‘गद्दी से उतरवा सकता हूं…’, प्रकाश राज का वोटर लिस्ट से हटा नाम तो मोदी सरकार को दी चेतवानी, लोगों ने सिखा दिया सबक
प्रकाश राज ने मीडिया से बात करते हुए सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि क्या उसमें उनका वोट छीनने की हिम्मत है, उन्होंने ये भी कहा कि अभी उनके पास वोट डालने के लिए दो साल का समय है. लेकिन वो सरकार को सत्ता से हटाने के लिए दूसरों लोगों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं.
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साउथ एक्टर प्रकाश राज अक्सर ही अपने बयानों की वजह से चर्चाओं में बने रहते हैं. वो सोशल मीडिया पर मोदी सरकार के ख़िलाफ़ बयान बाजी करने के लिए हमेशा एक्टिव रहते हैं.
प्रकाश राज ने मोदी सरकार को दी चेतावनी
अब एक्टर ने मीडिया से बातचीत के दौरान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि उनका एक वोट छीना जा सकता है, लेकिन वो कई लोगों को प्रभावित कर सकते हैं.
प्रकाश राज ने मीडिया से बात करते हुए सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि क्या उसमें उनका वोट छीनने की हिम्मत है, उन्होंने ये भी कहा कि अभी उनके पास वोट डालने के लिए दो साल का समय है. लेकिन वो सरकार को सत्ता से हटाने के लिए दूसरों लोगों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं.
‘आपको सत्ता से हटाने के लिए दस वोटों को प्रभावित कर सकता हूँ’
एक्टर ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मेरा वोट निकालने का हिम्मत है, इस सरकार को ट्राई करो.मेरे पास वोट देने के लिए अभी भी दो साल हैं. मैं इस सरकार से एक बात कह रहा हूँ. आप मेरा एक वोट ले सकते हैं, लेकिन मैं आपको सत्ता से हटाने के लिए दस वोटों को प्रभावित कर सकता हूँ.”
Bengaluru, Karnataka: Actor Prakash Raj says, "...I still have two years to cast my vote. I am telling this government one thing. You can take one of my votes. I can influence ten votes to get you off the throne..." pic.twitter.com/zrSjm7GT0X
— IANS (@ians_india) August 14, 2026
प्रकाश राज पर भड़के लोग
अब प्रकाश राज ने जिस तरह से मोदी सरकार के खिलाफ अपनी भड़ास निकाली है, वो लोगों को रास नहीं आया है, सोशल मीडिया पर एक्टर को जमकर ट्रोल किया जा रहा है. एक यूजर ने लिखा, “बेकार आदमी, मीडिया के सामने हंगामा करने से पहले क्या तुम अपने BLO से मिले थे? तुम कितने मज़ाकिया हो. लोग बहुत समझदार हैं, बेवकूफ नहीं.”
वहीं एक दूसरे यूजर ने लिखा, “अरे कोई इस बेवकूफ को बताओ कि वह 3-4 अलग-अलग राज्यों में रजिस्ट्रेशन नहीं करवा सकता और खुद को रजिस्टर करवाना उसकी ज़िम्मेदारी है.कोई उस पर धोखाधड़ी का केस कर देगा और तब भी वह 'हाय-हाय मोदी' ही करेगा.प्रकाश राज आप मोदी के काटे और फेंके गए पैर के नाखून के बराबर भी नहीं हैं, इसलिए खुद को इतना ज़रूरी समझना बंद करें और अपने BLO से संपर्क करें.”
इसके अलावा एक और यूजर ने लिखा, “इस बेवकूफ को अभी भी लगता है कि BJP को गिराने के लिए 10 वोट काफी हैं.”
इतना ही नहीं एक और यूजर ने लिखा, “यह व्यक्ति कुछ नहीं कर सकता, वह बेकार है. उसे बस लाइमलाइट में रहना आता है.”
इतना ही नहीं एक और यूजर ने लिखा, “इन्फ्लुएंसर. तुम्हें कौन रोक रहा है... बड़े मुँह वाले बेवकूफ.”
वहीं एक और यूजर ने लिखा, “सबसे पहले तो आप खुद को ही नहीं बचा पाए. प्रकाश राज सर, पहले आप खुद अपने पैरों पर खड़े हों, फिर सरकार को धमकी दें.”
वहीं एक और यूजर ने लिखा, “वह असल ज़िंदगी में भी एक विलेन है... लोग इस बेवकूफ के बारे में अच्छी तरह जानते हैं. लोग ऐसे बेवकूफों से कभी प्रभावित नहीं होंगे.”
