जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

कांग्रेस पर चलेगा सुप्रीम कोर्ट की अवमानना का केस! पोस्ट कर CJI सूर्यकांत के खिलाफ की थी टिप्पणी, फिर किया डिलीट

सुप्रीम कोर्ट के एक वकील ने CJI सूर्यकांत से ही इस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू करने की मांग की है.

Author
13 Oct 2026
( Updated: 13 Oct 2026
03:35 PM )
कांग्रेस पर चलेगा सुप्रीम कोर्ट की अवमानना का केस! पोस्ट कर CJI सूर्यकांत के खिलाफ की थी टिप्पणी, फिर किया डिलीट
Image Source- IANS
Advertisement

कांग्रेस की केरल यूनिट के एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. पोस्ट में चीफ जस्टिस सूर्यकांत का इस्तीफा मांगा गया था. इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और बात शीर्ष अदालत की दहलीज तक पहुंच गई है. 

सुप्रीम कोर्ट के एक वकील ने CJI सूर्यकांत से ही इस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू करने की मांग की है. 

कांग्रेस के खिलाफ किसने दी याचिका? 

Advertisement

दरअसल, कांग्रेस केरल ने 'एक्स' पर एक पोस्ट किया था, जिसे बाद में डिलीट कर दिया गया. पोस्ट में लिखा था, ‘डियर सूर्यकांत, अगर कानून-व्यवस्था संभालना आपके बस की बात नहीं है, तो अभी इस्तीफा दे दें. हम आपकी जगह किसी ऐसे व्यक्ति को ले आएंगे जो इसे संभाल सके.’

इस पोस्ट को लेकर वकील विनीत जिंदल ने CJI को शिकायत दी है. उन्होंने कहा है, इस पोस्ट और सुप्रीम कोर्ट परिसर में हुए प्रदर्शन और नारेबाजी की जांच की जानी चाहिए कि क्या यह कानून के तहत कार्रवाई योग्य है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की सुरक्षा और सुचारू कामकाज को लेकर भी चिंता जताई है. 

विनीत जिंदल ने अपनी शिकायत में कहा कि इस पोस्ट की पूरी तथ्यात्मक और कानूनी संदर्भ में जांच होनी चाहिए, ताकि तय हो सके कि यह वैध राजनीतिक आलोचना के दायरे में है या यह अवमानना अधिनियम 1971 की धारा 2(सी) के तहत आता है. 

Advertisement

उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 129 का हवाला दिया, जो सुप्रीम कोर्ट को अपनी अवमानना के लिए सजा देने का अधिकार देता है. उन्होंने मांग की कि अगर जरूरी हो तो स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई की जाए. 

‘राहुल गांधी के प्रदर्शन की भी हो जांच’

वकील विनीत जिंदल ने यह भी मांग की है कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य इंडिया ब्लॉक नेताओं की ओर से याचिका दायर करने के दौरान हुए प्रदर्शन की भी जांच हो. यह देखा जाए कि क्या किसी प्रतिबंधित क्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश किया गया, सुरक्षा निर्देशों का उल्लंघन हुआ या शीर्ष अदालत के काम में बाधा डाली गई. 

Advertisement

विनीत जिंदल ने कहा कि कोई भी निष्कर्ष निकालने से पहले संबंधित CCTV फुटेज, एक्सेस-कंट्रोल लॉग, सुरक्षा रिकॉर्ड और अन्य सबूतों को सुरक्षित रखा जाना चाहिए और उनकी जांच होनी चाहिए. 

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) और सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन (एससीएओआरए) ने भी CJI के इस्तीफे की मांग वाले बयानों की निंदा की थी और चेतावनी दी थी कि ऐसी टिप्पणियां न्यायपालिका की गरिमा को कमजोर करती हैं और न्याय प्रशासन में हस्तक्षेप करती हैं. 

यह भी पढ़ें- राहुल गांधी को ‘सुप्रीम’ राहत, मानहानि केस में नहीं चलेगा ट्रायल, SC ने लगाई रोक, राफेल से जुड़ा क्या है पूरा मामला

Advertisement

यह भी पढ़ें

बता दें कि इंडिया ब्लॉक ने सोमवार को चुनावी अनियमितताओं और एसआईआर के प्रक्रिया के खिलाफ मार्च किया था. इसके बाद विपक्षी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने चुनावी सूची संशोधन प्रक्रिया को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक संयुक्त याचिका दायर की थी. 

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें