×
जिस पर देशकरता है भरोसा

बकरीद के बाद बिलाल बना विशाल… बेजुबानों की कुर्बानी से आहत होकर अपनाया सनातन धर्म, महादेव मंदिर में हुआ शुद्धिकरण

बिलाल से विशाल बने युवक का कहना है कि जानवरों की कुर्बानी उसे बचपन से ही विचलित करती थी. खंडवा के प्रसिद्ध महादेवगढ़ मंदिर में पहले बिलाल का शुद्धिकरण हुआ.

Author
31 May 2026
( Updated: 31 May 2026
03:37 PM )
बकरीद के बाद बिलाल बना विशाल… बेजुबानों की कुर्बानी से आहत होकर अपनाया सनातन धर्म, महादेव मंदिर में हुआ शुद्धिकरण
Source- AI/Social Media
Advertisement

MP News: क्या किसी धर्म को छोड़ने की वजह उस धर्म का त्यौहार हो सकता है? मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में कुछ ऐसा ही हुआ, यहां एक मुस्लिम युवक ने बकरीद के बाद मुस्लिम धर्म छोड़ सनातन अपना लिया. युवक ने धर्म छोड़ने की वजह बकरीद पर दी जाने वाली कुर्बानी को बताया. 

जानकारी के मुताबिक, बिलाल नाम के मुस्लिम युवक ने महादेवगढ़ मंदिर में सनातन धर्म अपना लिया है. हिंदू धर्म के रिवाजों के मुताबिक बिलाल ने धर्म परिवर्तन किया और बिलाल से विशाल बन गया. उसने बकायदा सिर मुंडवाकर अपनी पिछली पहचान को मिटा दिया. युवक का कहना है कि उसने अपने जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत की है. 

बेजुबानों की कुर्बानी ने आहत किया

बिलाल खंडवा के खिरकिया इलाके में रहता है. मुस्लिम धर्म छोड़ने के पीछे उसने सबसे बड़ी वजह जानवरों की सार्वजनिक कुर्बानी को बताया. बिलाल से विशाल बने युवक का कहना है कि जानवरों की कुर्बानी उसे बचपन से ही विचलित करती थी. 

बिलाल ने महादेवगढ़ मंदिर के प्रमुख के सामने अपनी कशमकश बताते हुए धर्म बदलने की पेशकश की. उसने बताया, वह बचपन से ही इस्लाम धर्म में बकरीद के त्योहार पर होने वाले बड़े पैमाने पर मूक पशुओं के कत्लेआम से बेहद आहत था. त्योहार के नाम पर बेजुबान जानवरों की बेरहमी से की जाने वाली हत्याएं उसके संवेदनशील मन को झकझोर देती थीं, समय के साथ यह आहत भाव इतना गहरा गया कि उसने सनातन धर्म अपनाने का निश्चय कर लिया.

Advertisement

यह भी पढ़ें- 20 साल जेल, मौत की सजा और फिर चमत्कार...बकरीद पर भारत लौटे अब्दुल

दो दिन पहले बकरीद का त्यौहार था, जिसमें बिलाल ने अपने सामने कुर्बानी होते हुए देखा और धर्म त्यागने का इरादा पक्का कर लिया. बिलाल ने महादेवगढ़ मंदिर की महिमा के बारे में सुना था. कहा जाता है पुरुषोत्तम मास में इस महीने में भगवान स्वयं धरती पर आकर विराजते हैं, बिलाल चाहता था वह इस शुभ समय में ही सनातन धर्म अपनाए. 

शुद्धिकरण के बाद अपनाया सनातन 

Advertisement

यह भी पढ़ें

खंडवा के प्रसिद्ध महादेवगढ़ मंदिर में पहले बिलाल का शुद्धिकरण हुआ. 10 विधि स्नान में गंगाजल, गो-दुग्ध, पंचामृत, गोमूत्र, गौ-गोबर, तुलसी रज, फल, धातु, पंचगव्य और कोष से स्नान कराया गया. फिर मुंडन और महाआरती के बीच बिलाल विशाल बना. इस दौरान मंदिर में जय श्री राम और महादेव के नारे लगे. सनातन अपनाने के बाद विशाल को रामायण भी दी गई. 

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
अधिक
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें