फ्री ऑनलाइन कोचिंग की घोषणा पर ‘फिजिक्सवाला’ ने की PM मोदी की तारीफ, लोगों ने क्यों कर दिया ट्रोल?
फिजिक्सवाला के फाउंडर अलख पांडे सरकार को बिना शर्त मुहिम में साथ देने की बात कही है, लेकिन लोगों ने उन्हें ही घेर लिया और वे सोशल मीडिया पर बुरी तरह ट्रोल होने लगे.
Follow Us:
लाल किले पर तिरंगा फहराते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं और छात्रों के लिए कई बड़े ऐलान किए. इसमें सबसे बड़ी घोषणा एक करोड़ युवाओं को AI स्किल्स ट्रेनिंग देने और गरीब, मिडिल क्लास अभ्यर्थियों को ऑनलाइन कोचिंग देना है. PM मोदी की इस पहल का सामाजिक कार्यकर्ताओं और शिक्षाविदों ने दिल खोलकर स्वागत किया है. इस लिस्ट में फिजिक्सवाला के फाउंडर अलख पांडे भी हैं. जिन्होंने बिना शर्त सरकार की इस मुहिम में साथ देने की बात कही है, लेकिन लोगों ने उन्हें ही घेर लिया और वे सोशल मीडिया पर बुरी तरह ट्रोल होने लगे.
अलख पांडे ने PM मोदी के ऐलान के बाद सोशल मीडिया X पर एक पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने कहा, भारत के हर बच्चे के लिए अच्छी शिक्षा मुफ्त होनी चाहिए. उन्होंने लिखा,
‘मैं सभी जरूरतमंद छात्रों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग के प्रधानमंत्री की घोषणा की सराहना करता हूं. मेरा हमेशा से मानना रहा है कि दूर-दराज के कस्बों और गांवों तक अच्छी शिक्षा पहुंचाने का एकमात्र जरिया ऑनलाइन माध्यम ही है.’
अलख पांडे ने आगे कहा, वे इसे जमीनी स्तर पर होते हुए देखना चाहते हैं, क्योंकि इसे लागू करना ही सबसे जरूरी हिस्सा है.
PM मोदी और BJP को किया टैग
फिजिक्सवाला के फाउंडर ने अपनी पोस्ट में PM मोदी और BJP को भी टैग किया. अलख पांडे ने लिखा, ‘मैं इस पहल के लिए सरकार को अपना बिना शर्त समर्थन देता हूं. इसके बदले मुझे कोई लाभ नहीं चाहिए. भारत के हर बच्चे के लिए अच्छी शिक्षा मुफ्त होनी चाहिए.’
I really appreciate Hon'ble Prime Minister's Promise about Free online Coaching for all needy students. I have always believed that online is the only way to make quality education accessible to remote towns and villages. I want to see this happening on ground coz execution is…
— Alakh Pandey (PhysicsWallah) (@PhysicswallahAP) August 15, 2026
क्यों ट्रोल हो रहे अलख पांडे?
अलख पांडे के ये पोस्ट करते ही कमेंट में लोगों ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया. लोगों ने उन्हें ट्रोल करते हुए उनके कोर्स की फीस, कोचिंग फीस और नेटवर्थ याद दिला दी. एक यूजर ने लिखा,
‘भारतीयों और Gen Z, Physicswallah और Allen जैसे संस्थानों से मुफ़्त शिक्षा के लिए एनरोल करें, क्योंकि ये संस्थान खून चूसने वाले जोंक की तरह हैं. सभी छात्रों के लिए मुफ़्त ऑनलाइन शिक्षा को संभव बनाकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार की पहल करने के लिए मोदी जी का धन्यवाद. भारत 2047 से पहले ही 'विकसित भारत' बन जाएगा.’
एक यूजर ने लिखा, अगर आप सच में लाखों छात्रों की मदद करना चाहते हैं, तो 'X' पर अपनी चिंताएं ज़ाहिर करने के बजाय ऑनलाइन कोचिंग में मदद के लिए शिक्षा मंत्रालय से संपर्क करना आपके लिए बेहतर होगा.
एक यूजर ने लिखा, सर, स्टूडेंट्स को बेवकूफ बनाना बंद कीजिए. अगर आपको सच में उनकी परवाह होती, तो बैच की वैलिडिटी तब तक रहती जब तक स्टूडेंट एग्जाम पास न कर ले. लेकिन नहीं- पैसा पहले आता है, पढ़ाई बाद में.
एक और कमेंट में लिखा गया है, ‘दोस्तों, आगे से फिजिक्सवाला पर फ़्री में एनरोल करें और जिन लोगों ने फ़ीस भरी है, वे कृपया रिफ़ंड की मांग करें. अलख को मुनाफ़ा नहीं चाहिए, चलो दोस्तों!
वहीं, कुछ लोगों ने उन्हें नसीहत दी कि अगर सरकार का समर्थन ही कर रहे हो तो छात्रों के लिए फ्री सब्सक्रिप्शन शुरू कर दो.
एक यूजर ने अपना एक्सपीरियंस शेयर करते हुए लिखा, मेरे अपने अनुभव के आधार पर, मैंने साल शुरू होने से पहले ही लगभग 85% फीस भर दी थी और बाकी रकम जून में 5-6 दिन पहले देनी थी. सिर्फ़ 15% बची हुई रकम के लिए आपकी टीम ने ऐप का एक्सेस बंद कर दिया और अब आप पूरी तरह से मुफ़्त सपोर्ट देने की बात कर रहे हैं.
कितनी है अलख पांडे की नेटवर्थ?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एडटेक यूनिकॉर्न फाउंडर अलख पांडे ने 9 साल पहले यूट्यूब चैनल से शुरू किया था. अलख की कंपनी की वैल्यूएशन करीब 30 हजार करोड़ है. वहीं, खुद की नेटवर्थ 14,510 करोड़ है. 2025 की लिस्ट के मुताबिक, उनकी नेटवर्थ शाहरुख खान से भी ज्यादा है.
PM मोदी ने क्या ऐलान किया?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लालकिले की प्राचीर से 80वें स्वतंत्रता दिवस पर अपने भाषण के दौरान प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की घोषणा की.
यह भी पढ़ें- ‘धक्का-मुक्की, सीने में चोट…’, देवेंद्र महतो को झंडा फहराने से क्यों रोका गया? अस्पताल में धरने पर बैठे
यह भी पढ़ें
PM मोदी ने अपने संबोधन में कहा, ‘कोचिंग क्लासिस की स्पर्धा हमारे मध्यम वर्गीय परिवारों के सामने एक बहुत बड़ा बोझ बन चुका है. हर मां-बाप को लग रहा है कि कोचिंग क्लास में बच्चे को नहीं भेजा, तो हम प्रतिष्ठित परिवार नहीं हैं. इन गरीब और मिडिल क्लास परिवारों की हम चिंता करते हुए हजारों-करोड़ रुपए का उनका खर्च है, वो भी बचे, बेटे भी अपने आसपास रह सके, उनकी देखभाल हो सके, परिवार पर आर्थिक बोझ न आए और इसलिए हमने युवाओं के लिए हमने विभिन्न परीक्षाओं की फ्री ऑनलाइन कोचिंग करने का निर्णय किया है.’