महलों से निकलकर आसमान में भरी उड़ान...थाइलैंड की रानी ने अकेले उड़ाया फाइटर जेट, देखें VIDEO
थाइलैंड की रानी सुथिडा ने सूरत थानी एयरफोर्स बेस पर स्वीडिश JAS 39 C ग्रिपेन फाइटर जेट अकेले उड़ाकर सुर्खियां बटोरीं. बैंकॉक पोस्ट के मुताबिक, उड़ान से पहले उन्होंने फ्लाइट प्लानिंग समझी और विमान की जांच की.
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राजा-महाराजाओं की जिंदगी और उनके शाही अंदाज के किस्से तो आपने खूब सुने होंगे, लेकिन थाइलैंड की रानी सुथिडा ने कुछ ऐसा कर दिखाया है, जिसने उन्हें चर्चा में ला दिया है. रानी ने स्वीडिश फाइटर जेट JAS 39 C ग्रिपेन को अकेले उड़ाकर अपनी विमानन क्षमता का परिचय दिया. उनकी इस उड़ान को लेकर लोगों के बीच काफी दिलचस्पी देखने को मिल रही है.
सूरत थानी एयरबेस से भरी उड़ान
बैंकॉक पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, यह खास मौका थाइलैंड के सूरत थानी प्रांत स्थित एयरफोर्स बेस पर आया. उड़ान से पहले रानी सुथिडा ने फ्लाइट की योजना को समझा और विमान की बारीकियों का जायजा लिया. इसके बाद उन्होंने ग्रिपेन फाइटर जेट में अकेले उड़ान भरी. यह विमान अपनी आधुनिक तकनीक और बहुउद्देशीय सैन्य क्षमताओं के लिए जाना जाता है.
🇹🇭 VIDEO: Her Majesty Queen Suthida conducting her first solo flight in Saab #Gripen C. #RTAF Wing 7, Surat Thani, October 8th. 📷RTAF #military #aviation https://t.co/s8y5WYgFk7
— Gripen News (@GripenNews) October 8, 2026
राजा ने फूल देकर किया सम्मानित
इस ऐतिहासिक मौके पर थाइलैंड के राजा महा वजिरालोंगकोर्न भी मौजूद थे. रानी की सुरक्षित लैंडिंग के बाद राजा ने उन्हें फूलों का गुलदस्ता भेंट किया. साथ ही, उन्हें खास 'ग्रिपेन ऑर्डर गोल्डन पैच' देकर सम्मानित किया गया. यह पल रानी के लिए खास होने के साथ-साथ थाइलैंड के शाही परिवार के लिए भी यादगार रहा.
1100 घंटे से ज्यादा उड़ान का अनुभव
रानी सुथिडा की इस उपलब्धि के पीछे उनका लंबा विमानन अनुभव भी है. वह अब तक 1,100 घंटे से ज्यादा उड़ान भर चुकी हैं. उन्होंने छोटे विमानों के अलावा बोइंग 737 जैसे कमर्शियल विमान भी उड़ाए हैं. यही अनुभव उन्हें विमानन से जुड़े चुनौतीपूर्ण कार्यों के लिए तैयार करता है.
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बताते चलें कि रानी सुथिडा का विमानन कौशल इससे पहले भी चर्चा में रहा है. पिछले साल भूटान की यात्रा के दौरान उन्होंने राजा के साथ पारो एयरपोर्ट पर विमान की सुरक्षित लैंडिंग में भूमिका निभाई थी. पहाड़ी इलाके में स्थित यह हवाई अड्डा अपनी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के लिए जाना जाता है. अब ग्रिपेन की अकेले उड़ान ने एक बार फिर रानी की इस खास रुचि और अनुभव को सुर्खियों में ला दिया है.