ईरान की लाइफलाइन पर होगा ट्रंप का अगला वार… हो जाएगा वेनेजुएला जैसा हाल! अमेरिकी राष्ट्रपति ने खुद किया कबूल
ट्रंप ने कहा, ‘ईरान के तेल और गैस बाजारों पर अमेरिका का पूरा कंट्रोल होगा. ठीक वैसे ही जैसे वे वेनेजुएला के मामले में कर चुके हैं.'
Follow Us:
ईरान और अमेरिका के बीच जंग का दूसरा पार्ट नेक्स्ट लेवल पर पहुंच गया है. अमेरिका ने साफ कर दिया है इस बार ईरान पर अटैक और भी तगड़ा होगा. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के लिए आने वाला समय और भी भारी होने वाला है. इस हमले के जरिए ट्रंप ईरान के सबसे बड़े ऑयल एक्सपोर्ट सेंटर खार्ग आइलैंड पर कब्जा करेंगे.
डोनाल्ड ट्रंप ने ने ट्रूथ सोशल अकाउंट पर एक पोस्ट किया है. जिसमें उन्होंने ईरान के तेल ठिकानों को लेकर अपना लालच जाहिर कर दिया है. ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा-
‘अमेरिका आज रात ईरान पर बहुत ही भीषण और घातक हमला करने जा रहा है, जिसकी नौसेना, वायुसेना, राडार, एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम और बाकी सभी डिफेंस सिस्टम उनके ज्यादातर हथियारों के साथ पहले ही पूरी तरह तबाह हो चुकी हैं.’
ट्रंप ने यह भी बताया कि आने वाले कुछ ही समय में अमेरिका ईरान के खार्ग द्वीप और उनके अन्य तेल से जुड़े बुनियादी ढांचों पर पूरी तरह कब्जा कर लेगा.’
ये बिल्कुल वैसे ही होगा, जैसा अमेरिका ने वेनेजुएला के साथ किया था. इसका जिक्र खुद ट्रंप ने करते हुए कहा, ‘ईरान के तेल और गैस बाजारों पर अमेरिका का पूरा कंट्रोल होगा. ठीक वैसे ही जैसे वे वेनेजुएला के मामले में कर चुके हैं, जो कि वेनेजुएला और अमेरिका दोनों के लिए ही बेहद शानदार साबित हो रहा है’.
ट्रंप के इस कबूलनामे से जाहिर होता है कि वह अभी तक न्यूक्लियर टेस्टिंग के नाम पर जंग का मुखौटा बने हुए थे. जबकि असली वजह तो ईरान के तेल ठिकाने थे. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पहली बार अपना इरादा जाहिर किया. वह साफ कर चुके हैं कि ईरान के साथ वो ही होगा , जो वेनेजुएला के साथ हुआ है. अमेरिका न केवल खार्ग द्वीप बल्कि ईरान के अन्य अहम तेल-गैस ठिकानों पर भी कब्जा करेगा. खार्ग आइलैंड को ईरान के तेल निर्यात का सबसे बड़ा सेंटर माना जाता है.
ईरान के लिए कितना अहम है खार्ग?
अमेरिका की इस चेतावनी के बाद ईरान का चिंता में आना लाजिम है. क्योंकि खार्ग आइलैंड ईरान की लाइफलाइन के समान है. जिस पर पूरे ईरान की अर्थव्यवस्था टिकी है. अपने कुल कच्चे तेल का लगभग 90% हिस्सा अकेले इसी द्वीप पर बने टर्मिनल के जरिए पूरी दुनिया में एक्सपोर्ट करता है. यह ईरान के लिए कच्चे तेल की सप्लाई से कमाई पाने का चौबीसों घंटे खुला रहने वाला रास्ता है. खार्ग द्वीप पर हमला मतलब ईरान का पूरा तेल बाजार ठप. अमेरिकी हमले ईरान को कंगाल कर सकते हैं.
अमेरिका-ईरान के बीच फिर शुरू हुई जंग
यह भी पढ़ें
दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की तमाम गुंजाइश खत्म हो गई है. अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर एक बार फिर बड़े पैमाने स्ट्राइक की है. इसमें मिसाइलों से अटैक किया गया. दोबारा हुई इस जंग को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि तेहरान परमाणु समझौते पर बातचीत में जरूरत से ज्यादा देरी कर रहा है, इसलिए दबाव बढ़ाना जरूरी हो गया है.