इस एक्सप्रेसवे पर भूलकर भी न बजाएं हॉर्न, वरना लगेगा भारी जुर्माना, चालान से बचने के लिए पढ़ें नियम
Expressway Horn Rules: जितना यह एक्सप्रेसवे सुविधाजनक हैं, उतना ही यहां नियमो का पालन करना भी जरुरी हैं. जरा सी लापरवाही न सिर्फ आपकी यात्रा ख़राब कर सकती हैं, बल्कि भारी जुर्माना भी लग सकता हैं.
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Car Drive New Rules: दिल्ली से देहरादून का सफर अब पहले से कहीं ज्यादा तेज और आरामदायक हो गया हैं. नया दिल्ली -देहरादून एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद लोग कुछ ही घंटों में पहाड़ों की ठंडी हवा तक पहुंच पा रहे हैं. जहां पहले 6 -7 घंटे लग जाते थे , अब वही दूरी काफी कम समय में तय हो जाती हैं. लेकिन जितना यह एक्सप्रेसवे सुविधाजनक हैं, उतना ही यहां नियमो का पालन करना भी जरुरी हैं. जरा सी लापरवाही न सिर्फ आपकी यात्रा ख़राब कर सकती हैं, बल्कि भारी जुर्माना भी लग सकता हैं.
बीच रास्ते रुकना या यू-टर्न लेना सख्त मना
इस एक्सप्रेसवे पर सबसे अहम बात यह है कि आप कहीं भी बीच सड़क पर गाड़ी नहीं रोक सकते. न ही अचानक यू-टर्न लेने की अनुमति है. यात्रा शुरू करने से पहले ही आपको अपना एंट्री और एग्जिट पॉइंट तय करना होगा, क्योंकि बीच में रास्ता बदलना आसान नहीं है. अगर कोई ऐसा करता पकड़ा जाता है, तो चालान तय है.
जंगल वाले हिस्से में हॉर्न बजाना नहीं है सुरक्षित
इस एक्सप्रेसवे का एक हिस्सा जंगल और वन्यजीव क्षेत्र से होकर गुजरता है. ऐसे में यहां हॉर्न बजाना सिर्फ नियम का उल्लंघन नहीं है, बल्कि जानवरों के लिए भी खतरा बन सकता है. जरूरत न हो तो हॉर्न का इस्तेमाल न करें, वरना जुर्माना भी लग सकता है.
कुछ वाहनों को नहीं मिलती एंट्री
सुरक्षा और ट्रैफिक को ध्यान में रखते हुए इस एक्सप्रेसवे पर बाइक, ट्रैक्टर, ऑटो और धीमी गति वाले वाहनों को अनुमति नहीं है. इसका मकसद सिर्फ इतना है कि हाई-स्पीड ट्रैफिक बिना रुकावट और सुरक्षित तरीके से चलता रहे.
रात में ड्राइविंग करते समय सावधानी जरूरी
अगर आप रात में सफर कर रहे हैं तो हेडलाइट को लो बीम पर रखना बेहतर होता है. इससे सामने से आने वाले ड्राइवर को परेशानी नहीं होती और हादसे की संभावना भी कम हो जाती है .छोटी-छोटी सावधानियां यहां बड़े हादसों को रोक सकती हैं.
कैमरों की नजर हर जगह
पूरे एक्सप्रेसवे पर जगह-जगह कैमरे लगाए गए हैं, जो हर गाड़ी की निगरानी करते हैं. अगर कोई नियम तोड़ता है, तो वह सीधे कैमरे में रिकॉर्ड हो जाता है और चालान अपने आप बनकर पहुंच सकता है.
स्पीड और लेन का सही इस्तेमाल जरूरी
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इस एक्सप्रेसवे पर स्पीड लिमिट तय की गई है. न बहुत तेज और न बहुत धीमी रफ्तार, दोनों ही खतरनाक हो सकते हैं.लेन सिस्टम भी साफ रखा गया है, बाईं लेन भारी वाहनों के लिए, बीच वाली सामान्य ट्रैफिक के लिए और दाईं लेन ओवरटेक के लिए है. इसका पालन न करने पर हादसों का खतरा बढ़ जाता है.
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