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फास्ट ट्रैक कोर्ट में NEET पेपर लीक मामले पर हो रही थी सुनवाई, नहीं पहुंचे CBI के वकील, जानें कब होगी अगली हियरिंग

NEET पेपर लीक मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट में यह पहली सुनवाई थी. कोर्ट ने संबंधित डायरेक्टर ऑफ प्रॉसिक्यूशन को निर्देश दिया कि वे पेपर लीक मामले में राज्य CBI का पक्ष रखने के लिए एक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त करें.

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27 Jul 2026
( Updated: 27 Jul 2026
03:28 PM )
फास्ट ट्रैक कोर्ट में NEET पेपर लीक मामले पर हो रही थी सुनवाई, नहीं पहुंचे CBI के वकील, जानें कब होगी अगली हियरिंग
Image Source- IANS/Wasim Sarvar
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पेपर लीक की जांच करने और आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए सरकार मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट तक तो लेकर चली गई, लेकिन क्या हो जब सरकार की इस कोशिश को अमलीजामा पहनाने वाले ही फेल करने पर तुलें हों. ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि NEET पेपर लीक मामले की सुनवाई के लिए गठित फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहले ही दिन सुनवाई नहीं हो सकी. 

ऐसा इसलिए नहीं हो सका क्योंकि CBI की ओर से कोई भी वकील अदालत में पेश ही नहीं हुआ. इसके बाद कोर्ट में मामले की सुनवाई टाल दी गई. दरअसल, दिल्ली की राऊज एवेन्यू फास्ट ट्रैक कोर्ट ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI का पक्ष रखने के लिए एक प्रॉसिक्यूटर की नियुक्ति का निर्देश दिया है. 

पेपर लीक पर अब अगली सुनवाई कब? 

इसी बीच, कोर्ट ने आरोपी दिनेश बिवाल और विकास बिवाल की जमानत याचिका पर सुनवाई टाल दी. अब इस मामले में सुनवाई 3 अगस्त को होगी. NEET पेपर लीक मामले में सोमवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट की ओर से की जाने वाली यह पहली सुनवाई थी. कोर्ट ने संबंधित डायरेक्टर ऑफ प्रॉसिक्यूशन को निर्देश दिया कि वे पेपर लीक मामले में राज्य CBI का पक्ष रखने के लिए एक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त करें, लेकिन CBI की तरफ से मामले की सुनवाई में कोई वकील कोर्ट में पेश नहीं हुआ. इसके कारण कोर्ट ने दिनेश बिवाल और विकास बिवाल की जमानत याचिका पर सुनवाई टाल दी. आरोपियों की ओर से वकील एपी सिंह पेश हुए. 

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गौरतलब हैं कि दिनेश बिवाल और विकास बिवाल उन 13 आरोपियों में शामिल हैं जिन्हें CBI ने तय परीक्षा की तारीख से पहले NEET-UG पेपर लीक करने के कथित अपराध में गिरफ्तार किया था. सभी आरोपी 6 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में हैं. 12 मई को एक सरकारी अधिकारी की शिकायत पर FIR दर्ज की गई थी. 

PM मोदी ने किया था फास्ट ट्रैक कोर्ट का ऐलान 

23 जुलाई को राऊज एवेन्यू कोर्ट में 'लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) एक्ट-2024' और इससे जुड़े अन्य अपराधों की सुनवाई के लिए एक फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाई गई. इससे जुड़े सभी मामले फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रांसफर कर दिए जाएंगे. इससे पहले PM मोदी ने इंस्टाग्राम पर एक Video संदेश में कहा था कि पेपर लीक की सुनवाई फास्ट ट्रैक अदालत में होगी.

छात्रों पर पुलिस एक्शन मामले में 28 जुलाई को सुनवाई 

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उधर, जंतर-मंतर पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर दाखिल याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को सुनवाई करेगा. CJI सूर्यकांत ने कहा, ‘एक प्रोटोकॉल होना चाहिए, उचित जगह होनी चाहिए और कोई प्रतिबंध नहीं होना चाहिए, लेकिन अगर कोई असामाजिक तत्व वगैरह हैं, तो उनसे निपटा जा सकता है. यह सिर्फ दिल्ली का सवाल नहीं है. प्रोटोकॉल में एकरूपता की जरूरत है.’

यह भी पढ़़ें- ‘प्रदर्शन पर पुलिस की बर्बरता सही नहीं…’ सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी, CJI ने लाठीचार्ज को ठहराया गलत

CJI ने यह भी कहा कि शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार सबको है. प्रदर्शन कर रहे हैं केवस इसलिए लाठीचार्ज नहीं किया जा सकता. पुलिस की ज्यादती को सही नहीं ठहराया जा सकता. उन्होंने ऐसे विरोध प्रदर्शनों के दौरान अनुशासन बनाए रखने का आग्रह किया. आखिरकार कोर्ट ने आदेश दिया कि इस मामले से जुड़ी सभी याचिकाओं पर मंगलवार, 28 जुलाई को सुनवाई होगी. 

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With IANS Input 

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