कसाब को फांसी दिलाने वाले उज्जवल निकम केतन को दिलाएंगे न्याय! सिया-चेतन की सख्त सजा के लिए लडे़ंगे केस
केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने CM देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर अपने बेटे के लिए न्याय की मांग की थी. CM फडणवीस ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि दोषियों को सजा दिलाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी.
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पुणे के चर्चित केतन मर्डर केस अब वरिष्ठ वकील उज्जवल निकम लड़ेंगे. पीड़ित परिवार ने केतन की कातिल मंगेतर सिया और उसके प्रेमी चेतन चौधरी को सख्त से सजा दिलाने के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की थी. इस केस में उज्ज्वल निकम को स्पेशल प्रॉसिक्यूटर नियुक्त किया गया है. उज्जवल निकम वही वकील हैं जिन्होंने मुंबई 26/11 आतंकी हमलों में आतंकी अजमल कसाब को फांसी तक पहुंचाया था.
केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने CM देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर अपने बेटे के लिए न्याय की मांग की थी. इसके बाद CM फडणवीस ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि दोषियों को सजा दिलाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी. केतन का केस फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चलेगा ताकि जल्द से जल्द सुनवाई हो सके. इसके साथ ही सीनियर एडवोकेट उज्ज्वल निकम को आधिकारिक तौर पर स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त किया गया है.
दरअसल, केतन अग्रवाल के परिवार ने ही उज्ज्वल निकम को स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त करने की मांग रखी थी, जिसे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तुरंत मान लिया. उन्होंने बिना देरी किए तुरंत लॉ एंड ज्यूडिशियरी डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी को इसे लेकर निर्देश भी जारी कर दिए थे. वहीं, उज्जवल निकम की ओर से भी हामी भर दी गई.
कसाब को फांसी दिलाने वाले केतन को न्याय दिलाएंगे!
26 नवंबर 2008 को मुंबई में आतंकी हमले हुए थे. जिसे लश्कर ए तैयाब ने अंजाम दिया था. इन सिलसिलेवार हमलों में आतंकी अजमल कसाब को पकड़ा गया था. जिसे फांसी तक पहुंचाया था वरिष्ठ वकील उज्जवल निकम ने, कसाब को सूली पर चढ़ाने वाले वकील अब केतन के कातिलों को भी सख्त से सख्त सजा दिलाएंगे. परिवार ने इसी आस के साथ उनके नाम को पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के तौर पर आगे रखा है.
उज्जवल निकम के बारे में जानें
उज्जवल निकम (Ujjwal Deorao Nikam) एक भारतीय विशेष सरकारी वकील (Special Public Prosecutor) हैं, जो कई हाई-प्रोफाइल हत्या और आतंकवाद के मामलों में अभियोजन पक्ष की ओर से लड़े हैं. 26/11 मुंबई आतंकी हमले के आरोपी अजमल कसाब को फांसी की सजा दिलाने में अहम भूमिका रही. इसके अलावा गुलशन कुमार हत्या, प्रमोद महाजन हत्या, 2013 मुंबई गैंगरेप समेत कई केस में उन्होंने कानूनी लड़ाईयां लड़ी हैं. लगभग 30 साल के करियर में 628 आजीवन कारावास और 37 मौत की सजा दिलवाई हैं. साल 2024 में वे BJP के टिकट पर मुंबई नॉर्थ सेंट्रल लोकसभा सीट से चुनाव लड़े लेकिन हार गए.
सिया ने लोहागढ़ फोर्ट से केतन को खाई में फेंका
पुणे की सिया गोयल पर मंगेतर केतन अग्रवाल को मारने का आरोप है. उसने पुणे के लोहागढ़ फोर्ट में प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर केतन को गहरी खाई में धक्का दे दिया था. सिया ने इस हत्याकांड को ठीक वैसे ही अंजाम दिया जैसे इंदौर की सोनम रघुवंशी ने पति राजा को मेघालय में हनीमून के दौरान मारा था.
महाराष्ट्र के पुणे के लोनावला स्थित लोहागढ़ में ट्रेकिंग के दौरान कारोबारी परिवार के 24 वर्षीय युवक केतन अग्रवाल की मौत को पहले हादसा माना गया था, लेकिन पुलिस जांच में पूरी कहानी पलट गई. केतन को उसकी मंगेतर सिया ने बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी संग मिलकर 400 फुट गहरी खाई में धक्का दिया था. केतन अपनी मंगेतर का प्री बर्थडे सेलिब्रेशन करने महाराष्ट्र के लोहागढ़ किले पर गए थे.
CCTV फुटेज, चेतन और सिया की लंबी कॉल डिटेल और गार्ड के बयान के बाद चेतन और सिया ने भी पुलिस कस्टडी में अपना गुनाह कुबूल कर लिया था.
दोनों की जल्द ही शादी होने वाली थी. इसके लिए उदयपुर में रिजॉर्ट बुक थे. मेहमानों को लाने ले जाने के लिए चार्टड प्लेन बुक थे, लेकिन उससे पहले ही सिया ने केतन को मौत के घाट उतार दिया था. दरअसल, सिया केतन से नहीं चेतन चौधरी से प्यार करती थी, लेकिन परिवार के रसूख के कारण इंकार भी नहीं कर पा रही थी. इसलिए उसने बेगुनाह, बेखबर केतन को ही ठिकाने लगाने की प्लानिंग कर डाली. वह केतन को लोहागढ़ फोर्ट लेकर गई और वहां से धक्का दे दिया. जिसमें उसकी मदद प्रेमी चेतन ने की थी. इससे पहले भी सिया ने केतन को दो बार मारने की कोशिश की थी.
रियल एस्टेट कंपनी का डायरेक्टर था केतन
केतन रियल एस्टेट कंपनी के डायरेक्टर थे, जबकि सिया मसाला करोबारी की बेटी है. दोनों की उदयपुर में जल्द ही शादी होनी थी. मेहमानों के लिए 2 चार्टर प्लेन बुक किए थे. शादी में करीब 17 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान था.
यह भी पढ़ें- पुणे की सिया ने रची ‘सोनम’ जैसी साजिश, प्रेमी के साथ मिलकर मंगेतर का मर्डर, 400 फीट गहरी खाई में फेंका
जिस केस को परिवार हादसा मान रहा था वह एक सोची समझी मर्डर की साजिश निकली. अब पुलिस इन सवालों का जवाब ढूंढ रही है कि अगर सिया को केतन से शादी करनी ही नहीं थी तो उसने सगाई की ही क्यों? क्या किसी को भी अपने लालच में किसी भी जान लेने का हक मिल जाता है. इसकी बजाय सिया केतन से एक बार चेतन के बारे में बात कर सकती थी. इस केस ने हर किसी को झकझोर दिया.
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