अभिषेक बनर्जी पर हमले के पीछे कौन? गिरफ्तार आरोपियों के तार पूर्व TMC विधायक से जुड़े, बढ़ी सियासी हलचल
पश्चिम बंगाल में अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले की जांच में नया मोड़ आया है. पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से कई के तार सोनारपुर की पूर्व टीएमसी विधायक लवली मैत्रा से जुड़े बताए जा रहे हैं. इस खुलासे के बाद मामले को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं.
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पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में हुए कथित हमले की जांच में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है. पुलिस जांच में गिरफ्तार किए गए कई आरोपियों के तार सोनारपुर की पूर्व टीएमसी विधायक लवली मैत्रा से जुड़े पाए जाने की जानकारी सामने आई है. इसके बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह के सवाल उठने लगे हैं.
पांच आरोपियों की गिरफ्तारी से बढ़ी चर्चा
जानकारी के अनुसार, बंगाल पुलिस ने इस मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों में तपन माइती, आकाश गयान, निर्मल्य सेनगुप्ता उर्फ जॉय, काजल दास और देबाशीष दत्ता शामिल हैं. पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई है.
पूर्व विधायक से जुड़े होने के दावे
सबसे अधिक चर्चा तपन माइती और निर्मल्य सेनगुप्ता उर्फ जॉय को लेकर हो रही है. स्थानीय स्तर पर दोनों को पूर्व विधायक लवली मैत्रा का करीबी माना जाता रहा है. वहीं, काजल दास और देबाशीष दत्ता के बारे में भी ऐसी ही जानकारियां सामने आई हैं. हालांकि, अभी तक इस मामले में किसी भी राजनीतिक साजिश को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला गया है.
क्या पार्टी के भीतर मतभेदों का संकेत है यह मामला?
इस पूरे घटनाक्रम ने इसलिए भी ध्यान खींचा है क्योंकि टीएमसी लंबे समय से पश्चिम बंगाल की सबसे प्रभावशाली राजनीतिक ताकत रही है. ऐसे में यदि जांच में पार्टी से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आती है, तो यह मामला केवल एक आपराधिक घटना तक सीमित नहीं रह जाएगा. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे पार्टी के भीतर मौजूद संभावित मतभेदों और स्थानीय स्तर की गुटबाजी पर भी चर्चा तेज हो सकती है.
आकाश गयान के परिवार ने क्या कहा?
गिरफ्तार आरोपी आकाश गयान को लेकर भी कई बातें सामने आई हैं. उसकी मां ने स्वीकार किया है कि आकाश तृणमूल कांग्रेस से जुड़ा हुआ था और चुनाव के दौरान पार्टी के बूथों पर सक्रिय भूमिका निभाता था. परिवार का कहना है कि उसके पास अभिषेक बनर्जी के खिलाफ किसी तरह की व्यक्तिगत दुश्मनी का कोई कारण नहीं था. आकाश की मां के अनुसार, घटना वाले दिन वह सामान्य रूप से घर लौटा था और बाद में फुटबॉल खेलने गया था. उसी रात पुलिस उसे पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई.
निर्मल्य सेनगुप्ता उर्फ जॉय के परिवार का दावा
वहीं, निर्मल्य सेनगुप्ता उर्फ जॉय के परिवार ने भी सभी आरोपों को खारिज किया है. परिवार का दावा है कि जॉय लंबे समय से स्थानीय राजनीति में सक्रिय रहा है, लेकिन उसे इस मामले में गलत तरीके से फंसाया जा रहा है.
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बहरहाल, पुलिस जांच जारी है और कई महत्वपूर्ण पहलुओं की पड़ताल की जा रही है. आने वाले दिनों में जांच के नए निष्कर्ष सामने आ सकते हैं. पूरे राज्य की नजर अब इस मामले पर टिकी हुई है, क्योंकि यह जांच न केवल हमले की सच्चाई उजागर करेगी बल्कि पश्चिम बंगाल की राजनीति के कई अनदेखे पहलुओं पर भी रोशनी डाल सकती है.