सेंट्रल विस्टा में 8.5 लाख किताबों के लिए कितनी जगह? सेक्रेटेरियट की लाइब्रेरी पर SC ने केंद्र से मांगा जवाब
रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि दिल्ली की 135 साल पुरानी सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी (CSL) को सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट में जगह नहीं दी गई है.
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सरकार के मास्टर प्रोजेक्ट सेंट्रल विस्टा में लाइब्रेरी के लिए जगह नहीं दिए जाने को लेकर सुर्खियों में है. दावा किया जा रहा है कि नए सेंट्रल विस्टा/कर्तव्य पथ पुनर्विकास योजना में लाइब्रेरी के लिए जगह ही नहीं तय की गई है. इसके बाद बुद्धिजीवियों, लेखकों और आम लोगों ने सवाल उठाए थे. अब इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है.
रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि दिल्ली की 135 साल पुरानी सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी (CSL) को सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट में जगह नहीं दी गई है. मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. जिसमें बेंच ने केंद्र सरकार से जवाब मांगते हुए पूछा है कि नए सेंट्रल विस्टा/कर्तव्य पथ पुनर्विकास योजना में लाइब्रेरी के लिए कितनी जगह तय की गई है?
Supreme Court issued notice to the Centre, seeking a detailed reply within three weeks on the proposed library arrangements under the Central Vista project. The Court also appointed senior advocate Hari Priya Padmanabhan to assist it in the matter.
— ANI (@ANI) October 5, 2026Advertisement
10 लाख से ज्यादा किताबों के लिए जगह का प्लान मांगा
जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की बेंच ने केंद्र सरकार को निर्देश जारी किए हैं. जिसके तहत सरकार को लाइब्रेरी के लिए आवंटित जगह का पूरा ब्योरा और उसका लेआउट प्लान देना होगा. साथ ही यह भी बताना होगा कि प्रस्तावित जगह में शास्त्री भवन में मौजूद 8.5 लाख किताबों के साथ आरके पुरम में रखी 2 लाख किताबों को भी रखा जा सकेगा या नहीं.
सेंट्रल सेक्रेटेरियट की ऐतिहासिक लाइब्रेरी में 8 लाख से ज्यादा किताबें हैं. इसके साथ-साथ दो लाख किताबे आरके पुरम में कार्टन में रखी हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा,
‘आरके पुरम में करीब दो लाख किताबें कार्टन में पड़ी हैं और 2011 से खुली नहीं हैं. आरके पुरम में रखी किताबों का क्या होगा?’
कैसे शुरू हुआ विवाद?
दरअसल, सेंट्रल विस्टा योजना के तहत शास्त्री भवन को हटाने की योजना है. जबकि यहां 135 साल से लाइब्रेरी चल रही है. 29 सितंबर को द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट आई थी. जिसमें दावा किया गया था कि लाइब्रेरी को हटाया जा रहा है. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले में खुद संज्ञान लिया.
केंद्र ने क्या जवाब दिया?
केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) ने लाइब्रेरी को लेकर कुछ तथ्य स्पष्ट किए. X पोस्ट के जरिए बताया गया कि सेंट्रल विस्टा में लाइब्रेरी के लिए जगह तय है. नई लाइब्रेरी के निर्माण की प्रक्रिया भी चल रही है.
कब शुरू हुई थी सेंट्रल सेक्रेटेरियट की लाइब्रेरी
1891 में इंपीरियल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी की शुरुआत हुई थी. 1911 में इसे कलकत्ता से दिल्ली शिफ्ट किया गया था. पहले यह लाइब्रेरी नॉर्थ ब्लॉक में थी बाद में शास्त्री भवन में शिफ्ट कर दिया गया. 5500 वर्ग मीटर में फैली इस लाइब्रेरी में सरकारी नौकरियों की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए भी किताबें रखी हैं.
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