'वतन या कफन...ना आजाद, ना विवादित, सिर्फ अवैध कब्जा...', PoJK में प्रदर्शनकारियों ने बजाई PAK फौज की ईंट से ईंट
PoJK में हालात तनावपूर्ण होते जा रहे हैं. करीब 36 दिन से जारी प्रदर्शन में जेएएसी नेताओं ने इस्लामाबाद के 'फेक नैरेटिव' पर प्रहार किया है और दो टूक कह दिया है PoJK ना आजाद है, ना विवादित है, बल्कि पाक फौज के अवैध कब्जे वाला इलाका है.
Follow Us:
पाकिस्तान अधिकृत जम्मू और कश्मीर (PoJK) में बढ़ता असंतोष लगातार 36वें दिन भी जारी रहा। मंगलवार को रावलाकोट में हजारों लोग जुटे, जहां जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के नेता सरदार अम्मान खान ने पाकिस्तान पर क्षेत्र पर "जबरन कब्जा" करने का आरोप लगाया और इस इलाके को लेकर इस्लामाबाद के लंबे समय से चले आ रहे 'फेक नैरेटिव' (फर्जी दावे) को खारिज किया.
'POK आजाद, विवादित नहीं, पाक फौज के कब्जे वाला इलाका'
सभा को संबोधित करते हुए खान ने पीओके को "विवादित क्षेत्र" कहे जाने का विरोध करते हुए कहा, "यह कोई विवादित क्षेत्र नहीं है; यह एक कब्जे वाला क्षेत्र है। इस पर जबरन कब्जा किया गया है।" उन्होंने कहा कि यह आंदोलन "जीत" हासिल होने तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करते रहेंगे, भले ही इसके लिए उन्हें अपनी जान क्यों न गंवानी पड़े।
रावलाकोट में हुई विशाल सभा में पाकिस्तान सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उन्हें सफलता नहीं मिल जाती इस बीच, यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (यूकेपीएनपी) ने बुधवार को पीओके में जारी प्रदर्शनों के दौरान पाकिस्तानी सुरक्षाबलों द्वारा सात नागरिकों की कथित हत्या की कड़ी निंदा की।
पाक फौज-रेंजर्स की गोलीबारी में 7 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों की मौत
अंग्रेजी दैनिक डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, रावलाकोट में बढ़ते सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़पों के दौरान गोलीबारी में सात और नागरिकों की मौत हुई. यूकेपीएनपी ने इन मौतों, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित बल प्रयोग, जबरन गायब किए जाने, मनमानी गिरफ्तारियों, डराने-धमकाने और नागरिकों पर लगाए गए प्रतिबंधों की "स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच" की मांग की।
पार्टी ने पाकिस्तान सरकार से शांतिपूर्ण नागरिकों के खिलाफ अत्यधिक और घातक बल के इस्तेमाल को तुरंत रोकने, कथित अवैध हत्याओं, मनमानी गिरफ्तारियों और जबरन गायब करने की घटनाओं पर रोक लगाने तथा सभी हिरासत में लिए गए लोगों को सक्षम अदालतों के सामने पेश कर उचित कानूनी प्रक्रिया सुनिश्चित करने की अपील की। यूकेपीएनपी ने अधिकारियों से खाद्य सामग्री, दवाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और मानवीय सहायता तक निर्बाध पहुंच बहाल करने, संचार प्रतिबंध हटाने और क्षेत्र में लोगों की आवाजाही की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की भी मांग की।
पार्टी ने संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ, ब्रिटेन, अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पीओके में एक स्वतंत्र फैक्ट-चेक मिशन भेजने, कथित मानवाधिकार उल्लंघनों और मौतों की निष्पक्ष जांच कराने तथा जमीनी स्थिति की निगरानी करने की अपील की।
"ये (POK) विवादित क्षेत्र नहीं है...मुतनजा इलाका नहीं है.. ये 'मकबूजा' इलाका है...इस पर कब्ज़ा है।"
— Keshav Kumar (@keshavjha25) July 15, 2026
एक हाथ में तस्बीह, दूसरे में माइक, सिर पर कफ़न...JAAC के नेता सरदार अम्मान खान ने बजाई पाक फौज की ईंट से ईंट.#JACC #SardarAmmanKhan #POJK #POK #PAKISTAN pic.twitter.com/NRF6aPNj7q
