अब 9वीं में ही मिलेगी करियर की सही दिशा, IIT लेकर आया ‘स्कूल कनेक्ट’
School Connect: 'स्कूल कनेक्ट’ के तहत विद्यार्थियों को 17 भविष्य-केंद्रित विषयों से परिचित कराया जाता है. इनमें कई ऐसे क्षेत्र हैं जिनके बारे में स्कूल स्तर पर छात्रों को आमतौर पर बहुत कम जानकारी मिलती है
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आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान स्कूली छात्रों को भविष्य का करियर और पढ़ाई की दिशा चुनने में मदद करेंगे. ये संस्थान छात्रों को उनके भविष्य से जुड़े अलग-अलग क्षेत्रों से परिचित कराएंग. इसी उद्देश्य से देश के नंबर वन उच्च शिक्षण संस्थान ‘आईआईटी मद्रास’ ने ‘स्कूल कनेक्ट’ कार्यक्रम के आवेदन लेना शुरू कर दिया है.
पहली बार 9वीं के छात्र भी होंगे शामिल
खास बात यह है कि यहां पहली बार 9वीं कक्षा के छात्रों को भी कार्यक्रम में शामिल किया जा रहा है.‘स्कूल कनेक्ट’ के तहत विद्यार्थियों को 17 भविष्य-केंद्रित विषयों से परिचित कराया जाता है. इनमें कई ऐसे क्षेत्र हैं जिनके बारे में स्कूल स्तर पर छात्रों को आमतौर पर बहुत कम जानकारी मिलती है. इनमें डेटा साइंस और एआई, एयरोस्पेस, साइबर सुरक्षा, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम, रासायनिक इंजीनियरिंग, आणविक इंजीनियरिंग, वास्तुकला और डिजाइन, उत्पाद डिजाइन, कानून, अर्थशास्त्र और वित्त, गेम प्रौद्योगिकी, गणित और कंप्यूटिंग व इंजीनियरिंग जैविक प्रणालियां आदि शामिल हैं.
पारंपरिक करियर से आगे बढ़कर मिलेंगे नए विकल्प
इस तरह छात्र केवल पारंपरिक विकल्पों जैसे डॉक्टर, इंजीनियर या सरकारी अधिकारी बनने की जानकारी तक सीमित नहीं रहते, बल्कि उन्हें तकनीक, डिजाइन, कानून, वित्त, जैव-विज्ञान और मानविकी जैसे तेजी से बदलते क्षेत्रों की भी जानकारी मिलती है. आईआईटी मद्रास का मानना है कि विद्यार्थियों को 11वीं कक्षा में विषय या स्ट्रीम चुनने से ठीक पहले नहीं, बल्कि उससे काफी पहले यह समझने का मौका मिलना चाहिए. छात्रों को यह अवसर मिलना चाहिए कि उनकी रुचि किन क्षेत्रों में है और भविष्य में उनके सामने करियर के कौन-कौन से विकल्प मौजूद हैं.
9वीं से 12वीं तक के छात्र ले सकेंगे हिस्सा
आईआईटी के अक्टूबर 2026 सत्र में 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थी भाग ले सकते हैं. इसके लिए आवेदन की अंतिम तारीख 30 सितंबर है, जबकि यह पाठ्यक्रम 5 अक्टूबर से शुरू होंगे. कार्यक्रम को आईआईटी मद्रास के सेंटर फॉर आउटरीच एंड डिजिटल एजुकेशन (कोड) के माध्यम से संचालित किया जा रहा है. प्रत्येक पाठ्यक्रम 8 सप्ताह का ऑनलाइन सीखने का कार्यक्रम है.
ऑनलाइन पढ़ाई के साथ मिलेगा ई-प्रमाणपत्र
इसमें रिकॉर्ड किए गए व्याख्यानों के साथ-साथ सीधे संवाद वाले सत्र, अभ्यास कार्य और कंप्यूटर आधारित मूल्यांकन शामिल हैं. जो विद्यार्थी निर्धारित आवश्यकताओं को पूरा करते हैं, उन्हें आईआईटी मद्रास कोड की ओर से आधिकारिक ई-प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा. यानी छात्रों को एक ओर देश के प्रतिष्ठित संस्थान के शिक्षकों से सीखने का अवसर मिलेगा, वहीं दूसरी ओर उन्हें अपने भविष्य के विकल्पों को समझने का व्यावहारिक अनुभव भी मिलेगा. आईआईटी मद्रास के अनुसार, ‘स्कूल कनेक्ट’ कार्यक्रम की शुरुआत के बाद से अब तक 4,900 से अधिक स्कूल इससे जुड़ चुके हैं.
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1.75 लाख से अधिक छात्र हो चुके हैं लाभान्वित
इनमें भारत के बाहर के 60 से अधिक स्कूल भी शामिल हैं. कार्यक्रम से अब तक 1.75 लाख से अधिक छात्र लाभान्वित हो चुके हैं. अब आईआईटी मद्रास ने इस पहल को बड़े स्तर पर ले जाने का लक्ष्य तय किया है. संस्थान आने वाले वर्षों में इसे देशभर के 25,000 स्कूलों तक पहुंचाना चाहता है. इस पहल का उद्देश्य केवल छात्रों को किसी एक विषय की जानकारी देना नहीं है. यहां अलग-अलग उभरते क्षेत्रों का अनुभव देकर यह समझने में मदद की जाएगी है कि छात्रों को किस तरह का काम पसंद आ सकता है और आगे किस डिग्री या करियर का चुनाव किया जा सकता है.
हिंदी में भी उपलब्ध हैं पाठ्यक्रम
कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसके पाठ्यक्रम अंग्रेजी के साथ हिंदी में भी उपलब्ध हैं. यानी भाषा छात्रों के लिए सीखने में बाधा न बने, इसका विशेष ध्यान रखा गया है. आईआईटी मद्रास अब इन पाठ्यक्रमों को 7 और क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम कर रहा है. आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर एंड्रयू थंगराज ने बताया कि ‘स्कूल कनेक्ट’ इस सोच के साथ बनाया गया है कि छात्रों को महत्वपूर्ण शैक्षणिक फैसले लेने से पहले अलग-अलग क्षेत्रों को देखने, समझने और अनुभव करने का अवसर मिले.
9वीं से ही करियर की समझ बनाने पर जोर
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उन्होंने कहा कि इस साल 9वीं कक्षा को कार्यक्रम में शामिल किए जाने को लेकर संस्थान विशेष रूप से उत्साहित है. उनके अनुसार, जितनी जल्दी छात्रों को अलग-अलग क्षेत्रों का परिचय मिलेगा, उतना ही अधिक समय उन्हें अपनी रुचि पहचानने और सोच-समझकर निर्णय लेने के लिए मिलेगा. इस कार्यक्रम का सबसे बड़ा फायदा 9वीं और 10वीं के छात्रों को हो सकता है.
अक्सर 10वीं के बाद छात्र विज्ञान, वाणिज्य या मानविकी में से कोई एक स्ट्रीम चुनते हैं, लेकिन उस समय उन्हें यह पूरी तरह पता नहीं होता कि आगे इन विषयों से जुड़े करियर कितने अलग-अलग हो सकते हैं. ‘स्कूल कनेक्ट’ उन्हें पहले ही इन क्षेत्रों की झलक देता है. इससे छात्र अपनी रुचि के अनुसार 11वीं-12वीं में विषयों का समूह चुनने के बारे में बेहतर निर्णय ले सकते हैं.वहीं 11वीं और 12वीं के छात्रों के लिए अलग-अलग क्षेत्रों की जानकारी आगे सही डिग्री और करियर का रास्ता चुनने में मदद कर सकती है.