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'मुझे ममता बनर्जी की तरह कमजोर-डरपोक ना समझना...', मुर्शिदाबाद में CM सुवेंदु ने आखिर किसे दे डाली चेतावनी?

बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी ने अल्पसंख्यक बहुल मुर्शिदाबाद में AJUP प्रमुख हुमायूं कबीर और उन जैसे भड़काऊ बयान देने वाले नेताओं को दो टूक चेतावनी दी. उन्होंने साफ कहा कि उन्हें ममता बनर्जी की तरह कमजोर और डरपोक सीएम समझने की गलती ना करिएगा.

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11 Jul 2026
( Updated: 11 Jul 2026
03:38 PM )
'मुझे ममता बनर्जी की तरह कमजोर-डरपोक ना समझना...', मुर्शिदाबाद में CM सुवेंदु ने आखिर किसे दे डाली चेतावनी?
Suvendu Adhikari (File Photo) Image Source: IANS
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पश्चिम बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी ने राज्य का माहौल ख़राब करने, भड़काऊ भाषण देने और सांप्रदायिक तनाव पैदा करने वाली ताकतों को सख़्त चेतावनी दी है. उन्होंने दो टूक कहा कि उन्हें ममता बनर्जी की तरह 'कमजोर और डरपोक' मुख्यमंत्री समझने की भूल ना करें. इसके साथ ही सुवेंदु ने कहा कि चुने गए प्रतिनिधियों द्वारा भी सामाजिक माहौल बिगाड़ने वाले गैर जिम्मेदाराना बयानों को वो किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे. सुवेंदु का इशारा टीएमसी के पूर्व विधायक और वर्तमान में AJUP के प्रमुख और विधायक हुमायूं कबीर की ओर था, जिन्होंने हाल में ही बीजेपी कार्यकर्ताओं को लेकर विवादास्पद बयान दिया था और धमकी दी थी.

सुवेंदु अधिकारी ने हुमायूं कबीर को दे दी सख्त चेतावनी

 मुर्शिदाबाद ज़िले के रेजिनगर में उपचुनाव की तैयारियों के बीच सुवेंदु ने पार्टी की एक रैली में बोलते हुए कहा कि गलतफहमी न पालें, मैं ममता बनर्जी की तरह कमजोर और डरपोक मुख्यमंत्री नहीं हूं. मैं चुने हुए प्रतिनिधियों की गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियों को बर्दाश्त नहीं करूंगा. मैंने स्थानीय विधायक से कहा है कि वे देश के संविधान को ध्यान में रखते हुए सोच-समझकर शब्द चुनें."

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मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद पहुंचे थे सुवेंदु अधिकारी

अल्पसंख्यक बहुल मुर्शिदाबाद में सुवेंदु अधिकारी ने पूर्ववर्ती टीएमसी सरकार पर सीएए-विरोधी और वक्फ कानून के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान हिंसा की आग भड़काने का आरोप लगाया. उन्होंने इस दौरान लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि रेजिनगर में दो महीने में उपचुनाव होगा; हम मुर्शिदाबाद का विकास करेंगे, न कि लंबे समय से चली आ रही हिंदू-मुस्लिम की राजनीति."

TMC ने हड़प लिया गरीबों का पैसा: सुवेंदु

इसके अलावा बंगाल के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के पैसे में घपले पर कहा कि "पिछली टीएमसी सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना का पैसा हड़प लिया, हम 25 लाख नए ग्रामीण आवास बनाएंगे." उन्होंने कहा कि दो महीने में हमने सीमा पर बाड़ लगाने के लिए बीएसएफ को जमीन सौंपी, बीएनएस लागू किया और जनगणना का काम शुरू किया.

हार के बाद भी नहीं छूट रही ममता बनर्जी की तुष्टीकरण की राजनीति: सीएम सुवेंदु

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इससे एक दिन पहले कोलकाता में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की हार से कोई सबक नहीं सीखा है. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी अब भी तुष्टीकरण की राजनीति, धोखे और उकसावे की पुरानी रणनीति जारी रखे हुए हैं.

मुख्यमंत्री ने अपने आरोप को ममता बनर्जी के हालिया बयान के आधार पर रखा. ममता बनर्जी ने दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में हुई हिंसक घटनाओं, पुलिसकर्मियों पर हमले और सार्वजनिक संपत्ति में तोड़फोड़ को क्षेत्र में 12 वर्षीय नाबालिग से कथित दुष्कर्म और हत्या के खिलाफ हुआ स्वतः स्फूर्त प्रदर्शन बताया था.

गुरुवार दोपहर सोशल मीडिया पर एक संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा, ''क्या दंगाइयों को कथित तौर पर ‘प्रदर्शनकारी’ कहा जा सकता है? आप खुद को और अपनी पार्टी को खो चुकी हैं. आपकी पार्टी बुरी तरह हार चुकी है और थक चुकी है. फिर भी आप में कोई बदलाव नहीं आया है. लगातार तुष्टीकरण की राजनीति, धोखा और उकसावा, तीन बुरी आदतें अभी भी आपका साथ नहीं छोड़ रही हैं. आपमें कोई बदलाव नहीं आया है.'' उनके अनुसार, ममता बनर्जी अपनी तुष्टीकरण की राजनीति को जारी रखने की कोशिश में बारुईपुर में एक निर्दोष युवक की पीट-पीटकर हत्या करने वालों को प्रदर्शनकारी बता रही हैं.

क्या वे वास्तव में ‘प्रदर्शनकारी’ हैं?'

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मुख्यमंत्री ने 26 वर्षीय युवक इंद्रजीत तांती की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या का वीडियो साझा किया और सवाल उठाया कि क्या इस घटना में शामिल लोगों को सामान्य प्रदर्शनकारी माना जा सकता है. उन्होंने ममता बनर्जी के उस बयान का वीडियो भी साझा किया, जिसमें वह रविवार दोपहर नाबालिग का शव मिलने के बाद हुई तनावपूर्ण स्थिति को प्रदर्शन बता रही थीं.

मुख्यमंत्री ने सवाल किया, ''आपके बयानों में जिन्हें आप प्रदर्शनकारी बता रही हैं, उन्होंने एक निर्दोष युवक को उसके घर से बाहर निकाला, केवल उसके नाम और पहचान के आधार पर उसे निशाना बनाया और भीड़ ने उसे बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला. इन उपद्रवी लोगों ने पुलिस वाहनों में आग लगाई, पुलिस पर हमला किया, रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाया, अराजकता फैलाई, कानून-व्यवस्था का उल्लंघन किया, इलाके की शांति भंग की और अशांति फैलाने की कोशिश की. क्या वे वास्तव में ‘प्रदर्शनकारी’ हैं?''

भीड़ की आड़ लेने वाला समय खत्म हो गया: सुवेंदु

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मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि जिस तरह उनकी अगुवाई वाली नई राज्य सरकार दुष्कर्म और महिलाओं व बच्चों पर अत्याचार जैसे गंभीर अपराधों से जुड़े लोगों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाएगी, उसी तरह किसी निर्दोष व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या करने वाले अपराधियों को भी नहीं छोड़ा जाएगा. उन्होंने कहा, ''अब वह समय खत्म हो गया है, जब भीड़ की आड़ लेकर और समूह बनाकर अपराध किए जा सकते थे. कानूनी प्रक्रिया के जरिए नई सरकार सुनिश्चित करेगी कि ऐसे अपराधियों को उनके किए की सजा मिले.''

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