Gen-Z पर बोल ट्रोल हुईं कंगना रनौत का फूटा गुस्सा, मीडिया पर लगाया 'टारगेट' करने का आरोप, आलोचना करने वालों को दिया करारा जवाब
यह पूरा विवाद कंगना रनौत के उन सोशल मीडिया पोस्ट के बाद शुरू हुआ, जिनमें उन्होंने नई पीढ़ी और कुछ भारतीय महिलाओं पर तीखी टिप्पणी की थी. कंगना ने अपने पोस्ट में कहा आज वेस्टर्न सोच से प्रभावित भारतीय महिलाओं की एक नई पीढ़ी देखने को मिली. मैं इन्हें 'गटर जेनरेशन' कहती हूं.
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एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनौत के हालिया छात्र विरोध प्रदर्शन संबंधी बयान पर विवाद बढ़ता जा रहा है. इस बीच कंगना ने एक वीडियो जारी कर अपनी सफाई दी है. उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल कुछ प्रदर्शनकारियों के व्यवहार पर आपत्ति जताई थी. उनके मुताबिक, बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के सामने सड़क पर अशोभनीय भाषा और हरकतों को सामान्य नहीं माना जा सकता. उन्होंने मीडिया पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनके बयान के एक हिस्से को दिखाया जा रहा है, जबकि उन्होंने कई मौकों पर युवाओं और छात्रों की तारीफ भी की है.
‘यह रील मैं मीडिया के बंधुओं के लिए बना रही हूं’
कंगना रनौत ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा किए गए वीडियो में कहा, "नमस्ते दोस्तों... यह रील मैं मीडिया के बंधुओं के लिए बना रही हूं, क्योंकि मैंने सड़क पर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के सामने होने वाली 'अनैतिक' और 'अश्लील' हरकतों को सामान्य मानने से इनकार किया है. इस तरह का व्यवहार समाज में स्वीकार्य नहीं है और हम अपने बच्चों को समय से पहले अश्लीलता के माहौल में धकेले जाने की अनुमति नहीं देंगे.”
‘मीडिया मेरे सकारात्मक बयानों को पूरी तरह नजरअंदाज कर रही’
उन्होंने आरोप लगाया कि उनके इस रुख के बाद मीडिया उन्हें एकजुट होकर निशाना बना रही है. कंगना ने कहा, "टीआरपी, लाइक्स और व्यूज के चक्कर में मीडिया मेरे सकारात्मक बयानों को पूरी तरह नजरअंदाज कर रही है. मैंने स्काईरूट एयरोस्पेस की उपलब्धियों की सराहना की है. नीट के छात्रों और देश को आगे ले जाने वाली जेनरेशन-ज़ी की भी तारीफ की है.”
आलोचना करने वालों पर भड़कीं कंगना
वीडियो में कंगना ने उन लोगों पर भी प्रतिक्रिया दी, जो उनके बयान की आलोचना कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ''मैं देख रही हूं कि कुछ कथित फेमिनिस्ट और एंकर्स मुझे अनुशासन सिखा रहे हैं. आजादी का मतलब यह नहीं है कि आप सड़क पर दूसरों की भावनाओं, आस्था या मान्यताओं को ठेस पहुंचाएं. आपकी व्यक्तिगत आजादी वहीं खत्म हो जाती है, जहां दूसरे की निजता और सम्मान शुरू होता है. चाहे हमारे माता-पिता हों, हमारे आराध्य देव हों या प्रधानमंत्री जी, जिनसे बच्चों की भावनाएं जुड़ी हैं, आप सार्वजनिक रूप से किसी का अपमान नहीं कर सकते. यह कोई 'कूल' बनना नहीं, बल्कि बुनियादी समझ है.’’
