NEET विवाद पर CM फडणवीस की राहुल गांधी को चुनौती, बोले- हिम्मत है तो संसद में सरकार से सवाल पूछिए
सीएम फडणवीस की यह टिप्पणी तब आई है जब सोमवार 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के विरोध-प्रदर्शन के हिंसक रूप लेने के बाद भारतीय राजधानी में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है.
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को नीट पेपर लीक विवाद को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शनों पर विपक्ष को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी दलों को चुनौती दी कि वे 'सड़क की राजनीति' करने के बजाय संसद में यह मुद्दा उठाएं.
सीएम फडणवीस ने राहुल गांधी को दी चुनौती
पत्रकारों से बात करते हुए फडणवीस ने कहा कि अगर विपक्ष सचमुच छात्रों के हितों को लेकर चिंतित है, तो उसे संसदीय बहस में हिस्सा लेना चाहिए और लोकतांत्रिक संस्थाओं के जरिए सरकार को जवाबदेह ठहराना चाहिए.
उन्होंने कहा कि मैं राहुल गांधी और पूरे विपक्ष को चुनौती देता हूं कि भागना बंद करें और संसद में बहस का सामना करें. अगर आप सचमुच छात्रों की परवाह करते हैं, तो थोड़ी हिम्मत दिखाएं. लोकतंत्र में फैसले संसद में होते हैं, सड़कों पर नहीं. अगर आप भारत के संविधान में विश्वास करते हैं, तो संसद में बहस करें और वहां जवाब मांगें. अगर आपके पास काम के सुझाव हैं, तो उन्हें लागू करने के लिए सरकार को जवाबदेह बनाएं. अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए छात्रों के इन विरोध-प्रदर्शनों का इस्तेमाल करना बंद करें.
“छात्रों के हित में सही समाधान बातचीत से ही निकले”
सीएम फडणवीस ने कहा कि छात्रों के हित में सही समाधान बातचीत से ही निकल सकते हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उन पहलों का जिक्र किया, जिनमें पेपर लीक में शामिल लोगों को सजा देने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाना भी शामिल है.
सीएम फडणवीस ने कहा कि नीट की दोबारा परीक्षा बिना किसी रुकावट के आसानी से पूरी हो गई. छात्र खुश हैं और जश्न मना रहे हैं. परीक्षाएं इसी तरह आयोजित की जानी चाहिए.
सीएम फडणवीस ने कांग्रेस पर साधा निशाना
कांग्रेस पार्टी के पुराने कामकाज पर निशाना साधते हुए सीएम फडणवीस ने कहा कि विपक्ष बहस करने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं है. कांग्रेस को यह बताना होगा कि उनके शासनकाल में कर्नाटक, तेलंगाना और राजस्थान में पेपर लीक कैसे हुए. उनकी राज्य सरकारों के समय हुए घोटाले सामने लाए जाएंगे. उनकी सोच पूरी तरह से अराजकता फैलाने वाली है.
मुंबई में 26 जुलाई को उद्धव और राज ठाकरे के विरोध मार्च की घोषणा पर टिप्पणी करते हुए सीएम फडणवीस ने महाराष्ट्र में टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (टीईटी) घोटाले से जुड़े पुराने आरोपों का जिक्र किया.
उद्धव के मुख्यमंत्री रहते हुआ सबसे बड़ा टीईटी घोटाला
फडणवीस ने कहा कि मैं सभी को याद दिलाना चाहता हूं कि राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा टीईटी घोटाला तब हुआ था जब उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री थे और इसमें सीनियर आईएएस अधिकारी शामिल थे. उनके कार्यकाल में फेल होने वाले उम्मीदवारों को गैर-कानूनी तरीके से पास कर दिया गया था. इसके उलट, जब हमारे प्रशासन ने टीईटी परीक्षा में गड़बड़ी देखी, तो हमने परीक्षा होने से पहले ही घोटालेबाजों को पकड़ लिया. उन्हें दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय अपनी कमियों को छिपाना बंद करना चाहिए.
सीएम फडणवीस की यह टिप्पणी तब आई है जब सोमवार 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के विरोध-प्रदर्शन के हिंसक रूप लेने के बाद भारतीय राजधानी में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है.
पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज किया. इस घटना के बाद, कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया, जिसके चलते राहुल गांधी को कुछ समय के लिए हिरासत में ले लिया गया.
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राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की पुरजोर मांग की है, जिससे संसद की कार्यवाही में लगातार बाधा आ रही है.