जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

संसद में गतिरोध ख़त्म, एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा को लेकर बनी सहमति, स्पीकर ओम बिरला की अपील का दिखा असर

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की पहल और सदन में लगातार बनाए गए संवाद का सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं. संसद में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) विधेयक, 2026 पर गतिरोध समाप्त हो गया है और सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने मंगलवार से इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा शुरू करने पर सहमति व्यक्त की है.

Author
27 Jul 2026
( Updated: 27 Jul 2026
07:03 PM )
संसद में गतिरोध ख़त्म, एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा को लेकर बनी सहमति, स्पीकर ओम बिरला की अपील का दिखा असर
Image Source: IANS
Advertisement

संसद में पेपर लीक और छात्रों के ऊपर हो रही कथित कार्रवाई के मुद्दे पर संसद में जारी गतिरोध खत्म होता दिख रहा है. ख़बर के मुताबिक मंगलवार को दिन में 12 बजे लोकसभा में बिल पर  लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) विधेयक, 2026 पर चर्चा होने की संभावना है. छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में मॉनसून सत्र के दूसरे हफ्ते के पहला दिन भी भारी हंगामे की भेंट चढ़ गया. हालांकि लोकसभा स्पीकर की अपील का असर दिख रहा है.

पेपर लीक बिल पर मंगलवार को चर्चा और वोटिंग

सूत्रों के हवाले से सामने आ रही जानकारी के मुताबिक पेपर लीक के खिलाफ पेश हुए बिल पर मंगलवार को चर्चा होगी. इतना ही नहीं वोटिंग भी इसी दिन चर्चा के बाद होगी.

सदन की कार्यवाही के दौरान अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी दलों से आग्रह किया था कि यह विषय देश के करोड़ों विद्यार्थियों, युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता से जुड़ा हुआ है. ऐसे में इस पर व्यापक और सार्थक चर्चा होना उचित है.

Advertisement

पक्ष-विपक्ष में गतिरोध खत्म!

सूत्रों के अनुसार, इस सकारात्मक पहल के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के फ्लोर लीडर्स से लोकसभा स्पीकर ने स्वयं बातचीत की. इसके परिणामस्वरूप सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने सहमति बनाते हुए मंगलवार को विधेयक पर विस्तृत चर्चा कराने का निर्णय लिया. इससे सदन में सहमति और संवाद की भावना को भी बल मिला है.

यह विधेयक सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल, संगठित परीक्षा माफिया और अन्य अनुचित साधनों पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से लाया गया है. मंगलवार को होने वाली चर्चा के दौरान विभिन्न दल विधेयक के प्रावधानों पर अपने सुझाव और संशोधन भी रख सकते हैं. चर्चा के बाद सरकार इन सुझावों का जवाब देगी और इसके बाद विधेयक को सदन की स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जाएगा.

Advertisement

यह भी पढ़ें

संसदीय परंपराओं के अनुरूप स्पीकर ओम बिरला की पहल ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर संवाद, सहमति और विस्तृत चर्चा ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है. उनके प्रयासों से सभी दलों का चर्चा के लिए तैयार होना संसदीय गरिमा और लोकतांत्रिक मूल्यों का सकारात्मक उदाहरण माना जा रहा है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
अधिक
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें