वांटेड रामचंद्र का गजब खेल! पुलिस करती रही तलाश, अभिजीत दिपके के साथ मंच पर आरोपी रहा मौजूद
CJP: राजस्थान पुलिस की चार सदस्यीय टीम उसे गिरफ्तार करने के लिए दिल्ली पहुंची थी और करीब दो दिनों तक मौके पर उसकी गतिविधियों पर नजर रखती रही, लेकिन पुलिस को ऐसा मौका नहीं मिल पाया जब वह भीड़ और मंच से अलग हो और टीम उसे सुरक्षित तरीके से हिरासत में ले सके.
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Abhijeet Dipke: दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP के प्रदर्शन के दौरान राजस्थान पुलिस को एक ऐसे आरोपी तलाश थी, जो एक मामले में वांछित बताया जा रहा है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी रामचंद्र प्रदर्शन के दौरान मंच के आसपास और भीड़ के बीच लगातार मौजूद रहा. खास बात यह रही कि वह अभिजीत दिपके और प्रदर्शन से जुड़े दूसरे प्रमुख लोगों के साथ लगातार नजर आयाा. राजस्थान पुलिस की चार सदस्यीय टीम उसे गिरफ्तार करने के लिए दिल्ली पहुंची थी और करीब दो दिनों तक मौके पर उसकी गतिविधियों पर नजर रखती रही, लेकिन पुलिस को ऐसा मौका नहीं मिल पाया जब वह भीड़ और मंच से अलग हो और टीम उसे सुरक्षित तरीक से हिरासत में ले सक. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी की लगातार मौजूदगी और प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ को देखते हुए टीम ने जल्दबाजी में कोई कार्रवाई नहीं की.. पुलिस का कहना है कि मौके पर सीधे गिरफ्तारी की कोशिश करने से कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती थी. इसलिए टीम इंतजार करती रही कि आरोपी किसी समय अकेला हो या भीड़ से बाहर निकले, ताकि उसे बिना किसी परेशानी के पकड़ा जा सके. हालाकि, ऐसा मौका नहीं आया और रामचंद्र वहां से निकल गया.
फरवरी 2025 में दर्ज हुआ था धोखाधड़ी का मामला
रामचंद्र के खिलाफ राजस्थान के झुंझुनूं स्थित कोतवाली थाने में फरवरी 2025 में धोखाधड़ी से जुड़ा मामला दर्ज किया गया था.पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत के आरोप हैं. पुलिस का कहना है कि मामले में कई बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद वह पूछताछ के लिए थाने में पेश नहीं हुआ. इसके बाद पुलिस उसकी तलाश कर रही है. मामला गाड़ियों की खरीद-फरोख्त से जुड़ा बताया जा रहा है. FIR में AVYAAN Automotive Pvt Ltd के जरिए वाहन दिलाने का जिक्र है. शिकायतकर्ता साजिद दीवान ने आरोप लगाया है कि Range Rover Defender 130 दिलाने के नाम पर रामचंद्र से 17 लाख रुपये की रकम एडवांस के तौर पर दी गई थी. शिकायत के मुताबिक, रकम लेने के बाद न तो गाड़ी दी गई और न ही पसे वापस किए गए. इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था. इन आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में होने वाली कानूनी प्रक्रिया से ही होगी..
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पुलिस दो दिन तक करती रही मौके का इंतजार
कोतवाली थानाधिकारी श्रवण कुमार मील के मुताबिक, राजस्थान पुलिस की टीम ने करीब दो दिनों तक जंतर-मंतर पर रहकर आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी. टीम की कोशिश थी कि जैसे ही रामचंद्र मंच या भीड़ से अलग हो, उसे तुरंत हिरासत में लिया जा सके. लेकिन पुलिस के मुताबिक, वह लगातार प्रदर्शन से जुड़े लोगों के आसपास ही रहा और खुद को भीड़ से अलग होने का मौका नहीं दिया. पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती यही थी कि प्रदर्शन स्थल पर काफी संख्या में लोग मौजूद थे. ऐसे में किसी तरह की जल्दबाजी कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा कर सकती थी. इसी वजह से टीम ने धैर्य के साथ आरोपी के अलग होने का इंतजार किया. पुलिस के मुताबिक, अंत तक ऐसा मौका नहीं मिला और आरोपी गिरफ्तारी से बचकर निकल गया..
अभिजीत दीपके पर स्याही फेंके जाने के दौरान भी मौजूद था रामचंद्र
प्रदर्शन के दौरान एक समय अभिजीत दीपके पर स्याही फेंके जाने की घटना भी सामने आई. पुलिस के मुताबिक, इस घटना के वक्त भी रामचंद्र मौके पर मौजूद था. पुलिस का दावा है कि वह लगातार आयोजकों और प्रदर्शन से जुड़े दूसरे लोगों के संपर्क में दिखाई दे रहा थ. यही वजह रही कि पुलिस टीम के लिए उसे भीड़ से अलग करना और तुरत कार्रवाई करना मुश्किल हो गया. पुलिस के अनुसार, आरोपी की मंच के आसपास लगातार मौजूदगी के कारण टीम को काफी सावधानी बरतनी पड़ी. अधिकारियों का मानना था कि अगर उस समय उसे पकड़ने की कोशिश की जाती तो मौके पर मौजूद भीड़ के कारण स्थिति बिगड़ सकती थी. इसलिए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करने के बजाय बाद में उसे पकड़ने की रणनीति पर काम किया.
सोशल मीडिया पर खुद को CJP कोर टीम का सदस्य बताता है
रामचंद्र की सोशल मीडिया गतिविधियों का भी जिक्र सामने आया है. पुलिस के मुताबिक, वह इंस्टाग्राम पर खुद को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (Cockroach Janta Party) यानी CJP की कोर टीम का सदस्य बताता है. उसके इंस्टाग्राम बायो में ‘CJP Core Team Member’ लिखा होने की बात कही गई है. प्रदर्शन के दौरान भी उसकी मौजूदगी को इसी कनेक्शन से जोड़कर देखा जा रहा है. हालांकि, किसी सोशल मीडिया प्रोफाइल पर किसी संगठन से जुड़ा होने का दावा अपने आप में किसी अपराध में शामिल होने का प्रमाण नहीं है.
पुलिस ने मौके पर क्यों नहीं किया गिरफ्तार?
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्रदर्शन स्थल पर गिरफ्तारी करना आसान नहीं था. रामचंद्र लगातार मंच और भीड़ के आसपास था और उसके साथ दूसरे लोग भी मौजूद थे.. ऐसे में पुलिस के सामने सिर्फ आरोपी को पकड़ने की चुनौती नही थी, लेकिन वहां कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी जरूरी था.
इसी वजह से टीम ने मौके पर कोई जोखिम भरा कदम नहीं उठाया. पुलिस का कहना है कि उसका मकसद किसी तरह की अफरातफरी पैदा किए बिना आरोपी को गिरफ्तार करना था.
फिलहाल आरोपी फरार
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फिलहाल रामचंद्र पुलिस की पकड़ से बाहर बताया जा रहा ह. राजस्थान पुलिस की टीमें उसकी तलाश में अलग-अलग जगहों पर दबिश दे रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि उसे जल्द गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है.