‘मोदी ने मरवा दिया…’ कांग्रेस की मीटिंग में राहुल गांधी ने ऐसा क्यों कहा? कर दिया बड़ा ऐलान
कांग्रेस के लिए यह बैठक बेहद अहम थी, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, महासचिव से लेकर राज्य प्रभारी और प्रदेशों के अध्यक्ष पहुंचे थे. मीटिंग में NEET और पेपर लीक प्रमुख मुद्दा रहा.
Follow Us:
महंगाई, बेरोजगारी, NEET, CBSE, और पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार को घेरा. गुरुवार को राहुल गांधी की अध्यक्षता में कांग्रेस ने इन मुद्दों को लेकर एक रणनीतिक बैठक भी की. जिसका मकसद इन मुद्दों को केंद्र में रखकर NDA पर दबाव बनाना था. इस मीटिंग के बाद जिस बात की सबसे ज्यादा चर्चा रही वो थी सांसद राहुल गांधी की एक टिप्पणी. जिसमें उन्होंने कहा था, ‘मोदी ने मरवा दिया.’
कांग्रेस के लिए यह बैठक बेहद अहम थी, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, महासचिव से लेकर राज्य प्रभारी और प्रदेशों के अध्यक्ष पहुंचे थे. चर्चा के दौरान खड़गे ने केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की. राहुल गांधी ने बेरोजगारी और पेपर लीक को सबसे बड़ी समस्या बताया. राहुल ने मीटिंग में मुश्किल हालातों का जिक्र करते हुए कहा, मोदी ने मरवा दिया. इसका मतलब मुश्किल हालातों में डाल दिया.
राहुल गांधी ने क्या कहा?
बताया जा रहा है राहुल ने मीटिंग में ये कहा है कि बेरोजगारी युवाओं को परेशान कर रही है, एग्ज़ाम पेपर लीक होने से छात्र परेशान हैं. उन्होंने मोदी सरकार की विदेश नीति और बढ़ती महंगाई पर भी हमला बोला. राहुल ने कहा, सरकार की विदेश नीति में कमी के चलते ही महंगाई बढ़ रही है. जिससे आम औैर गरीब लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं. उन्होंने किसानों का मुद्दा उठाते हुए कहा, सरकारी नीतियों और अमेरिका के साथ ट्रेड डील से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है. सरकार संविधान की अनदेखी करके लोकतंत्र को कमजोर कर रही है. इसी पर आगे बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा, मोदी ने मरवा दिया.
पार्टी नेताओं को जमीनी स्तर पर लोगों से जुड़ने के निर्देश
मीटिंग में राहुल गांधी ने इस बात पर जोर दिया कि नेता और कार्यकर्ताओं को जमीन पर उतरकर लोगों की मुश्किलों को समझना होगा. जनता को जमीनी मुद्दों की अनदेखी के खिलाफ जागरुक करना होगा. इसके साथ ही बैठक में संगठनात्मक रणनीतियों, आगामी आंदोलनों और राज्यसभा चुनाव से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की गई.
महंगाई और परीक्षा घोटालों के खिलाफ कांग्रेस शुरू करेगी अभियान
मीटिंग में कांग्रेस ने देशभर में महंगाई, बेरोजगारी, परीक्षा घोटालों, सामाजिक असमानता और केंद्र सरकार की विदेश नीति के खिलाफ बड़े आंदोलन का ऐलान किया है. पार्टी ने अगले तीन महीनों तक राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक जनसंपर्क और विरोध अभियान चलाने का फैसला किया, जिसमें हर कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता को मैदान में उतरने के निर्देश दिए गए हैं.
इस अभियान की जानकारी कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने दी. उन्होंने कहा, ‘अगले तीन महीनों तक कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर अभियान चलाएगी. पार्टी का हर नेता और कार्यकर्ता जनता के बीच जाएगा और सड़कों पर उतरकर लोगों के मुद्दे उठाएगा.’
यह भी पढ़ें
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, जिन संस्थाओं और व्यवस्थाओं को बनाने में दशकों लगे, उन्हें अब कमजोर किया जा रहा है. ऐसे में कांग्रेस की जिम्मेदारी केवल राजनीतिक संघर्ष तक सीमित नहीं है, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की रक्षा करना भी उनका कर्तव्य है.