38 साल से इस देश में नहीं गया कोई भारतीय प्रधानमंत्री, 3 देशों के दौरे पर निकलने की तैयारी में PM मोदी
PM Modi: PM मोदी जुलाई के पहले हफ्ते में एक अहम विदेश यात्रा पर जा सकते हैं. अभी जो जानकारी सामने आई हैं, उसके मुताबिक यह दौरा 6 से 11 जुलाई के बीच हो सकता हैं और इसमें तीन देश शामिल हो सकते हैं
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जुलाई के पहले हफ्ते में एक अहम विदेश यात्रा पर जा सकते हैं. अभी जो जानकारी सामने आई हैं, उसके मुताबिक यह दौरा 6 से 11 जुलाई के बीच हो सकता हैं और इसमें तीन देश शामिल हो सकते हैं, इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड.. हालांकि अभी तक सरकार की तरफ से इसकी कोई आधारिक पुष्टि नहीं की गई हैं, इसलिए तारीखों या कार्यक्रम में थोड़ा बदलाव भी हो सकता हैं..इस संभावित दौरे को रणनीतिक और आर्थिक दोनों ही नजरिए से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि ये तीनो देश इंडो -पेसिफिक क्षेत्र में भारत के अहम साझेदार हैं..
दौरे की तैयारी और अभी की स्थिति
अभी यह पूरा कार्यक्रम शुरुआती तैयारी के स्तर पर है. यानी विदेश मंत्रालय (MEA) और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की तरफ से अंतिम घोषणा आना बाकी है. इसी वजह से शेड्यूल पूरी तरह फाइनल नहीं है. ऐसे दौरे आमतौर पर काफी प्लानिंग के साथ होते हैं, जिसमें सुरक्षा, द्विपक्षीय बैठकों और समझौतों की रूपरेखा पहले से तय की जाती है. इसलिए आने वाले दिनों में इसमें बदलाव की संभावना बनी रहती है.
इंडोनेशिया में क्या हो सकता है फोकस
इंडोनेशिया दौरे में प्रधानमंत्री मोदी की वहां के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो से मुलाकात होने की संभावना है. दोनों नेताओं के बीच रक्षा, समुद्री सुरक्षा, व्यापार और ऊर्जा जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है. पिछले कुछ समय में भारत और इंडोनेशिया के बीच सहयोग को और मजबूत करने की कोशिशें हुई हैं. खासकर समुद्री क्षेत्र और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर दोनों देशों की सोच काफी हद तक मिलती-जुलती मानी जाती है. इस दौरे में इन्हीं रिश्तों को आगे बढ़ाने की कोशिश हो सकती है.
ऑस्ट्रेलिया यात्रा में क्या अहम रहेगा
ऑस्ट्रेलिया में प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत होने की उम्मीद है.
इसमें सबसे बड़ा फोकस दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी, रक्षा सहयोग, और खासकर “क्रिटिकल मिनरल्स” यानी जरूरी खनिजों की सप्लाई चेन पर हो सकता है. इसके अलावा शिक्षा, व्यापार और तकनीक के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा संभव है. पिछले कुछ वर्षों में भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्ते काफी तेजी से मजबूत हुए हैं, इसलिए यह दौरा इन्हें और आगे ले जाने का मौका माना जा रहा है.
न्यूजीलैंड का संभावित ऐतिहासिक दौरा
इस पूरे दौरे का सबसे खास हिस्सा न्यूजीलैंड हो सकता है. अगर यह यात्रा होती है तो यह बहुत ऐतिहासिक मानी जाएगी, क्योंकि साल 1986 के बाद यह पहली बार होगा जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री वहां आधिकारिक दौरे पर जाएगा. यहां प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन से होने की संभावना है. बातचीत में व्यापार, शिक्षा, प्रवासी भारतीयों और दोनों देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने जैसे मुद्दे शामिल हो सकते हैं.
हाल ही में फ्रांस और स्लोवाकिया दौरा पूरा हुआ
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इस संभावित यात्रा से पहले प्रधानमंत्री मोदी अभी हाल ही में फ्रांस और स्लोवाकिया की यात्रा से लौटे हैं. यह दौरा 13 से 18 जून के बीच हुआ था.
इस दौरान उन्होंने जी7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया और कई देशों के नेताओं से मुलाकात की. फ्रांस में उन्होंने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ “भारत इनोवेट्स” कार्यक्रम में भी भाग लिया. इसके अलावा, स्लोवाकिया की उनकी यात्रा भी खास रही, क्योंकि यह किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की वहां पहली आधिकारिक यात्रा थी.