पीओके में जारी ये विरोध प्रदर्शन इस्लामाबाद के दशकों पुराने नियंत्रण को चुनौती के रूप में देखे जा रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कई लोगों की मौत और बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने का दावा किया गया है। वहीं, क्षेत्र में सख्त नाकेबंदी, कर्फ्यू और संचार प्रतिबंध जारी रहने की बात कही जा रही है।
पीओके में JAAC को मिटाना चाह रही PAK फौज
इसी बीच पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच दावा किया गया है कि पाकिस्तान के हुक्मरान, जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं, ताकि आंदोलन को समाप्त किया जा सके।
जेएएसी पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में कथित विफलता, बढ़ती महंगाई, राजनीतिक भेदभाव और प्रशासनिक उपेक्षा के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व कर रही है। संगठन ने अब तक सरकार और सुरक्षा प्रतिष्ठान की चेतावनियों के बावजूद अपने रुख में बदलाव नहीं किया है।
पाक सेना का धैर्य दे रहा जवाब, बर्बरियत पर उतरी
एक खुफिया अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि पाकिस्तान के सत्ता प्रतिष्ठान, विशेष रूप से सेना का धैर्य अब जवाब दे रहा है। अधिकारी के अनुसार, सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर आंदोलन को खत्म करने के पक्ष में हैं और सरकार पर भी प्रदर्शनकारियों की मांगों के आगे नहीं झुकने का दबाव बना रहे हैं।
سردار امان کشمیری
— Azad jamu Kashmir Updates (@Ajk_Updates_) July 14, 2026
13 جولائی کو دریک کے مقام پر
اظہار خیال کرتے ہوئے pic.twitter.com/xf4TzM1ju1
PoJK में प्रदर्शन को कुचलने के निर्देश
अधिकारी ने दावा किया कि मुनीर पहले भी सुरक्षा बलों के साथ बैठकों में आंदोलन को बलपूर्वक दबाने के निर्देश दे चुके हैं। उनके अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर इस मुद्दे को लेकर मचे बवाल के बाद हुक्मरान क्षेत्र में हालात सामान्य दिखाने के लिए प्रदर्शन को जल्द खत्म कराना चाहते हैं।
हालांकि, जेएएसी नेतृत्व ने कथित खतरे के बावजूद पीछे हटने से इनकार किया है। संगठन ने लोगों से कहा है कि वे किसी भी तरह के दबाव से डरें नहीं और आंदोलन को जारी रखें। नेताओं ने भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि अगर नेतृत्व के सभी लोग मारे भी जाते हैं, तो भी यह आंदोलन जनता का आंदोलन बनकर जारी रहना चाहिए।
आसिम मुनीर के निर्देश के बावजूद डटी जेएएसी
जेएएसी का कहना है कि उसका आंदोलन बढ़ती जीवन-यापन लागत, राजनीतिक भेदभाव, अल्पसंख्यकों के खिलाफ कथित अत्याचार और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ है। संगठन ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान सरकार जनता की समस्याओं का समाधान करने के बजाय असहमति को दबाने की कोशिश कर रही है।
भारत ने भी पीओके में कथित बल प्रयोग को लेकर चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि स्थानीय लोगों की जायज चिंताओं को दूर करने के बजाय पाकिस्तान ने पुलिस कार्रवाई, इंटरनेट प्रतिबंध, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में बाधा और निहत्थे नागरिकों के खिलाफ बल प्रयोग का सहारा लिया है।
पीओजेके में 36 दिन से प्रदर्शन जारी
इस बीच, जेएएसी की ओर से बड़े मार्च की घोषणा के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, इस मार्च में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हो सकते हैं। वहीं, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने नाकेबंदी कर रखी है और चेतावनी दी है कि इसे तोड़ने की कोशिश पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह भी पढ़ें
जेएएसी ने बुधवार को मुजफ्फराबाद तक मार्च जारी रखने का फैसला किया है। अधिकारियों का कहना है कि आंदोलन अब केवल मांगों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि धीरे-धीरे प्रतिरोध आंदोलन का रूप ले रहा है।