NEET विरोध-प्रदर्शनों पर बोले CM फडणवीस, कहा-राजनीतिक एजेंडे के लिए आंदोलन का हो रहा इस्तेमाल
जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर पुलिस के लाठीचार्ज का जिक्र करते हुए, मुख्यमंत्री ने कानून लागू करने वाली एजेंसियों का बचाव किया. उन्होंने कहा कि हिंसा भड़कने के बाद किसी बड़ी अनहोनी को रोकने के लिए बल प्रयोग जरूरी था.
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को विपक्षी दलों और राजनीतिक संगठनों पर तीखा हमला किया. उन्होंने आरोप लगाया कि ये दल और संगठन नीट पेपर लीक के मामले में चल रहे विरोध-प्रदर्शनों का इस्तेमाल अपने स्वार्थ के एजेंडे को आगे बढ़ाने और राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने के लिए कर रहे हैं.
मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए, मुख्यमंत्री फडणवीस ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' और जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के विरोध प्रदर्शनों पर टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन एक मौलिक संवैधानिक अधिकार है, लेकिन इसके साथ कुछ कर्तव्य और जिम्मेदारियां भी जुड़ी होती हैं.
"लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन जिम्मेदारी भी"
मुख्यमंत्री ने कहा कि शांतिपूर्ण और अधिकृत प्रदर्शनों को हमेशा अनुमति दी जाएगी. हालांकि, उन्होंने हिंसा का सहारा लेने वाले अनधिकृत प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया.
मुख्यमंत्री ने कहा, "लोकतंत्र में हर किसी को विरोध करने का अधिकार है, लेकिन ऐसा करते समय संविधान से मिले अधिकारों और जिम्मेदारियों, दोनों का ध्यान रखना चाहिए. राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने के इरादे से अनधिकृत विरोध-प्रदर्शन करना और हिंसा का सहारा लेना पूरी तरह से अस्वीकार्य है. ऐसी गतिविधियों के खिलाफ जरूरी कार्रवाई की जानी चाहिए."
"कुछ दलों को छात्रों की नहीं, राजनीति की चिंता"
मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस बात पर जोर दिया कि जब विरोध प्रदर्शनों में कोई स्पष्ट केंद्रीय नेतृत्व नहीं होता है, तो अवसरवादी और गलत इरादे वाले लोग अक्सर व्यक्तिगत या राजनीतिक लाभ के लिए स्थिति का फायदा उठाते हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि कई राजनीतिक दलों और संगठनों ने, जिन्हें नीट या प्रभावित छात्रों की कोई वास्तविक चिंता नहीं है, केवल अशांति फैलाने के लिए इस आंदोलन में घुसपैठ की है.
उन्होंने कहा, "जब कोई आंदोलन बिना चेहरे और बिना नेता का होता है, तो उसमें कुछ खास तरह के तत्व शामिल हो जाते हैं. वे प्रदर्शनकारियों के कंधे पर बंदूक रखकर अपने स्वार्थी लक्ष्यों को हासिल करने की कोशिश करते हैं. इनमें से कई लोगों को यह भी नहीं पता कि नीट क्या है या यह कब हुई थी. वे केवल अपना राजनीतिक एजेंडा आगे बढ़ा रहे हैं."
विपक्षी ताकतों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, "जिन राजनीतिक दलों को उनके राज्यों में मतदाताओं ने नकार दिया है, वे अब अशांति से राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं."
पुलिस कार्रवाई का किया बचाव
जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर पुलिस के लाठीचार्ज का जिक्र करते हुए, मुख्यमंत्री ने कानून लागू करने वाली एजेंसियों का बचाव किया. उन्होंने कहा कि हिंसा भड़कने के बाद किसी बड़ी अनहोनी को रोकने के लिए बल प्रयोग जरूरी था.
मुख्यमंत्री के मुताबिक, "कोई भी सरकार अपने ही नागरिकों पर लाठीचार्ज करना पसंद नहीं करती. हालांकि, सोमवार की अराजक स्थिति को देखते हुए, जहां पुलिस की गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया गया और अधिकारियों पर पथराव किया गया, अगर पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित नहीं किया होता, तो और भी बुरी घटनाएं हो सकती थीं. पुलिस ने बहुत संयम दिखाया और व्यवस्था बहाल करने के लिए स्थिति के अनुसार उचित कार्रवाई की."
उन्होंने माना कि कुछ लोग नेक इरादों के साथ इसमें शामिल हुए थे. उन्होंने यह भी कहा कि कुछ उपद्रवी तत्वों और राजनीतिक रूप से मौके का फायदा उठाने वालों ने आंदोलन को भटका दिया.
अजित पवार को दी श्रद्धांजलि
इस बीच, मुख्यमंत्री फडणवीस ने दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार की जयंती से पहले उनके अलग राजनीतिक व्यक्तित्व, उनके समर्पण और सख्त लेकिन मिलनसार नेतृत्व शैली का जिक्र किया.
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पवार के सम्मान में आयोजित एक फोटो प्रदर्शनी में श्रद्धांजलि देते हुए, मुख्यमंत्री फडणवीस ने खेती-किसानी से जुड़ी राहत के बारे में एक अहम नीतिगत घोषणा की. मुख्यमंत्री ने घोषणा की, "दिवंगत अजित पवार की जयंती पर, राज्य सरकार कृषि ऋण माफी योजना के तहत पात्र किसानों की पहली सूची जारी करने की कोशिश कर रही है."