पानी के लिए PM मोदी के दर पहुंचे थलपति विजय, चिट्ठी में रखीं कई बड़ी मांगें
PM Modi: जोसेफ विजय ने केंद्र सरकार से इस परियोजना को 'राष्ट्रीय महत्व की परियोजना' घोषित करने की भी मांग की है. मुख्यमंत्री का कहना है कि अगर इस योजना पर तेजी से काम शुरू होता है, त न केवल तमिलनाडु बल्कि दक्षिण भारत के कई राज्यों में पीने के पानी और सिंचाई की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
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Vijay Thalapathy: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने राज्य में बढ़ते पानी के संकट को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक अहम पत्र लिखा है. इस पत्र में उन्होंने गोदावरी-कावेरी-गुंडार रिवर लिंक प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द शुरू करने की अपील की है. साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से इस परियोजना को 'राष्ट्रीय महत्व की परियोजना' घोषित करने की भी मांग की है. मुख्यमंत्री का कहना है कि अगर इस योजना पर तेजी से काम शुरू होता है, त न केवल तमिलनाडु बल्कि दक्षिण भारत के कई राज्यों में पीने के पानी और सिंचाई की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है. उन्होंने प्रधानमंत्री से इस मामले में सीधे हस्तक्षेप करने और सभी जरूरी फैसलों को जल्द आगे बढ़ाने का अनुरोध किया है.
राज्य में पानी की स्थिति लगातार हो रही है गंभीर
अपने पत्र में मुख्यमंत्री विजय ने बताया कि तमिलनाडु लंबे समय से पानी की कमी का सामना कर रहा है. राज्य के पास सतही जल यानी नदियों और जलाशयों का पर्याप्त पानी नहीं है. यही वजह है कि तमिलनाडु अपनी जरूरत का 30 प्रतिशत से भी ज्यादा पानी पड़ोसी राज्यों पर निर्भर होकर पूरा करता है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार जल संरक्षण और भूजल बढ़ाने के लिए काम कर रही है, लेकिन इसके बावजूद कई इलाकों में भूजल का स्तर तेजी से नीचे जा रहा ह. इससे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और किसानों की खेती दोनों प्रभावित हो रही हैं.
मुख्यमंत्री ने खास तौर पर पुदुकोट्टई, शिवगंगा, रामनाथपुरम और विरुधुनगर जैसे दक्षिणी जिलों का जिक्र किया, जहां हर साल पानी की कमी बड़ी चुनौती बन जाती है. इन इलाको में लोगों को पीने के पानी के लिए भी काफी परेशानी उठानी पड़ती है, जबकि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता.
रिवर लिंक प्रोजेक्ट को बताया सबसे स्थायी समाधान
मुख्यमंत्री विजय का मानना है कि गोदावरी-कावेरी-गुंडार रिवर लिंक प्रोजेक्ट इस समस्या का सबसे प्रभावी और लंबे समय तक काम आने वाला समाधान साबित हो सकता है. इस योजना का उद्देश्य उन नदियों का अतिरिक्त पानी उन इलाकों तक पहुंचाना है, जहां पानी की भारी कमी रहती है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जल विकास एजेंसी (NWDA) की ओर से तैयार की गई यह परियोजना केवल तमिलनाडु तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के लोगों और किसानों को भी फायदा मिलेगा. अगर यह परियोजना समय पर पूरी हो जाती है, तो लाखों लोगों की पानी से जुड़ी परेशानियां काफी हद तक दूर हो सकती हैं.
केंद्र और राज्यों के साथ मिलकर काम करने का सुझाव
मुख्यमंत्री विजय ने अपने पत्र में यह भी सुझाव दिया कि इस परियोजना को समय पर पूरा करने और फंडिंग में किसी तरह की परेशानी न आए, इसके लिए केंद्र सरकार और संबंधित राज्यों की भागीदारी से एक स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) बनाया जाए. उनका मानना है कि जब सभी राज्य और केंद्र सरकार एक साथ मिलकर काम करेंगे, तो परियोजना तेजी से आगे बढ़ेगी और लंबे समय से चले आ रहे मतभेद भी बातचीत के जरिए सुलझाए जा सकेंगे. उन्होंने भरोसा जताया कि राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देते हुए सभी पक्ष इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाएंगे.
प्रधानमंत्री से कीं कई अहम मांगें
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मुख्यमंत्री विजय ने अपने पत्र में प्रधानमंत्री मोदी के सामने कुछ अहम मांगें भी रखी हैं. उन्होंने कहा कि जल शक्ति मंत्रालय और राष्ट्रीय जल विकास एजेंसी (NWDA) को निर्देश दिए जाएं कि वे संबंधित राज्यों के साथ बातचीत तेज करें और जिन मुद्दों पर अभी सहमति नहीं बन पाई है, उन्हें जल्द सुलझाया जाए. इसके अलावा कावेरी नदी पर बने कट्टलाई बैराज तक इस रिवर लिंक परियोजना के विस्तार को भी जल्द अंतिम रूप देने की मांग की गई है. मुख्यमंत्री ने यह भी आग्रह किया कि इस पूरी परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर रखा जाए और फास्ट ट्रैक मोड में लागू किया जाए, ताकि दक्षिण भारत के लाखों लोगों को जल्द राहत मिल सके. उनका कहना है कि पानी जैसी बुनियादी जरूरत को लेकर अब और देरी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि इसका सीधा असर आम लोगों की जिंदगी, किसानों की आजीविका और पूरे क्षेत्र के विकास पर पड़ रहा है.