जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

कांवड़ियों को लेकर रशीदी के विवादित बयान पर भड़कीं माधवी लता, बोलीं-मुसलमान नहीं, आत्मघाती आतंकवादी हैं

मौलाना साजिद रशीदी के कांवड़ियों को लेकर दिए गए विवादित बयान पर भाजपा नेता माधवी लता ने कड़ी निंदा की.

Author
06 Aug 2026
( Updated: 06 Aug 2026
07:47 PM )
कांवड़ियों को लेकर रशीदी के विवादित बयान पर भड़कीं माधवी लता, बोलीं-मुसलमान नहीं, आत्मघाती आतंकवादी हैं
Image Credit: IANS
Advertisement

ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने कांवड़ियों को लेकर विवादित बयान दिया है. उन्होंने दावा किया कि कांवड़ यात्रा में अधिकतर लोग सिर्फ नशे और उपद्रव के लिए जाते हैं. ये शिवभक्त नहीं, बल्कि आतंकवादी हैं. भाजपा नेता माधवी लता ने रशीदी के बयान की कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा कि मजहब के नाम पर दरार डालने वाले लोग मुसलमान नहीं, आत्मघाती आतंकवादी हैं.

माधवी लता ने साजिद रशीदी पर साधा निशाना

हैदराबाद में आईएएनएस से बातचीत में भाजपा नेता माधवी लता ने कहा कि सबसे पहले तो मुझे यह समझ नहीं आ रहा कि वे सड़कों पर इस तरह क्यों घूम रहे हैं? ऐसा लगता है कि वे वहां से गुजरने वाले कांवड़ियों पर कड़ी नजर रख रहे हैं. मैं इस मुद्दे पर और बहस नहीं करना चाहती, लेकिन साजिद रशीदी से एक सवाल पूछना चाहती हूं कि वे कौन से आतंकवादी थे, जिन्होंने चिकन खाया और उसकी हड्डियां गंगा में फेंक दीं?

“मजहब के नाम पर दरार डालने वाले मुसलमान नहीं, आत्मघाती आतंकवादी हैं”

उन्होंने कहा कि यह जो मजहब के नाम पर दरार लाने वाले लोग हैं, उन्हें मैं मुसलमान नहीं कहूंगी. ये मुसलमान हैं ही नहीं. ये आत्मघाती आतंकवादी हैं. भारत के खिलाफ बात करने वाले हैं. इन्हें हिंदू-मुसलमान की एकता देखी नहीं जा रही. ऐसे लोगों को देश से बाहर कर देना चाहिए. हिंदुओं के त्योहार और हिंदू भक्तों पर बोलने वाले ऐसे लोगों को भारत में रहने का हक नहीं है. उन्हें सलाह है कि वे भारत से बाहर चले जाएं, नहीं तो आगे जाकर बहुत मुश्किल हो जाएगी.

Advertisement

केशव प्रसाद मौर्य के मदरसों को लेकर दिए बयान पर क्या बोली माधवी लता 

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मदरसों को लेकर दिए बयान पर माधवी लता ने कहा कि शायद उनका मतलब कुछ ऐसा ही था. असल में कुरान क्या सिखाता है या इस्लाम किसी बच्चे को कैसा बना देता है. हममें से किसी ने भी आज तक इसे सही मायनों में नहीं देखा है. हमने इन लोगों से सिर्फ नफरत भरी बातें सुनी हैं, जैसे ‘जिहाद’, लोगों को आतंकवादी बनाना, उनके हाथों में राइफल या एके-47 थमाना. अब जरा सोचिए, एक छोटा बच्चा मदरसे में पढ़ता है और 24 घंटे उसे सिर्फ देश के विरोध में बातें सिखाई जाती हैं. उस नन्हीं जान और दिमाग में यह बात बीज की तरह बो दी जाती है कि पड़ोस में रहने वाला हिंदू बच्चा तुम्हारा भाई नहीं, बल्कि तुम्हारा दुश्मन है.

यह भी पढ़ें

उन्होंने आगे कहा कि उसे न तो अंग्रेजी की शिक्षा मिलती है और न ही उसमें इतनी काबिलियत होती है कि वह दुनिया में जाकर अपनी रोजी-रोटी कमा सके. क्या उनके साथ अन्याय नहीं हो रहा है. ऐसे बच्चे की सोच कैसी होगी. वह कैसा बनेगा. यूपी के डिप्टी सीएम ने इसी बात की चिंता में बयान दिया. यह समर्थन का मामला नहीं है. सच जानते हुए हमें ऐसे मदरसों में अंग्रेजी शिक्षा शुरू करनी चाहिए. इन बच्चों को दुनिया से रूबरू कराना चाहिए. मदरसों के इन छोटे बच्चों में देशभक्ति की भावना जगानी चाहिए. इन मदरसों में ‘वंदे मातरम’ और ‘जन गण मन’ भी गाया जाना चाहिए. इन मदरसों में ‘भारत माता की जय’ कहना भी सिखाया जाना चाहिए.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें