesh: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना जल्द ही अपने देश वापस लौटेंगी. उन्होंने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में ये घोषणा कर दी है. उनके साथ अवामी लीग के कई नेता भी समर्पण करेंगे. हालांकि शेख हसीना कब तक बांग्लादेश लौटेंगी, इसकी तारीख नहीं बताई लेकिन माना जा रहा है कि दिसंबर तक भारत से लौट सकती हैं.
दूसरी ओर खराब आर्थिक हालातों से गुजर रहे बांग्लादेश में जैसे ही शेख हसीना की वापसी की खबर फैली, PM तारिक रहमान बेचैन हो गए. उन्होंने मीडिया में हसीना के बयान छापने और प्रसारित करने पर बैन लगा दिया.
तारिक रहमान ने क्या आदेश दिया?
एक तो देश के खराब हालात ऊपर से हसीना की वापसी, ऐसे में PM रहमान को कुर्सी जाने का डर सताने लगा. उन्होंने बौखलाहट में मीडिया को सेंसरशिप के आदेश दे दिए. तारिक रहमान सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के किसी भी बयान, भाषण या इंटरव्यू के प्रसारण और प्रकाशन पर रोक लगा दी. इसके लिए उन्होंने अदालत के आदेश को आधार बनाया.
सरकार कहा है, ‘सभी प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, ऑनलाइन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अदालत के आदेशों का उल्लंघन न करें.’
इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने लगाई थी बयानों पर रोक
तारिक रहमान सरकार ने अपने फरमान में कोर्ट के जिस आदेश का सहारा लिया है, वो साल 2024 से जुड़ा है. जिसमें इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (ICT) ने शेख हसीना के बयानों के प्रसारण पर रोक लगाई थी. इसके अलावा बांग्लादेश में ऐसे व्यक्ति, जिसे अदालत ने दोषी ठहराया हो और जो फरार घोषित हो, उसके बयान, इंटरव्यू या ऑडियो-वीडियो संदेश के प्रसारण पर भी कानूनी प्रतिबंध लागू हैं.
PM तारिक रहमान ने बांग्लादेश के सभी मीडिया संस्थानों को इन सभी निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा है.
शेख हसीना ने बांग्लादेश वापसी पर क्या कहा?
रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में शेख हसीना ने कहा, ‘अवामी लीग के लगभग सभी बड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं और कई लोग छिपकर रहने को मजबूर हैं.’
उन्होंने अपनी वापसी की बात करते हुए कहा,
‘वे मुझे गिरफ्तार कर सकते हैं मेरी हत्या भी कर सकते हैं लेकिन मुझे लौटना ही होगा. अगर मौत भी आए, तो मैं अपने देश की मिट्टी पर मरना चाहती हूं, जहां मेरे माता-पिता दफन हैं.’
शेख हसीना ने कब छोड़ा बांग्लादेश?
जुलाई 2024 में बांग्लादेश में छात्रों का रिजर्वेशन सुधार आंदोलन शुरू हुआ था. जो देखते ही देखते बड़े उपद्रव में बदल गया. जिसकी लपटों में पूरा देश सुलग गया और आंच तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की कुर्सी तक आ पहुंची. आंदोलन के दौरान सैकड़ों लोगों की मौत हुई हो गई.
5 अगस्त 2024 को शेख हसीना ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज-जमान ने उन्हें सुरक्षित निकासी का सुझाव दिया. इसके बाद वे भारत चली आईं. शुरू में वे लंदन जाना चाहती थीं, लेकिन UK ने अनुमति नहीं दी, इसलिए वे भारत में ही रहीं. उनके साथ कुछ करीबी मंत्री और स्टाफ भी भारत आए.
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तब से शेख हसीना भारत में निर्वासित जीवन बिता रही हैं. बांग्लादेश में उन्हें छात्र आंदोलन पर कार्रवाई से जुड़े मामले में मौत की सजा भी सुनाई गई है हालांकि वह इन आरोपों से इंकार करती रही हैं. अब अगर वह बांग्लादेश लौटती हैं तो वहां की तारिक रहमान सरकार को उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करनी पड़ेगी.