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'नहीं छोड़ेंगे जंतर-मंतर, जारी रहेगा आंदोलन...', देर रात फिर जुटे प्रदर्शनकारी, सरकार से बातचीत के लिए CJP ने रखी नई शर्त

दिल्ली में CJP का 'संसद चलो' मार्च हिंसक झड़प में बदल गया, जिसमें 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए. देर रात जंतर-मंतर लौटे प्रदर्शनकारियों के बीच CJP प्रमुख अभिजीत दिपके ने कहा कि आंदोलन जारी रहेगा और मंगलवार को फिर संसद मार्च निकाला जाएगा.

'नहीं छोड़ेंगे जंतर-मंतर, जारी रहेगा आंदोलन...', देर रात फिर जुटे प्रदर्शनकारी, सरकार से बातचीत के लिए CJP ने रखी नई शर्त
Image Source: Screengrab
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देश की राजधानी दिल्ली में मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को जिस तरह से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का 'संसद चलो' मार्च सोमवार को बड़े टकराव में बदला वो कोई आम घटना नहीं है. जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच हुई झड़प ने पूरे घटनाक्रम को देशभर में चर्चा का विषय बना दिया. दिल्ली पुलिस के अनुसार इस दौरान 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस स्तर के बड़े अधिकारी भी शामिल हैं. फिलहाल यह आंदोलन थमता नहीं दिख रहा है. CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने साफ कहा है कि आंदोलन जारी रहेगा और प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर नहीं छोड़ेंगे.

संसद मार्च के दौरान क्यों बढ़ा विवाद

दरअसल, CJP ने यह मार्च परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों के विरोध और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित किया था. प्रदर्शनकारी संसद तक पहुंचकर अपनी मांगें सरकार के सामने रखना चाहते थे. हालांकि पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें 'मार्च' की अनुमति नहीं दिए थे इसलिए उन्हें जंतर-मंतर से आगे बढ़ने से रोक दिया. इसके बाद हालात तेजी से बिगड़ गए. पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया. वहीं कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस बसों के शीशे तोड़े जाने की भी खबर सामने आई. पूरे घटनाक्रम के दौरान 70 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया. कनॉट प्लेस, जनपथ और आसपास के कई इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया.

जंतर-मंतर पर देर रात फिर लौटे प्रदर्शनकारी

दिनभर की कार्रवाई के बाद दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर स्थित धरना स्थल को खाली करा दिया. वहां लगे टेंट, मंच, तिरपाल, पोस्टर, बैनर, कालीन और अन्य व्यवस्थाएं हटा दी गईं. इसके बावजूद देर रात प्रदर्शनकारी केरल हाउस से निकलकर दोबारा जंतर-मंतर पहुंच गए और अंधेरे में ही धरना जारी रखा. अभिजीत दिपके ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आंदोलन खत्म नहीं होगा. उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी फिर से मंच बनाएंगे और दोबारा संसद मार्च की तैयारी करेंगे. उनके मुताबिक आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक प्रमुख मांगों पर सरकार कोई ठोस फैसला नहीं लेती.

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बातचीत के लिए रखी नई शर्त

आंदोलन के बीच CJP प्रमुख अभिजीत दिपके ने बातचीत को लेकर नई शर्त भी रख दी. उन्होंने कहा कि यदि सरकार या पुलिस बातचीत करना चाहती है तो उसे जंतर-मंतर आना होगा. उनके अनुसार प्रदर्शनकारी अपना धरना स्थल छोड़कर किसी अन्य स्थान पर वार्ता के लिए नहीं जाएंगे. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि मंगलवार को भी 'संसद मार्च' जारी रहेगा. यह बयान ऐसे समय आया है जब आंदोलन को आगे बढ़ाने की रणनीति पर पार्टी के भीतर लगातार बैठकें चल रही हैं. पार्टी का कहना है कि जल्द ही अगले चरण के आंदोलन की आधिकारिक घोषणा की जाएगी.

सरकार से बातचीत पर क्या बोले CJP नेता?

CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि वह और सौरभ दास प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधि के रूप में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मिलने उनके आवास पहुंचे थे. उन्होंने दावा किया कि उन्हें करीब दो घंटे तक इंतजार कराया गया और इस दौरान फोन इस्तेमाल करने की भी अनुमति नहीं थी. रांका के अनुसार मुलाकात के दौरान उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, सोनम वांगचुक की रिहाई और कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले नीट अभ्यर्थियों के परिजनों को मुआवजा देने जैसी मांगें रखीं. उनका कहना है कि जेपी नड्डा ने शीर्ष नेतृत्व से बातचीत का भरोसा दिया था, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक जवाब नहीं मिला है.

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी

CJP का कहना है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सरकार संतोषजनक जवाब देने में असफल रही है. इसी कारण आंदोलन को और तेज करने की तैयारी की जा रही है. धरना स्थल पर मौजूद कई प्रदर्शनकारियों ने कहा कि भले ही पहले दिन उनकी मांग पूरी नहीं हुई, लेकिन आंदोलन जारी रखने का उनका संकल्प पहले से ज्यादा मजबूत हो गया है. वहीं कुछ लोग इस बात से भी नाराज है कि सरकार की तरफ़ से कोई ठोस प्रतिक्रिया अभी नहीं आई है. 

दिल्ली पुलिस ने शांति बनाए रखने की अपील की

दिल्ली पुलिस ने पूरे घटनाक्रम के बाद लोगों से शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है. पुलिस ने स्पष्ट किया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत जंतर-मंतर के अलावा किसी अन्य स्थान पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं है. अधिकारियों ने कहा कि राजधानी की सुरक्षा और सामान्य जनजीवन प्रभावित न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.

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बताते चलें किअब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत का रास्ता निकलता है या आंदोलन आने वाले दिनों में और बड़ा रूप लेता है. फिलहाल जंतर-मंतर एक बार फिर विरोध का केंद्र बन चुका है और CJP की तरफ सोमवार की देर रात जिस तरह से संकेत दिए गए हैं वो बताता हैं कि सरकार के लिए ये प्रदर्शन अभी चुनौती बना रहेगा. 

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