‘समाज में रहने के लिए मर्यादाओं का पालन करना जरूरी’
उन्होंने कहा कि समाज में रहने के लिए मर्यादाओं का पालन करना जरूरी है. कंगना ने कहा, "बेहूदगी और अमर्यादित आचरण केवल बंद कमरे तक सीमित हो सकता है. समाज या कार्यस्थल पर यदि आप मर्यादा में नहीं रहेंगे, तो आपको वहां से बाहर कर दिया जाएगा और आपका भविष्य अंधकारमय हो जाएगा. विज्ञान और शास्त्र दोनों यही सिखाते हैं कि मानव जीवन का उद्देश्य 'इवॉल्व' यानी विकसित होना है, न कि अनियंत्रित होकर ऐसे रास्ते पर चलना, जो अंततः जेल तक पहुंचा दे. हमें बेहतर और श्रेष्ठ इंसान बनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए.”
वीडियो के अंत में कंगना ने कहा, "यह जीवन हमें विकसित होने के लिए मिला है. आप सभी को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं. अपने गुरुओं के ज्ञान के अनुसार सही रास्ते पर चलें और निरंतर बेहतर बनते रहें.”
जानें कैसे शुरु हुआ विवाद
यह पूरा विवाद कंगना रनौत के उन सोशल मीडिया पोस्ट के बाद शुरू हुआ, जिनमें उन्होंने नई पीढ़ी और कुछ भारतीय महिलाओं पर तीखी टिप्पणी की थी. कंगना ने अपने पोस्ट में कहा, ''आज वेस्टर्न सोच से प्रभावित भारतीय महिलाओं की एक नई पीढ़ी देखने को मिली. मैं इन्हें 'गटर जेनरेशन' कहती हूं। इनमें से कुछ के पास समाज को देने के लिए कुछ भी नहीं है. वे पढ़ाई में अच्छी नहीं हैं, लेकिन इतनी बदसूरत सोच और भ्रष्ट मानसिकता रखती हैं कि अच्छी हाउसवाइफ भी नहीं बन सकतीं.’’
उन्होंने आगे लिखा, ''इसके बावजूद वे अपनी तथाकथित आजादी का दिखावा करती हैं, नशा, शराब और अनगिनत यौन संबंधों को अपनी आजादी बताती हैं. बेशर्मी से अपने माता-पिता की कमाई पर पलती हैं और लगातार स्वतंत्र जीवन जीने की बातें करती हैं, जबकि असलियत में वह आत्मनिर्भर होती ही नहीं. एक छोटी-सी बात बता दूं कि आजाद जीवन के लिए कमाना पड़ता है. अगर बिना जिम्मेदारी उठाए स्वतंत्र बनने की कोशिश करोगे, तो तुम सिर्फ एक विकृत मानसिकता वाले इंसान हो, 'गटर छाप’.’’
कंगना ने जेन जी की परवरिश पर भी सवाल उठाए थे
एक पोस्ट में कंगना ने जेन जी की परवरिश पर भी सवाल उठाए थे. उन्होंने लिखा, ''मैंने पूरी जिंदगी कभी इतनी बदसूरती एक साथ नहीं देखी. जेन जी के विरोध-प्रदर्शनों के वीडियो देखकर घिन आती है इन लोगों के बोलने का तरीका और जिस भाषा का ये इस्तेमाल कर रहे हैं, वैसा मैंने पहले कभी नहीं देखा. हर वीडियो परेशान करने वाली है कि देखकर घिन आती है. आखिर इन्हें जन्म कौन दे रहा है और इनकी परवरिश कौन कर रहा है?''
Gen-Z पर क्यों भड़क रहीं कंगना
CJP के प्रदर्शन के दौरान पीएम मोदी के ख़िलाफ़ कई प्रदर्शनकारियों ने अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था. यही वजह है की कंगना लगातार अपनी नाराजगी ज़ाहिर कर रही हैं. और सोशल मीडिया पर Gen-z को लताड़ रही है.
क्यों हो रहा था विरोध प्रदर्शन?
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सदस्य परीक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे. प्रदर्शनकारी लगातार सामने आ रही परीक्षा संबंधी समस्याओं, जिसमें नीट-यूजी पेपर लीक जैसे मामले भी शामिल हैं, वहीं प्रदर्शनकारी लगातार अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी कर रहे थे, हालांकि अब शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा दे दिया है.