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ईरान के साथ टेंशन के बीच नेतन्याहू ने PM मोदी को लगाया फोन, वेस्ट एशिया के हालात के साथ इस खास मुद्दे पर हुई बात

दोनों वैश्विक नेताओं ने भारत और इजरायल के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी को मजबूती देने के ल‍िए बात की. MEA के अनुसार, बातचीत की पहल इजरायल ने की थी.

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07 Aug 2026
( Updated: 07 Aug 2026
08:11 PM )
ईरान के साथ टेंशन के बीच नेतन्याहू ने PM मोदी को लगाया फोन, वेस्ट एशिया के हालात के साथ इस खास मुद्दे पर हुई बात
Image Source- IANS/PMO
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ईरान, गाजा और लेबनान के साथ तनाव के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने PM नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की है. विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी दी है. MEA के अनुसार, बातचीत की पहल इजरायल ने की थी. 

नेतन्याहू की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत की जानकारी देते हुए व‍िदेश मंत्रालय ने कहा क‍ि यह फोन कॉल इजरायल की ओर से आया था. इसमें दोनों वैश्विक नेताओं ने भारत और इजरायल के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी को मजबूती देने के ल‍िए बात की. 

पश्चिम एशिया के हालातों पर हुई चर्चा 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को साप्‍ताह‍िक मीडिया ब्रीफिंग में प्रधानमंत्री मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री के बीच हुई टेलीफोन बातचीत की जानकारी दी. उन्होंने कहा, यह फोन कॉल इजरायल की ओर से किया गया था, जिसे हमारे प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया. 

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उन्‍होंने बताया क‍ि भारत और इजरायल के बीच एक विशेष रणनीतिक साझेदारी है. दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच बातचीत के दौरान चर्चा हुई कि विभिन्न क्षेत्रों में इस साझेदारी और मित्रता को कैसे ज्यादा मजबूत किया जा सकता है. इसके साथ ही दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और वहां हो रहे ताजा घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया. 

दोनों नेताओं ने भारत-इजरायल विशेष रणनीतिक साझेदारी में हो रही लगातार प्रगति की समीक्षा की. साथ ही साथ इस बात की पुष्टि की दोनों देशों के पारस्परिक हितों के लिए विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. 

इजरायल और भारत के बीच संबंधों को दी नई मजबूती 

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विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री नेतन्याहू और प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों पर भी अपने विचार साझा किए, साथ ही दोनों नेताओं ने आगे भी आपस में संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई. 

पिछले तीन दशकों में भारत और इजरायल ने एक ऐसा संबंध बनाया है, जो मुख्य रूप से रणनीतिक भरोसे पर आधारित है. रक्षा सहयोग, काउंटर-टेररिज्म, इंटेलिजेंस शेयरिंग और कृषि इनोवेशन एक बढ़ती हुई परिपक्व साझेदारी के स्तंभ बन गए हैं.

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फिर भी, जहां राजनीति और सुरक्षा संबंध काफी बढ़े हैं, वहीं आर्थिक संबंध अपनी क्षमता के हिसाब से नहीं चल पाए हैं. भारत इजरायल फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) के लिए चल रही बातचीत इसे बदलने का मौका देती है. 

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