LPG, CNG ही नहीं... अब मोबाइल नेटवर्क तक पहुंची ईरान युद्ध की आग, मचा हाहाकार, बंद हो सकता है इंटरनेट
Internet Shut Down: कुछ देशों में आर्थिक और ऊर्जा संकट जैसी स्थिति बनने की बात सामने आ रही है. इसका असर सिर्फ बड़े देशों तक ही सिमित नहीं है, बल्कि विकासशील देशों पर भी इसकी आंच पड़ती दिख रही है.
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Internet Shut Down: आजकल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए है. ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज जैसे अहम समुद्री रास्तों में अस्थिरता की वजह से कई देशों में ईंधन की सप्लाई पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है. इसी वजह से कुछ देशों में आर्थिक और ऊर्जा संकट जैसी स्थिति बनने की बात सामने आ रही है. इसका असर सिर्फ बड़े देशों तक ही सिमित नहीं है, बल्कि विकासशील देशों पर भी इसकी आंच पड़ती दिख रही है.
बांग्लादेश में हालात क्यों बिगड़ रहे हैं
बांग्लादेश, जिसकी आबादी करीब 17 करोड़ है, अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा यानी लगभग 90 से 95 प्रतिशत तेल और गैस बाहर से मंगाता है. इनमें भी अधिकतर सप्लाई मध्य पूर्व देशों से आती है. अब जब वैश्विक स्तर पर शिपिंग रूट और सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ने की बात सामने आ रही है, तो इसका सीधा असर बांग्लादेश की ऊर्जा व्यवस्था पर पड़ रहा है. देश में ईंधन की कमी और बिजली संकट जैसी परेशानियां बढ़ती नजर आ रही हैं.
ढाका समेत कई शहरों में रोजमर्रा की मुश्किलें
रिपोर्ट्स के मुताबिक ढाका और अन्य बड़े शहरों में पेट्रोल पंपों पर लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं. लोग कई-कई घंटे इंतजार कर रहे हैं ताकि उन्हें ईंधन मिल सके. सरकार ने स्थिति को संभालने के लिए डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी जैसे कदम भी उठाए हैं, लेकिन इसका सीधा असर आम लोगों की जेब और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है.
बिजली संकट का असर उद्योगों पर
बिजली की कमी के कारण बांग्लादेश का गारमेंट (रेडीमेड कपड़ा) उद्योग भी प्रभावित हुआ है. बताया जा रहा है कि उत्पादन में गिरावट आई है, जिससे देश की आर्थिक गतिविधियों पर दबाव बढ़ गया है. गारमेंट सेक्टर बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है, इसलिए इसमें किसी भी तरह की गिरावट का असर पूरे देश की कमाई और रोजगार पर पड़ता है.
टेलीकॉम और इंटरनेट सेवाओं पर खतरा
सबसे बड़ी चिंता अब टेलीकॉम सेक्टर को लेकर सामने आ रही है. मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं चलाने के लिए टेलीकॉम कंपनियां अक्सर बिजली कटौती के समय डीजल जनरेटर का इस्तेमाल करती हैं.लेकिन अब लगातार लंबे समय तक बिजली कटौती की वजह से डीजल की खपत बढ़ गई है और इसकी सप्लाई पर भी दबाव देखा जा रहा है. अगर यही स्थिति बनी रहती है, तो मोबाइल नेटवर्क, इंटरनेट, और डिजिटल सेवाओं पर गंभीर असर पड़ सकता है.
डिजिटल सेवाएं और आम लोगों की परेशानी
अगर टेलीकॉम नेटवर्क प्रभावित होता है, तो इसका असर सिर्फ कॉल और इंटरनेट तक ही सीमित नहीं रहेगा. आज के समय में बांग्लादेश में मोबाइल बैंकिंग और डिजिटल लेन-देन (जैसे रोजमर्रा के भुगतान, पैसे भेजना आदि) बहुत आम हो चुका है ऐसे में नेटवर्क बाधित होने पर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी सीधे प्रभावित हो सकती है. इससे छोटे व्यापार, नौकरीपेशा लोग और आम नागरिक, सभी को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.
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ऊर्जा संकट और अंतरराष्ट्रीय तनाव की वजह से बांग्लादेश जैसे देशों में स्थिति धीरे-धीरे चुनौतीपूर्ण होती दिख रही है. ईंधन, बिजली और डिजिटल सेवाओं पर दबाव बढ़ने से आम लोगों की जिंदगी पर सीधा असर पड़ने का खतरा बना हुआ है.
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