कश्मीर में आर्टिकल 370 हटने से लेकर एंटी टेररिज्म ऑपरेशन के सूत्रधार तक, कौन हैं नए IB चीफ महेश दीक्षित?
जम्मू कश्मीर में आर्टिकल 370 हटने के बाद महेश दीक्षित ने अहम जिम्मेदारी निभाई थी. वे आतंकियों के खिलाफ कई ऑपरेशन का बड़ा हिस्सा रहे. उन्हें खुफिया विभाग में करीब तीन दशक का अनुभव है.
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New IB Chief Mahesh Dixit: वरिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी (IPS) महेश दीक्षित को इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) का नया निदेशक नियुक्त किया गया है. उन्होंने मौजूदा निदेशक तपन कुमार डेका की जगह पदभार संभाला है. कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने महेश दीक्षित की नियुक्ति को मंजूरी दी.
इस समिति की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करते हैं. महेश दीक्षित आंध्र प्रदेश कैडर के 1993 बैच के IPS अधिकारी हैं. उन्हें दो साल के कार्यकाल के लिए या अगले आदेश तक IB प्रमुख बनाया गया है. नियुक्ति समिति ने महेश दीक्षित को इंटेलिजेंस ब्यूरो का निदेशक नियुक्त करने की मंजूरी दी है.
खुफिया मिशन में रहा अहम रोल
महेश दीक्षित मौजूदा समय में इंटेलिजेंस ब्यूरो में स्पेशल डायरेक्टर के रूप में कार्यरत थे. वे 1988 बैच के हिमाचल प्रदेश कैडर के IPS अधिकारी तपन कुमार डेका की जगह लेंगे.
महेश दीक्षित का कार्यकाल पदभार संभालने की तारीख से दो साल तक या अगले आदेश तक रहेगा. इसके लिए उन्हें सेवा विस्तार भी दिया गया है. दीक्षित अभी तक इंटेलिजेंस ब्यूरो में स्पेशल डायरेक्टर के पद पर कार्यरत थे और उन्हें एजेंसी के सबसे अनुभवी अधिकारियों में गिना जाता है. उनके करियर का एक बड़ा हिस्सा जम्मू-कश्मीर में बीता है, जहां उन्होंने श्रीनगर में IB के सब्सिडियरी इंटेलिजेंस ब्यूरो का नेतृत्व किया.
इस दौरान उन्होंने जम्मू, कश्मीर और लद्दाख में खुफिया गतिविधियों की निगरानी की और 2019 में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद सुरक्षा हालात पर नजर रखने में अहम भूमिका निभाई. आर्टिकल 370 हटने के बाद महेश दीक्षित ने श्रीनगर में IB के Subsidiary Intelligence Bureau (SIB) का नेतृत्व किया.
आतंकियों के खिलाफ बड़े ऑपरेशन के सूत्रधार
महेश दीक्षित को आतंकवाद-रोधी अभियानों का लंबा अनुभव है और उन्होंने IB में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं. उन्होंने पाकिस्तान समर्थित घुसपैठ नेटवर्क, कट्टरपंथ से जुड़ी गतिविधियों और वामपंथी उग्रवाद से जुड़े खतरों से निपटने में काम किया है. इन ऑपरेशन को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख क्षेत्र में आतंक के खिलाफ अंजाम दिया गया था. महेश दीक्षित पेशेवर डॉक्टर के तौर पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्हें आंतरिक खुफिया एजेंसी और ऑपरेशन में लगभग तीन दशक से ज्यादा का अनुभव है.
महेश दीक्षित काउंटर-टेररिज्म और आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में बेहद अनुभवी अधिकारी हैं. IB चीफ के तौर पर उनकी नियुक्ति सुरक्षा चुनौतियों के बीच IB में निरंतरता और विशेषज्ञता पर जोर देती है.
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इंटेलिजेंस ब्यूरो भारत की प्रमुख आंतरिक सुरक्षा और खुफिया एजेंसी है, जो गृह मंत्रालय के तहत काम करती है. इसे दुनिया की सबसे पुरानी खुफिया एजेंसियों में से एक माना जाता है. इसका काम देश के भीतर खुफिया जानकारी जुटाना, आतंकवाद से निपटना और महत्वपूर्ण ढांचों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.
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With IANS Input