पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में आम लोगों के घरों पर गिराए बम, 11 बच्चों समेत 13 की ली जान, बर्बर हमले की चौतरफा निंदा
पाकिस्तान की सेना ने अफगानिस्तान के घरों पर एक बार फिर बम गिराए हैं. इस हमले में 11 बच्चों समेत 13 लोगों की मौत हो गई है. इससे पहले एक अस्पताल पर किए पाक फौज के बर्बर हमले में 400 से ज्यादा की मौत हो गई थी.
Follow Us:
पाकिस्तान का अफगानिस्तान में मासूम लोगों की जान लेने का सिलसिला जारी है. पहले एक अस्पताल बम मारकर 400 से ज्यादा लोगों की जान ले लगी गई और एक बार फिर निर्दोष लोगों को निशाना बनाया गया है. अफगानिस्तान के कुनार, खोस्त और पक्तिका प्रांतों में पाकिस्तानी सैन्य हवाई हमलों में 13 लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर बच्चे शामिल हैं. तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने बुधवार को इसकी पुष्टि की.
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में ली बच्चों समेत 13 लोगों की मौत
मुजाहिद ने पाकिस्तानी सेना की इस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि मंगलवार रात हुए हमलों में नागरिक घरों को निशाना बनाया गया, जिसमें 11 बच्चे, एक महिला और एक बुजुर्ग आदमी की मौत हो गई, जबकि 14 अन्य महिलाएं और बच्चे घायल हुए हैं.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर तालिबान प्रवक्ता ने लिखा, “पिछली रात पाकिस्तानी सेना ने एक बार फिर अफगानिस्तान की हवाई सीमा का उल्लंघन किया और कुनार, खोस्त और पक्तिका प्रांतों में घरों पर बमबारी की. इन हमलों में 11 बच्चे, एक महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति मारे गए, जबकि 14 अन्य महिलाएं और बच्चे घायल हुए हैं. हम इस मानवीय अपराध और आक्रामकता की कड़ी निंदा करते हैं.”
पाकिस्तान ने आम लोगों के घरों पर गिराए बम
यह ताजा घटना ऐसे समय में हुआ है, जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच पिछले कुछ महीनों से तनाव लगातार बढ़ रहा है. दोनों देशों के बीच बार-बार गोलीबारी और नागरिकों की मौत को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है. दोनों पक्ष एक-दूसरे पर अस्थिरता फैलाने के आरोप लगा रहे हैं, जबकि कूटनीतिक और स्थानीय स्तर की मध्यस्थता की कोशिशें भी अब तक हालात को शांत करने में नाकाम रही हैं.
तालिबान शासन के अनुसार, पिछले महीने भी अफगानिस्तान के कुनार प्रांत के डांगम जिले में पाकिस्तानी हमलों में तीन लोगों की मौत हुई थी और 14 लोग घायल हुए थे. अफगानिस्तान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, डांगम के एक तालिबान जिला अधिकारी ने कहा था कि दो स्कूल, एक क्लिनिक और दो मस्जिदें पाकिस्तानी हमले में नष्ट हो गईं.
जानबूझकर सिविलियन इलाके को टार्गेट कर रही पाकिस्तान आर्मी
डांगम के तालिबान जिला गवर्नर मोहम्मद उमर सादिक ने कहा कि पाकिस्तानी सेना अब सीधे हमला करने की क्षमता खो चुकी है और अब नागरिक इलाकों को निशाना बना रही है. उन्होंने यह भी बताया कि हमलों में 80 मवेशी भी मारे गए. अधिकारी के अनुसार, कुनार प्रांत में हमलों की शुरुआत के बाद से अब तक 12 स्कूल नष्ट हो चुके हैं.
3 महीने के अंदर पाकिस्तानी हमले में सैकड़ों अफगान लोगों की मौत
इससे पहले 12 मई को अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (यूएनएएमए) ने बताया था कि 1 जनवरी से 31 मार्च के बीच पाकिस्तान और अफगान बलों के बीच सीमा पार हिंसा के कारण कम से कम 372 अफगान नागरिक मारे गए और 397 घायल हुए.
यूएनएएमए ने बताया कि इस सीमा पार हिंसा में कुल मिलाकर 750 से ज्यादा नागरिकों की मौत या चोट हुई है, जो पाकिस्तान की सेना और अफगानिस्तान की 'डी-फैक्टो' सुरक्षा ताकतों के बीच हुई लड़ाई का नतीजा है. रिपोर्ट के अनुसार, ज्यादातर नागरिक हताहत फरवरी और मार्च में हुए हवाई हमलों के कारण हुए.
हामिद करजई ने की पाकिस्तानी हमले की निंदा
अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने पाकिस्तान द्वारा अफगान हवाई क्षेत्र के कथित उल्लंघन और कुनार, खोस्त तथा पक्तिका प्रांतों में किए गए हवाई हमलों की कड़ी निंदा की है. इन हमलों में कई नागरिकों, विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों, के मारे जाने की खबर है.
करजई ने कहा कि पाकिस्तान को क्षेत्र में अपनी "शत्रुतापूर्ण नीतियों" और कार्रवाइयों को स्वीकार करने के साथ ही युद्ध और विनाश की नीति को त्याग पड़ोसी देशों के साथ बेहतर संबंधों की दिशा में कदम बढ़ाने चाहिए.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर करजई ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए लिखा, "पाकिस्तान अपनी गलत नीतियों और क्षेत्र में अपनाए गए टकरावपूर्ण रवैये के परिणाम भुगत रहा है. उन्होंने कहा कि इन नीतियों को जारी रखकर पाकिस्तान अपने उद्देश्यों को हासिल नहीं कर सकेगा. पाकिस्तान की भलाई इसी में है कि वह अफगानिस्तान के प्रति युद्ध और विनाश की नीति छोड़कर अच्छे पड़ोसी और सभ्य संबंधों को प्राथमिकता दे."
पिछले कुछ महीनों से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है. दोनों देशों की सीमाओं पर कई बार गोलीबारी की घटनाएं सामने आई हैं और नागरिक की मौत को लेकर चिंता भी बढ़ी है. दोनों पक्ष एक-दूसरे पर क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ाने के आरोप लगाते रहे हैं, जबकि कूटनीतिक और स्थानीय स्तर पर विवाद सुलझाने के प्रयास अब तक सफल नहीं हो सके हैं.
पिछले महीने भी कई अफगान लोगों की हुई थी मौत
पिछले महीने भी अफगानिस्तान के कुनार प्रांत के डांगम जिले में पाकिस्तानी सेना की कथित कार्रवाई में तीन लोगों की मौत और 14 अन्य के घायल होने की जानकारी सामने आई थी.
यह भी पढ़ें
तालिबान प्रशासन के स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, उस हमले में दो स्कूल, एक स्वास्थ्य केंद्र और दो मस्जिदें भी क्षतिग्रस्त हो गई थीं. डांगम जिले के गवर्नर मोहम्मद उमर सादिक ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान अब सीधे सैन्य लक्ष्यों पर हमला करने के बजाय नागरिक प्रतिष्ठानों को निशाना बना रहा है. उन्होंने यह भी दावा किया कि कुनार प्रांत में पाकिस्तानी कार्रवाइयों की शुरुआत से अब तक 12 स्कूल नष्ट हो चुके हैं.