अखिलेश यादव के बयान पर भड़के इमरान मसूद, बोले- मुसलमानों पर हो रहे जुल्म पर चुप क्यों
इमरान मसूद ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में मुसलमानों के साथ हो रही कथित घटनाओं पर समाजवादी पार्टी नेतृत्व की चुप्पी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है.
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उत्तर प्रदेश की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बयानबाजी तेज होती जा रही है. समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर तैयारी किए जाने संबंधी टिप्पणी पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने तीखी प्रतिक्रिया दी.
अखिलेश यादव के बयान पर भड़के इमरान मसूद
उन्होंने अखिलेश यादव के बयान पर असहमति जताते हुए कहा कि सभी दल अपनी-अपनी राजनीतिक रणनीति के तहत काम कर रहे हैं और इस तरह की टिप्पणियां बड़े नेताओं को शोभा नहीं देतीं.
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि मुझे समझ नहीं आता कि इस तरह की बातें क्यों कही जा रही हैं. आप अपनी तैयारी करिए, हम अपनी तैयारी कर रहे हैं. आप बहुत बड़े नेता हैं, आपके मुंह से यह बात अच्छी नहीं लगती है.
इमरान मसूद ने इस दौरान उत्तर प्रदेश में मुस्लिम समुदाय से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया और कहा कि प्रदेश में मुसलमानों के साथ हो रही कथित घटनाओं पर समाजवादी पार्टी नेतृत्व की चुप्पी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है.
“यूपी में मुसलमानों के ऊपर जुल्म हो रहा है”
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुसलमानों के ऊपर जुल्म हो रहा है, लेकिन इस मुद्दे पर अपेक्षित मुखरता देखने को नहीं मिल रही है. यूपी में मुसलमानों के ऊपर जुल्म हो रहा है और आपकी खामोशी मुसलमानों के समझ में नहीं आ रही है.
कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि राम मंदिर के चंदे की चोरी जैसे मुद्दों पर आप खुलकर बोलते हैं, लेकिन मुसलमानों के साथ हो रही ज्यादती के मामलों पर खामोश हो जाते हैं. यह बात समझ में नहीं आती.
क्या कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच में होगा गठबंधन!
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच भविष्य में गठबंधन की संभावनाओं को लेकर पूछे गए सवाल पर इमरान मसूद ने स्पष्ट किया कि इस विषय पर अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि वह संगठन के अनुशासित कार्यकर्ता हैं और पार्टी के फैसले का सम्मान करते हैं.
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मसूद ने कहा कि कांग्रेस और सपा के गठबंधन को लेकर फैसला पार्टी का है, मेरा नहीं. मैं पार्टी का एक समर्पित सिपाही हूं और पार्टी जो निर्णय लेगी, वही मेरे लिए सर्वोपरि होगा.