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14 गलतियां, 220 रुपये की कंजूसी…सुप्रीम कोर्ट में क्यों लिस्ट नहीं हुई राहुल गांधी की याचिका? जानें पूरा मामला

Rahul Gandhi: याचिका के साथ कुछ जरूरी दस्तावेज नहीं लगाए गए हैं, जबकि कई कागजात सही तरीके से तैयार नहीं किए गए हैं. ऐसे में इन कमियों को दूर करना जरूरी है.इसी वजह से याचिका पर सुनवाई को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है.

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13 Oct 2026
( Updated: 13 Oct 2026
08:55 AM )
14 गलतियां, 220 रुपये की कंजूसी…सुप्रीम कोर्ट में क्यों लिस्ट नहीं हुई राहुल गांधी की याचिका? जानें पूरा मामला
Image Source: IANS
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Supreme Court: कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी दलों के नेताओं की ओर से चुनावी गड़बड़ियों और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में याचिका दायर की गई है. हालांकि, इस याचिका पर आगे की कार्रवाई से पहले कोर्ट की रजिस्ट्री ने इसमें 14 कमियां बताई हैं. इनमें 220 रुपये की कोर्ट फीस कम होना भी शामिल है.. रजिस्ट्री के मुताबिक, याचिका के साथ कुछ जरूरी दस्तावेज नहीं लगाए गए हैं, जबकि कई कागजात सही तरीके से तैयार नहीं किए गए हैं. ऐसे में इन कमियों को दूर करना जरूरी है.इसी वजह से याचिका पर सुनवाई को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है.

9 याचिकाकर्ताओं के अनुमति पत्र गायब

रजिस्ट्री ने अपनी जांच में पाया कि याचिका में शामिल नौ याचिकाकर्ताओं के अनुमति पत्र नहीं लगाए गए हैं. इसके अलावा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पहचान पत्र की फोटोकॉपी भी साफ नहीं है, जिससे उसमें लिखी जानकारी पढ़ने में परेशानी हो रही है. याचिका के साथ वकालतनामा नहीं होने, छोटे अक्षरों में दस्तावेज तैयार करने, कुछ जरूरी पन्ने गायब होने और पन्नों की नंबरिंग में गड़बड़ी जैसी कमियां भी सामने आई हैं. वहीं, दो महत्वपूर्ण दस्तावेजों की रंगीन कॉपी नहीं दी गई है. कुछ जगहों पर लिखे शब्द भी स्पष्ट नहीं हैं और कुछ पन्ने सामान्य भाषा में तैयार किए गए हैं. अब इन सभी खामियों को ठीक करके जरूरी दस्तावेज सही तरीके से जमा करने होंगे, ताकि याचिका पर आगे की प्रक्रिया शुरू हो सके.

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खरगे बोले- चुनाव आयोग के खिलाफ अदालत पहुंचे विपक्षी दल

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के बाद बताया कि विपक्षी दलों की ओर से याचिका दाखिल कर दी गई है. इस मामले में राहुल गांधी समेत कुल 11 लोगों के नाम शामिल हैं. वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कांग्रेस की ओर से याचिका दाखिल कराई है. इसमें चुनाव आयोग के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी को भी पक्षकार बनाया गया है. विपक्ष ने अदालत से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में बदलाव से जुड़े मामलों में हस्तक्षेप करने की मांग की है.

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SIR पर रोक और मतदाताओं को राहत देने की मांग

याचिका में मांग की गई है कि किसी भी मतदाता का नाम बिना उचित नोटिस और सुनवाई के मतदाता सूची से नहीं हटाया जाए. जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उनकी बूथवार सूची और नाम हटाने की वजह भी सार्वजनिक की जाए.. इसके अलावा मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र जांच कराने और SIR प्रक्रिया पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया है. विपक्ष चाहता है कि चुनाव आयोग इस प्रक्रिया से जुड़ी फाइलें, बैठकों के कार्यवृत्त और दूसरे जरूरी दस्तावेज भी सार्वजनिक करे. उसका कहना है कि मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा और चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इन मुद्दों पर अदालत का हस्तक्षेप जरूरी है.

दिल्ली में विपक्ष का मार्च, चुनाव आयोग पर लगाए आरोप

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याचिका दाखिल करने से पहले INDIA गठबंधन के नेताओं और सांसदों ने सेंट्रल दिल्ली में प्रदर्शन करते हुए सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला. इस दौरान राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी वाड्रा, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और कई अन्य विपक्षी नेता मौजूद रहे.प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाए और उन्हें पद से हटाने की मांग की.. विपक्षी नेताओं का आरोप है कि मतदाता सूची में गड़बड़ियों के कारण पात्र मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं.

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इसे लोकतंत्र और चुनावी व्यवस्था की पारदर्शिता से जुड़ी लड़ाई बताया. वहीं, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव ने भी लोकतंत्र तथा संविधान की रक्षा के लिए विपक्षी दलों की एकजुटता पर जोर दिया.  हालांकि, फिलहाल इस पूरे मामले में आगे की कार्रवाई याचिका में बताई गई कमियों को दूर करने पर निर्भर करेगी. अब सबकी नजर इस बात पर है कि जरूरी सुधारों के बाद याचिका पर सुनवाई कब होती है और सुप्रीम कोर्ट इस मामले में क्या रुख अपनाता है.

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