अफगानिस्तान के लिए ढाल बना भारत! दुनिया के सामने पाकिस्तान को लगाई फटकार, पढ़ाया इस्लाम का असली पाठ
संयुक्त राष्ट्र (UN) में भारत ने अफगानिस्तान के प्रति अपनी मानवीय प्रतिबद्धता दोहराते हुए, पाकिस्तान को आतंकवाद का पनाहगार बताकर कड़ी फटकार लगाई है. जानिए भारत ने क्या कहा?
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रमजान का महीना चल रहा है और पाकिस्तान, अफगानिस्तान पर गोले-बारूद बरसा रहा है. पाकिस्तानी हमले में अब तक जितने अफगानी नागरिकों की जान गई है, उनमें 55 प्रतिशत केवल महिलाएं और बच्चे हैं. रमजान के इस पाक महीने में जिस तरह से पाकिस्तान अफगानी महिलाओं और बच्चों की हत्याएं कर रहा है, इसका भारत ने कड़ा विरोध किया है और संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए उसे मानवता और इस्लामिक सिद्धांतों का पाठ पढ़ाया है.
Delivered India’s statement at the UNSC meeting on the situation in Afghanistan. Made the following 1️⃣0️⃣ points:
— Parvathaneni Harish (@AmbHarishP) March 10, 2026
1️⃣India’s history of close ties with contiguous neighbour, Afghanistan, guides us today, in a situation when the proud Afghan people need world’s assistance.
2️⃣With… pic.twitter.com/QJFmaxqrlp
पाकिस्तान के दोहरे मापदंडों का पर्दाफाश!
संयुक्त राष्ट्र (UN) में अफगानिस्तान का साथ मजबूते से देते हुए भारत ने पाकिस्तान को खरी-खोटी सुनाई और कहा कि एक तरफ ‘इस्लामिक एकजुटता’ के ऊंचे सिद्धांतों की बात करना और दूसरी तरफ रमजान के पवित्र महीने में इस तरह बेरहमी से एयर स्ट्राइक करना, पाकिस्तान के दोहरे मापदंडों का दर्शाता है.
भारत ने पाकिस्तान को पढ़ाया इस्लाम का पाठ
भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कहा, “एक तरफ अंतरराष्ट्रीय कानून और इस्लामिक एकता के ऊंचे सिद्धांतों की बात करना और दूसरी तरफ रमजान के पवित्र महीने में बेरहमी से एयर स्ट्राइक करना दोहरे मापदंड को दिखाता है”. उन्होंने कहा कि इन हमलों में "6 मार्च 2026 तक 185 बेगुनाह आम लोग मारे गए हैं, जिनमें से लगभग 55 फीसदी महिलाएं और बच्चे हैं”. उन्होंने कहा, “भारत अफगान इलाके पर एयरस्ट्राइक की कड़ी निंदा करता है, जो इंटरनेशनल कानून और यूएन चार्टर और देश की संप्रभुता के सिद्धांत का खुला उल्लंघन है”.
भारत ने UN में पाकिस्तान की लगाई क्लास, अफगानिस्तान का दिया साथ
इस दौरान भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश ने पाकिस्तान का नाम नहीं लिया, लेकिन डिप्लोमैटिक तरीके से कही गई बातें साफ थीं कि वे किसके खिलाफ थीं. पाकिस्तान ने दावा किया है कि वह अफगानिस्तान पर हमला इसलिए कर रहा है क्योंकि वह अपने इलाके से आतंकवादियों को काम करने दे रहा था. हालांकि, हरीश ने बताया कि पाकिस्तान ही पड़ोसियों पर हमला करने के लिए आतंकवादी समूहों का इस्तेमाल प्रॉक्सी के तौर पर कर रहा है. उन्होंने कहा, "आतंकवाद पूरी दुनिया के लिए संकट बनी हुई है जो इंसानियत को परेशान कर रही है, और सिर्फ अंतरराष्ट्रीय समुदाय की मिलकर की गई कोशिशों से ही यह सुनिश्चित होगा कि इस्लामिक स्टेट आईएसआईएल और अलकायदा और उनके साथी, जिनमें लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद और एलईटी के प्रॉक्सी जैसे द रेजिस्टेंस फ्रंट शामिल हैं और जो लोग उनके ऑपरेशन में मदद करते हैं, वे अब क्रॉस-बॉर्डर टेररिज्म में शामिल न हों”.
पहलगाम आतंकी हमले में 26 की मौत
आपको बता दें, इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड लेवेंट (ISIL) एक चरमपंथी आतंकवादी समूह है जो मध्य पूर्व के बड़े क्षेत्र सीरिया, लेबनान, जॉर्डन और इजरायल-फिलिस्तीन में काफी सक्रिय है. द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने अप्रैल 2025 में पहलगाम में धर्म से प्रेरित आतंकवादी हमला किया, जिसमें 26 लोग मारे गए. अफगानिस्तान के लिए यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के उप-विशेष प्रतिनिधि, जॉर्जेट गैग्नन ने कहा, “पाकिस्तान के साथ लड़ाई की इंसानी और आर्थिक कीमत बहुत ज्यादा चुकानी पड़ी है”.
ईरान और पाकिस्तान मार्ग बंद होने से बढ़ी मुश्किलें
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उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के साथ अपनी सीमा बंद कर दी है, इसलिए व्यापार का एकमात्र रास्ता ईरान से होकर जाता है, जो युद्ध की वजह से रुक गया है. इस वजह से जरूरी चीजों की कीमतें बढ़ने लगी हैं, जिससे “अफगानिस्तान की पहले से ही कमजोर अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है”. उन्होंने कहा, “इस इलाके में, अफगानिस्तान के दोनों सबसे लंबे बॉर्डर पर अस्थिरता अफगानिस्तान की स्थिरता को कमजोर कर रही है”.
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