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सड़क पर भरा पानी तो भूलकर भी न करें ये गलती, वरना Engine हो जाएगा सीज

Car Engine: कई जगहों पर सड़कों पर पानी भर गया है और अब गंगा एक्सप्रेसवे भी इससे अछूता नहीं रहा. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा पर काफी पानी भरा नजर आ रहा है, जहां वाहन चालकों को पानी के बीच से ही गाड़ियां निकालनी पड़ रही हैं. ऐसे हालात में थोड़ी सी जल्दबाजी या लापरवाही आपकी लाखों रुपये की कार के इंजन पर भारी पड़ सकती है.

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01 Sep 2026
( Updated: 01 Sep 2026
04:38 PM )
सड़क पर भरा पानी तो भूलकर भी न करें ये गलती, वरना Engine हो जाएगा सीज
Image Source: Canva (Representative Image)
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इन दिनों उत्तर प्रदेश के कई जिलों में लगातार हो रही बारिश से हालात बिगड़ गए हैं. कई जगहों पर सड़कों पर पानी भर गया है और अब गंगा एक्सप्रेसवे भी इससे अछूता नहीं रहा. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा पर काफी पानी भरा नजर आ रहा है, जहां वाहन चालकों को पानी के बीच से ही गाड़ियां निकालनी पड़ रही हैं. ऐसे हालात में थोड़ी सी जल्दबाजी या लापरवाही आपकी लाखों रुपये की कार के इंजन पर भारी पड़ सकती है. खासतौर पर जलभराव वाली सड़क पर कार चलाते समय हाइड्रोलॉक का खतरा बढ़ जाता है, जिससे इंजन को बड़ा नुकसान हो सकता है.

पानी में बंद हो जाए कार तो दोबारा स्टार्ट न करे

जलभराव वाली सड़क पर सबसे जरूरी बात यह है कि अगर आपकी कार अचानक बंद हो जाए तो उसे दोबारा स्टार्ट करने की कोशिश बिल्कुल न करें. जब पानी कार के एयर इंटेक के रास्ते इंजन के अंदर पहुंच जाता है, तो इंजन के कंबशन चैंबर में पानी भर सकता है. पानी आसानी से दबता नहीं है, ऐसे में पिस्टन की सामान्य मूवमेंट रुक जाती है और इंजन सीज हो सकता है. इसी स्थिति को हाइड्रोलॉक कहा जाता है. इसे ठीक कराने में हजारो से लेकर लाखों रुपये तक का खर्च आ सकता है. इसलिए ऐसी स्थिति में कार को दोबारा स्टार्ट करने के बजाय इग्निशन बंद करें, गाड़ी को न्यूट्रल में डालें और सुरक्षित जगह पर ले जाने के लिए मदद लें.

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मजबूरी में पानी से गुजरना पड़े तो रखें धीमी रफ्तार

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अगर सड़क पर पानी कम है और आगे जाना बेहद जरूरी है, तो कार को धीमी रफ्तार में चलाएं. कोशिश करें कि गाड़ी को पहले गियर में रखें और अचानक तेज एक्सीलेटर या ब्रेक का इस्तेमाल न करें, पानी के बीच लगातार और नियंत्रित रफ्तार बनाए रखना बेहतर होता है. सामने चल रही गाड़ी से भी पर्याप्त दूरी रखें, क्योंकि उसके गुजरने से पानी की लहर आपकी कार के इंजन तक पहुंच सकती है. अगर पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा हो या आपको सड़क की गहराई का अंदाजा न हो, तो जोखिम लेने के बजाय वहीं रुकना सबसे सुरक्षित फैसला है.

मानसून में इंजन प्रोटेक्शन कवर है जरूरी

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बारिश के मौसम में कार मालिकों को अपने इंश्योरेंस की जानकारी भी जरूर जांच लेनी चाहिए. सामान्य कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस में पानी घुसने से इंजन को हुए नुकसान का कवरेज हर स्थिति में शामिल नहीं होता. ऐसे में इंजन प्रोटेक्शन कवर एक उपयोगी एड-ऑन हो सकता है. इसके अलावा बारिश में लंबी यात्रा पर निकलने से पहले मौसम और रास्ते में जलभराव की स्थिति की जानकारी जरूर लें. याद रखें, कुछ मिनट बचाने की कोशिश में इंजन को नुकसान पहुंचा तो आपकी जेब पर बड़ा बोझ पड़ सकता है.

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