प्रकाश राज ने वीडियो जारी कर उठाए थे सवाल
बता दें कि प्रकाश राज का ये बयान ऐसे टाइम पर आया है, जब उन्होंने बेंगलुरु की मतदाता सूची में अपने नाम को लेकर सवाल उठाए थे. प्रकाश राज ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया था. इस वीडियो में उन्होंने दावा किया कि वह बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ चुके हैं. उन्होंने यह भी बताया कि उनका जन्म बेंगलुरु में हुआ, उन्होंने वहीं पढ़ाई की और थिएटर की शुरुआत भी इसी शहर से की. ऐसे में उनका कहना था कि इसके बावजूद SIR की प्रक्रिया के बाद उनका नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया.
प्रकाश राज ने अपने वीडियो के जरिए चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाया और कहा कि अगर वह खुद बेंगलुरु से चुनाव लड़ चुके हैं और इतने लंबे समय से इस शहर से जुड़े रहे हैं, तो फिर आज उनका नाम मतदाता सूची में क्यों नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि अब वह देखेंगे कि दोबारा वोटर बनने या अपना नाम जुड़वाने के लिए उनसे कौन-कौन से दस्तावेज मांगे जाते हैं. एक्टर ने इस पूरे मामले को लेकर चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए.
अधिकारियों ने आसपास रहने वाले लोगों से ली जानकारी
प्रकाश राज के आरोप सामने आने के बाद उनके पुराने पते को लेकर स्थानीय स्तर पर सत्यापन कराया गया. अधिकारियों की टीम उस पते पर पहुंची, जो रिकॉर्ड में प्रकाश राज के निवास के तौर पर दर्ज था. वहां प्रकाश राज मौजूद नहीं मिले. इसके बाद अधिकारियों ने आसपास रहने वाले लोगों से भी जानकारी ली कि क्या प्रकाश राज अभी भी उस घर में रहते हैं.
स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रकाश राज पहले इस पते पर रहते थे, लेकिन काफी समय पहले वहां से दूसरी जगह चले गए थे. बताया गया कि यह घर पिछले करीब चार साल से खाली पड़ा है और प्रकाश राज भी लंबे समय से वहां नहीं आए हैं. यानी जांच के दौरान अधिकारियों को यह जानकारी मिली कि जिस पते को प्रकाश राज अपने बेंगलुरु वाले निवास के तौर पर बता रहे थे, वह उनका मौजूदा निवास नही है.
अधिकारियों ने मौके पर जाकर किया सत्यापन
इस मामले में सबसे अहम बात यह रही कि अधिकारियों ने सिर्फ कागजों के आधार पर जवाब नहीं दिया, बल्कि मौके पर जाकर स्थिति की जांच की. बूथ लेवल ऑफिसर यानी BLO और दूसरे अधिकारियों ने पुराने पते का दौरा किया. आसपास रहने वाले लोगों से बातचीत की गई और यह पता लगाने की कोशिश की गई कि प्रकाश राज वास्तव में वहां रह रहे हैं या नहीं.
जांच के दौरान पड़ोसियों ने अधिकारियों को बताया कि प्रकाश राज पहले यहां रहते थे, लेकिन अब कई साल से इस घर में नहीं रह रहे हैं. अधिकारियों ने इस बातचीत को रिकॉर्ड भी किया.इसके बाद प्रशासन की ओर से यह कहा गया कि वोटर रिकॉर्ड में बदलाव का कारण किसी व्यक्ति को मनमाने तरीके से वोटर लिस्ट से हटाना नहीं, बल्कि उसके पुराने पते पर अब नहीं रहने से जुड़ा सत्यापन है.
क्या प्रकाश राज का नाम बिना जांच के काट दिया गया?
यहीं से पूरा विवाद और दिलचस्प हो जाता है. प्रकाश राज का आरोप था कि SIR के बाद उनका नाम भी उन लाखों मतदाताओं की सूची में शामिल हो गया, जिनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए. उनके मुताबिक, वह खुद इसका उदाहरण हैं और इसी वजह से उन्होंने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाया.
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लेकिन अधिकारियों की ओर से सामने आई जानकारी इस दावे की एक अलग तस्वीर पेश करती है. सत्यापन के मुताबिक, प्रकाश राज जिस पुराने पते पर दर्ज थे, वहां वह लंबे समय से नहीं रह रहे थे. इसी आधार पर उनके रिकॉर्ड को ‘Shifted’ यानी दूसरी जगह चले गए व्यक्ति के तौर पर देखा गया. इसका मतलब यह है कि प्रशासन के मुताबिक कार्रवाई बिना किसी जांच के नहीं हुई थी, बल्कि पुराने पते पर किए गए सत्यापन के बाद रिकॉर्ड में बदलाव किया गया.