‘लोगों ने अपशब्द कहे…’, PM Modi का अपमान करने वालों पर भड़के अरुण गोविल, CJP के प्रदर्शन में पार हुईं थी सारी हदें
रामानंद सागर की रामायण में भगवान राम किरदार निभा चुके और बीजेपी सांसद अरुण गोविल ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने प्रदर्शन के दौरान पीएम के ख़िलाफ़ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वालों को लताड़ लगाई है.
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नीट पेपर लीक को लेकर CJP का प्रदर्शन भले ही अब समाप्त हो गया है, लेकिन प्रदर्शन के दौरान इस तरह से कई लोगों ने देश के प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ अपमानजनक और अभद्र टिपण्णियां की थी, उसे लेकर माहौल गर्माया हुआ है.
मोदी के अपमान पर भड़के अरुण गोविल
वहीं अब रामानंद सागर की रामायण में भगवान राम किरदार निभा चुके और बीजेपी सांसद अरुण गोविल ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने प्रदर्शन के दौरान पीएम के ख़िलाफ़ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वालों को लताड़ लगाई है.
अरुण गोविल ने विपक्ष पर कसा तंज
संसद के मानसून सत्र के दौरान शिक्षा और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. अरुण गोविल ने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने पर भी निशाना साधा है. बीजेपी सांसद अरुण गोविल ने आईएएनएस से कहा कि विपक्ष ने पहले चर्चा के लिए तैयार होने की बात कही थी लेकिन अब बार-बार अपने रुख से पीछे हट रहा है. उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं से जुड़ा यह विधेयक बेहद महत्वपूर्ण है और इस पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए.
अरुण गोविल ने लोगों से क्या अपील की?
अरुण गोविल ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने युवाओं के हित में कई ठोस कदम उठाए हैं. उन्होंने युवाओं से राजनीति से दूर रहने और अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार पर भरोसा रखने की अपील करते हुए कहा कि सरकार का दृष्टिकोण सकारात्मक है.
‘आखिर वो क्यों बार-बार अपनी बात से हट जाते हैं’
अरुण गोविल ने कहा, "विपक्ष ने कहा था कि वे अब चर्चा के लिए तैयार हैं. मैं यह नहीं जानता कि आखिर वे क्यों बार-बार अपनी बात से हट जाते हैं. यह बिल छात्रों और युवाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. उन्हें चर्चा करनी चाहिए और सरकार ने युवाओं के लिए बहुत ठोस कदम उठाए हैं.
‘जिस तरह के लोगों ने अपशब्द कहे हैं वो…’
एक्टर ने आगे कहा, “मैं युवाओं से कहना चाहता हूं कि राजनीति में न पड़ें और आपकी जो भी परेशानियां हैं उनका समाधान होगा. सरकार नकारात्मक नहीं सकारात्मक है. वो सिर्फ पॉलिटिकल एजेंडा और पॉलिटिकल लोगों के बहकावे में ना आए. अभी हमने देखा, जिस तरह के वीडियो आए, जिस तरह के लोगों ने अपशब्द कहे हैं, वो मुझे नहीं लगता की छात्रा तो वो नहीं करेंगे. तो दूसरे लोग आकर इस में जुड़ गए थे. छात्रों को इतना सावधान रहना चाहिए वो अपने मुद्दों तक सीमित रहें.”
क्यों हो रहा था विरोध प्रदर्शन?
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दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सदस्य परीक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे. प्रदर्शनकारी लगातार सामने आ रही परीक्षा संबंधी समस्याओं, जिसमें नीट-यूजी पेपर लीक जैसे मामले भी शामिल हैं, वहीं प्रदर्शनकारी लगातार अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी कर रहे थे, हालांकि अब शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा दे दिया है.