विश्वनाथ मंदिर के आंगन और इसके सामने शक्ति मंदिर है. इस मंदिर की खासियत है कि इसमें त्रिशूल लगा है, जिसमें एक शिलालेख है, जिससे पता चलता है कि विश्वनाथ मंदिर का निर्माण कैसे हुआ था. इसके अनुसार, इस मंदिर का निर्माण राजा गणेश्वर और उनके पुत्र गुह, जो एक महान योद्धा थे, ने करवाया था. उन्हीं ने इस त्रिशूल का निर्माण करवाया था.
-
धर्म ज्ञान29 Aug, 202612:28 PMउत्तरकाशी का काशी विश्वनाथ मंदिर, कलयुग में भगवान शिव का दूसरा घर, जानें पौराणिक मान्यता
-
न्यूज28 Aug, 202607:35 PM‘दलित हूं इसलिए…’, आंखों में आंसू लिए कर्नाटक के मंत्री ने दिया इस्तीफा, इस घोटाले से जुड़ा था नाम
इस्तीफे का ऐलान करते हुए बी. नागेंद्र भावुक हो गए और आंसू पोंछते दिखे. उन्होंने कहा, वे अपना त्यागपत्र सौंप रहे हैं. हालांकि उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों का खंडन किया है.
-
धर्म ज्ञान26 Aug, 202607:14 PMकहां है ऋषेश्वर महादेव मंदिर, यहां पूजा करने से पूरी होती हैं सारी मनोकामनाएं, संतान सुख का भी मिलता है आशीर्वाद
लोहावती नदी के तट पर स्थित भगवान शिव का यह मंदिर कभी कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर एक पड़ाव था. ऋषेश्वर महादेव मंदिर लोहाघाट के लोगों के लिए आस्था का एक बड़ा केंद्र है. ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर के दर्शन किए बिना लोहाघाट की यात्रा अधूरी मानी जाती है.
-
धर्म ज्ञान26 Aug, 202601:21 PMRaksha Bandhan 2026: शिवभक्तों की आस्था का केंद्र मणिमहेश कैलाश, रक्षाबंधन पर दिव्य रोशनी से जगमगाता है पर्वत, भोलेनाथ को ऐसे करें प्रसन्न
मणिमहेश कैलाश पर्वत को लेकर मान्यता है कि यहां भोलेनाथ स्वयं निवास करते हैं और उनके मस्तक पर स्थित 'मणि' रूपी किरण आज भी भक्तों को अलौकिक अनुभूति करवाती है. मणिमहेश को भगवान शिव के पांच प्रमुख कैलाश स्थलों में से एक माना जाता है.
-
Being Ghumakkad25 Aug, 202605:47 PMराक्षस के नाम से प्रसिद्ध है उत्तराखंड का ये अनोखा शिव मंदिर...84 गांव चढ़ाते हैं पहली फसल
देव भूमि उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों में बसा है तारकेश्वर महादेव मंदिर, जो भगवान शिव को समर्पित है. देवदार और चीड़ के घने जंगलों के बीच स्थित ये मंदिर अपनी अनोखी मान्यता और खूबसूरती के लिए प्रसिद्ध है.
-
Advertisement
-
धर्म ज्ञान25 Aug, 202606:00 AMAaj Ka Panchang 25 August : सावन का अंतिम भौम प्रदोष और मंगला गौरी व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल
मंगलवार को हर्षण योग नहीं रहेगा, बल्कि सुबह लगभग 7:39 से 7:41 बजे तक आयुष्मान योग प्रभावी रहेगा, इसके बाद सौभाग्य योग लग जाएगा. अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:03 से 12:54 बजे तक रहेगा. यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है. अमृत काल दोपहर 3:48 से शाम 5:33 बजे तक रहेगा.
-
धर्म ज्ञान24 Aug, 202605:40 PM‘मृत्यु पर विजय पाने वाले’ महादेव का मंदिर, द्वाराहाट के मृत्युंजय मंदिर की क्या है खासियत?
भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर अपनी प्राचीनता, धार्मिक आस्था और विशिष्ट नागर शैली की स्थापत्य कला के कारण आकर्षण का केंद्र है.कत्यूरी राजाओं के शासनकाल (लगभग 8वीं से 16वीं शताब्दी के बीच) में बनाए गए इस मंदिर को 'मंदिरों की नगरी' भी कहा जाता है, जहां कई प्राचीन मंदिर समूह मौजूद हैं.
-
धर्म ज्ञान23 Aug, 202601:20 PMसावन के आखिरी सोमवार को करें इन चीजों का दान, सालभर महादेव की कृपा से घर में बनी रहेगी सुख-शांति और समृद्धि
सावन का आखिरी सोमवार 24 अगस्त को है. इस दिन पूजा, व्रत, अभिषेक और दान-पुण्य का विशेष महत्व माना जाता है. अंतिम सोमवार के चलते काशी समेत ज्योतिर्लिंगों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है.
-
Being Ghumakkad22 Aug, 202602:23 PMउत्तराखंड का 'छोटा अमरनाथ'....गुफा के अंदर भगवान शिव का बर्फानी अवतार
उत्तराखंड में स्थित 'छोटा अमरनाथ' की यात्रा आपको आध्यात्म और प्रकृति के संगम का अनूठा अनुभव कराती है. चमोली जिले के नीति घाटी में स्थित टिम्मरसैंण महादेव गुफा के भीतर भगवान शिव साक्षात् रूप में विराजमान हैं, जिनके दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं.
-
धर्म ज्ञान21 Aug, 202611:53 AMउत्तराखंड : बागेश्वर में स्थित बागनाथ मंदिर बना आस्था का केंद्र, CM धामी ने तीर्थयात्रियों से की यहाँ आने की अपील
उत्तराखंड के बागेश्वर में स्थित इस मंदिर की मान्यता है कि इसी पावन स्थल पर भगवान शिव ने 'बाघ' (व्याघ्र) का रूप धारण कर महर्षि वशिष्ठ की पूजा सफल की थी, जिससे इस धाम का नाम 'बागनाथ' पड़ा. यहां भगवान शिव 'व्याघ्रेश्वर' (बाघ के रूप में) प्रकट हुए थे.
-
धर्म ज्ञान20 Aug, 202611:41 AMश्रीनगर का कमलेश्वर महादेव मंदिर, जहां 108 कमल लेकर पहुंचे थे भगवान राम!
इस मंदिर मान्यता है कि त्रेता युग में रावण वध के पश्चात ब्रह्महत्या के पाप से मुक्ति पाने के लिए भगवान राम ने यहां भगवान शिव की तपस्या की थी. राम ने शिव जी को 108 कमल के फूल अर्पित करने का संकल्प लिया था.
-
धर्म ज्ञान18 Aug, 202612:08 PMदक्ष प्रजापति महादेव मंदिर का रहस्य, जहां से जुड़ी है शिव के तांडव की कथा
राजा दक्ष प्रजापति ने यहां एक विशाल यज्ञ किया था, जिसमें भगवान शिव और माता सती को आमंत्रित नहीं किया गया था. अपमानित महसूस करने पर माता सती उसी यज्ञ कुंड में आत्मदाह कर दिया था. इसी घटना के बाद भगवान शिव ने तांडव किया और विष्णु जी ने अपने सुदर्शन चक्र से सती के शरीर के 51 टुकड़े किए, जिससे देशभर में 51 शक्तिपीठों का निर्माण हुआ.
-
धर्म ज्ञान17 Aug, 202606:00 AM17 अगस्त का पंचांग: सावन का तीसरा सोमवार और नाग पंचमी का दुर्लभ संयोग, जानें पूरे दिन का सबसे शुभ समय
सोमवार को श्रावण महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि शाम 5:00 बजे तक है. इसके बाद षष्ठी तिथि लग जाएगी. इस दिन सावन का तीसरा सोमवार और नाग पंचमी का दुर्लभ संयोग है. मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव और नाग देवता की पूजा करना विशेष फलदाई रहेगा.