राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी मामले में SIT ने सरकार को सौंपी शुरुआती रिपोर्ट, दान गिनती नियम में हुए बड़े बदलाव
राम मंदिर के दान की चोरी और अन्य अनियमितताओं की जांच कर रही तीन सदस्यीय SIT ने सरकार को शुरुआती रिपोर्ट सौंप दी है. वहीं 15 दिन के अंदर पूरी रिपोर्ट देनी होगी. इस रिपोर्ट के आने के बाद अब FIR दर्ज की जाएगी.
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राम मंदिर के दान और चढ़ावे के साथ छेड़छाड़ और चोरी के मामले में बड़ी ख़बर सामने आ रही है. इस केस की जांच के लिए गठित विजय विश्वास पंत की कमेटी ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट अवर सचिव (गृह) संजय प्रसाद को सौंप दी है. ये एक प्रारंभिक रिपोर्ट है, इसके आधार पर कहा जा रहा है कि FIR दर्ज की जाएगी और जांच उसी दिशा में आगे बढ़ेगी.
जानकारी के मुताबिक SIT को ये अधिकार है उसकी शुरुआती जांच में सामने आई जानकारी, तथ्यों के आधार पर FIR दर्ज करे या उसी को FIR में ही तब्दील कर दे. अब देखने वाली बात होगी कि SIT किस लेवल पर इसकी जांच को ले जाएगी.
आपको बता दें कि अयोध्या के राम मंदिर में दान पात्रों से धनराशि चोरी के मामले में शासन ने जांच के लिए बीते 13 तारीख को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया. SIT में लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी रेंज किरन एस और विशेष सचिव, वित्त नील रतन को शामिल किया गया था. SIT को सात दिनों के भीतर अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिन में अंतिम रिपोर्ट सौंपेने का मेंडेट दिया गया था.
किन-किन बिंदुओं पर SIT ने की जांच!
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की मांग के बाद इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया था. लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में गठित एसआईटी ने अयोध्या में छह दिनों तक रहकर मामले की गहन जांच की.
जांच के दौरान एसआईटी ने मंदिर प्रशासन, सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कर्मियों, ट्रस्ट से संबद्ध लोगों तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों सहित पांच दर्जन से अधिक लोगों से पूछताछ की. टीम ने चढ़ावे की गणना, उसके रखरखाव, सुरक्षा व्यवस्था और कथित अनियमितताओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की.
SIT ने रिपोर्ट सौंपने के बाद क्या कहा?
लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत ने बताया कि एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंप दी है. उन्होंने कहा कि यह एक गोपनीय जांच है और फिलहाल केवल प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है. जांच से जुड़े तथ्यों और निष्कर्षों को रिपोर्ट में शामिल कर शासन को अवगत कराया गया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच की कार्यवाही अभी जारी है और कई बिंदुओं पर पड़ताल की जा रही है. अंतिम रिपोर्ट तैयार होने के बाद उसे शासन को सौंपा जाएगा.
एसआईटी में लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत, लखनऊ जोन की पुलिस महानिरीक्षक किरन एस और विशेष सचिव (वित्त) नीलरतन को शामिल किया गया. जांच दल को पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों को सामने लाने और आवश्यक कार्रवाई के संबंध में शासन को रिपोर्ट देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
#WATCH | Lucknow, UP: Lucknow Divisonal Commissioner Vijay Vishwas Pant, a member of the SIT, says, "We have submitted the report to Additional Chief Secretary (Home). This is an initial report and we have submitted it to him. The details are confidential, so we cannot disclose… pic.twitter.com/JblcXSf1Pf
— ANI (@ANI) June 23, 2026
राम मंदिर कैंपस में दान राशि की गिनती में कई बदलाव
राम जन्मभूमि परिसर में दान पत्र में कथित गबन के मामले की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) की जांच के बीच SIT ने राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर कई बड़े बदलाव किए हैं. जानकारी के अनुसार, जांच के बाद मंदिर परिसर में दान राशि की काउंटिंग और कलेक्शन से जुड़े कई बदलाव किए गए हैं. जिन कर्मचारियों पर पहले यह जिम्मेदारी थी, उन्हें फिलहाल अन्य कार्यों में लगाया गया है.
अब दान पत्र के कैश काउंटिंग कार्य में मंदिर परिसर में कार्यरत विश्वसनीय कर्मचारियों के साथ-साथ बैंक के नए कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है, ताकि प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जा सके.
Lucknow, Uttar Pradesh: The Special Investigation Team (SIT) has submitted its preliminary investigation report in the Ram Mandir donation case to Home Secretary Sanjay Prasad. The probe is currently ongoing. Lucknow Divisional Commissioner Vijay Vishwas Pant, along with two… pic.twitter.com/UW3Xp22IZI
— IANS (@ians_india) June 23, 2026Advertisement
पैसों की काउंटिंग के लिए नया CCTV सिस्टम
पैसों की गिनती प्रक्रिया पर निगरानी के लिए नया सीसीटीवी सिस्टम लगाया गया है. सभी कैश काउंटिंग क्षेत्रों की कैमरों से निगरानी की जा रही है और इसके लिए अलग कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है.
कौन और किसकी होगी काउंटिंग रूम में एंट्री!
दान राशि की गिनती और काउंटिंग रूम में प्रवेश को लेकर अब नियम और कड़े कर दिए गए हैं. पूरी तलाशी के बाद ही कर्मचारियों को काउंटिंग रूम में प्रवेश दिया जाएगा. काउंटिंग रूम से बाहर निकलने के समय भी शत-प्रतिशत जांच की व्यवस्था की गई है.
बैंक में कैश जमा करने के लिए तीन-स्तरीय क्रॉस वेरिफिकेशन
सूत्रों के अनुसार, अब बैंक में कैश जमा करते समय तीन व्यक्तियों द्वारा क्रॉस वेरिफिकेशन किया जाएगा. सभी के हस्ताक्षर भी अनिवार्य किए गए हैं, ताकि प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी की संभावना न रहे.
अधिकारियों के अनुसार, एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सामने आने तक किसी भी व्यक्ति पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है. जांच अभी जारी है और पूरे मामले की गहन समीक्षा की जा रही है.
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इससे संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा था कि मामले की जांच के लिए गठित SIT निष्पक्ष तरीके से काम कर रही है और दूध का दूध, पानी का पानी करके रहेगी. उन्होंने सभी पक्षों से जांच पूरी होने तक बयानबाजी से बचने की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी के पास कोई दस्तावेजी साक्ष्य है तो उसे एसआईटी को सौंपना चाहिए.