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राहुल गांधी को ‘सुप्रीम’ राहत, मानहानि केस में नहीं चलेगा ट्रायल, SC ने लगाई रोक, राफेल से जुड़ा क्या है पूरा मामला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित टिप्पणी के मामले में राहुल गांधी पर मानहानि का केस नहीं चलेगा. कांग्रेस सांसद ने बॉम्बे हाई कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद शीर्ष अदालत का रुख किया था.

राहुल गांधी को ‘सुप्रीम’ राहत, मानहानि केस में नहीं चलेगा ट्रायल, SC ने लगाई रोक, राफेल से जुड़ा क्या है पूरा मामला
Image Source- NMF Input
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सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी से जुड़े आपराधिक मानहानि मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को राहत दी है. शीर्ष अदालत ने मामले में निचली अदालत में चल रही सुनवाई पर रोक लगा दी है. यह मामला राहुल गांधी की उन टिप्पणियों से जुड़ा है, जिनमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘चोरों का सरदार’ और ‘कमांडर-इन-थीफ’ कहा था. 

जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने बॉम्बे हाईकोर्ट के 8 सितंबर के आदेश को चुनौती देने वाली राहुल गांधी की याचिका पर नोटिस जारी किया है. हाईकोर्ट ने आपराधिक मानहानि की शिकायत रद्द करने से इंकार कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित पक्षों को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. इस बीच, ट्रायल कोर्ट में मामले की आगे की कार्यवाही पर रोक रहेगी. 

क्या है मामला? 

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दरअसल राहुल गांधी ने राफेल फाइटर जेट को खरीद को लेकर BJP और PM मोदी को निशाने पर लिया था. इसी दौरान उन्होंने ‘चोरों के सरदार’ वाली कथित टिप्पणी की थी.

राहुल गांधी ने बॉम्बे हाईकोर्ट में मजिस्ट्रेट कोर्ट की ओर से जारी समन को चुनौती दी थी. उनकी दलील थी कि BJP कार्यकर्ता की ओर से दायर शिकायत सुनवाई योग्य नहीं है. उन्होंने कहा था कि उनकी टिप्पणी में किसी राजनीतिक दल का नाम नहीं लिया गया था और न ही किसी स्पष्ट रूप से पहचाने जा सकने वाले व्यक्ति या समूह को निशाना बनाया गया था. ऐसे में मानहानि का मुकदमा चलाने का आधार ही नहीं बनता. 

राहुल गांधी के खिलाफ किसने की थी शिकायत?

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यह शिकायत BJP कार्यकर्ता महेश श्रीश्रीमाल ने मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में दायर की थी. शिकायतकर्ता का आरोप था कि राहुल गांधी की टिप्पणियों से प्रधानमंत्री के साथ-साथ BJP और उसके सदस्यों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा. उनका कहना था कि प्रधानमंत्री को ‘चोरों का सरदार’ कहने का आशय BJP के सदस्यों को भी चोर बताना था. 

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हाईकोर्ट ने अपने आदेश में दिल्ली हाईकोर्ट के शशि थरूर से जुड़े मामले का भी उल्लेख किया था, जिसमें राजनीतिक दल को एक पहचान योग्य संस्था माना गया था. वहीं, दूसरी ओर 10 अक्टूबर के विरोध-प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई से जुड़े मामले में भी राहुल गांधी ने याचिका दाखिल की है. इस मामले में भी सुनवाई के दौरान उनकी ओर से पक्ष रखा जा सकता है. 

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