हरियाणा सरकार का बड़ा तोहफा, 60 ITI बनेंगी स्मार्ट; युवाओं को मिलेंगे रोजगार के नए मौके
Haryana: प्रधानमंत्री स्किल एंड इंप्लायबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई (PM-सेतु) योजना के तहत प्रदेश की 60 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को आधुनिक बनाया जाएगा.
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Haryana: हरियाणा सरकार ने राज्य के युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर देने के लिए कौशल विकास के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाया है. प्रधानमंत्री स्किल एंड इंप्लायबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई (PM-सेतु) योजना के तहत प्रदेश की 60 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को आधुनिक बनाया जाएगा. इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 2892 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. सरकार का लक्ष्य है कि इन ITI में पढ़ने वाले युवाओं को नई तकनीक, बेहतर ट्रेनिंग और उद्योगों के हिसाब से तैयार किया जाए, ताकि उन्हें रोजगार पाने में आसानी हो.
12 क्लस्टर में बांटकर होगा ITI का कायाकल्प
इस योजना के तहत प्रदेश में कुल 12 हब-एंड-स्पोक क्लस्टर बनाए जाएंगे. इसमें एक बड़ी ITI को हब संस्थान बनाया जाएगा, जिसके साथ आसपास की कई छोटी ITI को जोड़ा जाएगा. इन संस्थानों में आधुनिक कोर्स शुरू किए जाएंगे, ट्रेनर्स को नई तकनीक की ट्रेनिंग दी जाएगी और छात्रों के लिए प्लेसमेंट की बेहतर व्यवस्था भी तैयार की जाएगी. फिलहाल सात क्लस्टर की पहचान कर ली गई है. इनमें कुरुक्षेत्र, कलायत (कैथल), पलवल, छारा (झज्जर), सोनीपत, मतलौडा (पानीपत) और बेरली कलां (रेवाड़ी) शामिल हैं. इनमें से पांच क्लस्टर के लिए आगे की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है.
ITI में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं और नए कोर्स
सरकार की योजना सिर्फ इमारतों को बेहतर बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि ITI में पढ़ाई और ट्रेनिंग के तरीके को भी बदला जाएगा. इन संस्थानों में नए जमाने के हिसाब से कोर्स शुरू किए जाएंगे, जिससे छात्र इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुसार स्किल हासिल कर सकें.
इसके अलावा छात्रों के लिए प्लेसमेंट सेवाएं मजबूत की जाएंगी और कुछ संस्थानों में उत्पादन इकाइयां भी विकसित की जाएंगी. इससे छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ वास्तविक काम का अनुभव भी मिलेगा.
तीन क्लस्टर जल्द होंगे शुरू
सरकार ने योजना के तहत तीन क्लस्टरों को साल 2026-27 में शुरू करने का लक्ष्य रखा है. इनमें कुरुक्षेत्र और कलायत क्लस्टर प्रमुख हैं. कुरुक्षेत्र ITI के साथ पांच और कलायत ITI के साथ चार अन्य संस्थान जोड़े जाएंगे. इन दोनों क्लस्टरों में कुल मिलाकर करीब 4800 से ज्यादा छात्रों को फायदा मिलेगा.
इन क्लस्टरों के विकास के लिए जिंदल नवीन अवसार लिमिटेड के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम और जिंदल फाउंडेशन ने पांच साल की रणनीतिक निवेश योजना पेश की है. इसमें 520 करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश का प्रस्ताव रखा गया है. इस योजना में केंद्र सरकार, राज्य सरकार और उद्योग जगत मिलकर योगदान देंगे.
सरकार ने अधिकारियों को दिए तेजी से काम करने के निर्देश
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मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई बैठक में योजना की प्रगति की समीक्षा की गई. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाकी बचे क्लस्टरों की पहचान जल्द पूरी की जाए और जरूरी प्रक्रियाएं समय पर पूरी हों, ताकि योजना को जल्द जमीन पर उतारा जा सके.
हरियाणा सरकार का मानना है कि ITI के आधुनिकीकरण से प्रदेश के हजारों युवाओं को फायदा मिलेगा. बेहतर ट्रेनिंग और उद्योगों से जुड़ाव बढ़ने से युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे.