छोटी EV लाने की तैयारी में मारुति! पहले देशभर में बिछाएगी चार्जिंग का जाल
Maruti Suzuki: कंपनी की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO हिसाशी ताकेउची ने बताया कि जैसे-जैसे भारत में चार्जिंग की सुविधा बेहतर होगी, वैसे-वैसे कंपनी अपनी छोटी इलेक्ट्रिक कारों को बाजार में लाने की दिशा मे आगे बढ़ेगी.
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Maruti Suzuki भारत में छोटी इलेक्ट्रिक कारों को लॉन्च करने की तैयारी कर रही , हालांकि, कंपनी नई ईवी बाजार में उतारने से पहले देश में चार्जिंग नेटवर्क को मजबूत करना चाहती है. कंपनी की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO हिसाशी ताकेउची ने बताया कि जैसे-जैसे भारत में चार्जिंग की सुविधा बेहतर होगी, वैसे-वैसे कंपनी अपनी छोटी इलेक्ट्रिक कारों को बाजार में लाने की दिशा मे आगे बढ़ेगी.,,फिलहाल मारुति के पास भारत में सिर्फ e Vitara इलेक्ट्रिक कार है, जबकि टाटा मोटर्स और एमजी मोटर जैसी कंपनियां छोटे इलेक्ट्रिक मॉडल पहले से बेच रही हैं...
चार्जिंग नेटवर्क पर खास फोकस
ईवी खरीदने वाले लोगो के लिए सबसे बड़ी चिंता अक्सर चार्जिंग को लेकर होती है. इसी वजह से मारुति अभी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर काफी ध्यान दे रही है. कंपनी ने 13 चार्ज-पॉइंट ऑपरेटरों के साथ साझेदारी की है और 1,100 से ज्यादा शहरों में 2,000 से अधिक एक्सक्लूसिव चार्जिंग पॉइंट्स लगाए है. कंपनी की योजना देश के टॉप 100 शहरों में हर 5 से 10 किलोमीटर के अंतर पर चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध कराने की है. इसके साथ ही हाईवे और एक्सप्रेसवे पर भी चार्जिंग सुविधा बढ़ाई जा रही है.
2030 तक 1 लाख चार्जिंग पॉइंट का लक्ष्य
मारुति का प्लान सिर्फ आज की जरूरत तक सीमित नहीं है. कपनी 2030 तक पूरे देश में 1 लाख से ज्यादा चार्जिंग पॉइंट्स का नेटवर्क तैयार करने का लक्ष्य लेकर चल रही है. अगर यह योजना बड़े स्तर पर सफल होती है, तो EV खरीदने वाले ग्राहकों को लंबी दूरी की यात्रा के दौरान चार्जिंग को लेकर पहले की तुलना में काफी कम परेशानी हो सकती है.
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EV एक्सपोर्ट में भी मारुति आगे
मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) का इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) प्लान सिर्फ भारतीय बाजार तक सीमित नही है. कंपनी भारत में बनी गाड़ियों को विदेशो में भी भेजती है. भारत से होने वाले कुल EV एक्सपोर्ट में मारुति की हिस्सेदारी करीब 90 फीसदी बताई गई है, कंपनी लगभग 120 देशों में अपनी गाड़ियां निर्यात करती है. पिछले साल उसने पेट्रोल, सीएनजी और इलेक्ट्रिक समेत 4.4 लाख से ज्यादा गाड़ियां विदेश भेजीं. जापान अब कंपनी के लिए दूसरा सबसे बड़ा बाजार बन चुका है, जबकि यूरोप में भी मारुति ने इलेक्ट्रिक कारों का निर्यात शुरू किया है.
पेट्रोल, CNG और हाइब्रिड को भी नहीं छोड़ेगी कंपनी
मारुति का फोकस भले ही इलेक्ट्रिक कारों पर बढ़ रहा हो, लेकिन कंपनी पेट्रोल, सीएनजी और हाइब्रिड गाड़ियों को नजरअंदाज नहीं करेगी. कंपनी अपने नए प्लांट इस तरह तैयार कर रही है कि जरूरत के मुताबिक एक ही असेंबली लाइन पर EV, हाइब्रिड, CNG और पेट्रोल कारों का उत्पादन किया जा सके. इसका फायदा यह होगा कि बाजार में जिस तरह की कारों की मांग बढ़ेगी, कंपनी उसी हिसाब से उत्पादन को तेजी से बदल सकेगी.
मारुति के पास हर सेगमेंट में कारें
फिलहाल मारुति के पोर्टफोलियो में हैचबैक से लेकर SUV और MPV तक कई मॉडल मौजूद हैं. Maruti Suzuki Wagon R, Maruti Suzuki Swift, Maruti Suzuki Dzire, Maruti Suzuki Baleno, Maruti Suzuki Fronx और Maruti Suzuki Ertiga जैसी कारें ग्राहकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं. अब कंपनी की नजर इलेक्ट्रिक कारों के बाजार में अपनी मजबूत मौजूदगी बनाने पर है.
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