'आज रात हो सकती है गिरफ्तारी...', CJP फाउंडर अभिजीत दिपके ने किया बड़ा दावा, बोले- मुझे मिला इनपुट
सीजेपी फाउंडर अभिजीत दिपके ने अपनी टीम की गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए समर्थकों से शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखने की अपील की. शुक्रवार को सरकार और सीजेपी के बीच बैठक प्रस्तावित है.
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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके ने दावा किया है कि उनकी टीम के कुछ सदस्यों को शुक्रवार रात गिरफ्तार किया जा सकता है. इस आशंका के बीच उन्होंने अपने समर्थकों से संयम बनाए रखने और आंदोलन को पूरी तरह शांतिपूर्ण रखने की अपील की है. यह बयान ऐसे समय आया है, जब शुक्रवार को सीजेपी और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच अहम बैठक प्रस्तावित है. इससे पहले सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक अपनी लंबी भूख हड़ताल समाप्त कर चुके हैं, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच बातचीत की उम्मीदें बढ़ी हैं.
गिरफ्तारी की आशंका पर सरकार से सवाल
अभिजीत दिपके ने कहा कि उन्हें हाल ही में ऐसी सूचना मिली है, जिसके अनुसार उनकी टीम पर गिरफ्तारी की कार्रवाई हो सकती है. उन्होंने सरकार से सवाल किया कि जब आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है, तब ऐसी कार्रवाई की जरूरत क्यों पड़ रही है. दिपके का दावा है कि उनका धरना पिछले 35 दिनों से बिना किसी हिंसा के जारी है और यह स्वतंत्र भारत के सबसे शांतिपूर्ण आंदोलनों में से एक माना जा सकता है.
गांधी और संविधान का लिया सहारा
अपने संबोधन में दिपके ने महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव आंबेडकर और भारतीय संविधान का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका आंदोलन लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों के आधार पर आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि यदि लोग शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कदम उठाना उचित नहीं होगा. उन्होंने सरकार से अपील की कि वह किसी भी तरह की गिरफ्तारी जैसी कार्रवाई से बचे.
समर्थकों को दी शांति बनाए रखने की जिम्मेदारी
दिपके ने यह भी कहा कि यदि उनकी टीम को हिरासत में लिया जाता है, तो समर्थकों की जिम्मेदारी और बढ़ जाएगी. उन्होंने लोगों से कानून का सम्मान करने, किसी भी तरह की हिंसा से दूर रहने और आंदोलन को पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाने की अपील की. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो लोग हिंसा करेंगे या कानून हाथ में लेंगे, उन्हें सीजेपी का समर्थक नहीं माना जाएगा. उनका कहना था कि आंदोलन की ताकत शांति और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने में ही है.
पुरानी घटनाओं का भी किया जिक्र
इस दौरान दिपके ने पहले की घटनाओं का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान हुई कुछ कार्रवाइयों ने लोगों के बीच असंतोष को और बढ़ाया. हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे भी सामने आते रहे हैं. ऐसे मामलों की पुष्टि संबंधित जांच और आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही मानी जाती है.
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कायम रुख
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर भी अभिजीत दिपके अपने पुराने रुख पर कायम दिखाई दिए. उन्होंने दोहराया कि जंतर-मंतर पर चल रहा धरना तब तक जारी रहेगा, जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सोनम वांगचुक के भूख हड़ताल खत्म करने से उन्हें राहत मिली है, क्योंकि उनका स्वास्थ्य सबसे अधिक महत्वपूर्ण है.
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बताते चलें कि अब सभी की नजर सरकार और सीजेपी के बीच होने वाली बैठक पर टिकी है. माना जा रहा है कि इस बातचीत से आंदोलन की आगे की दिशा तय हो सकती है. फिलहाल दिपके का पूरा जोर इस बात पर है कि चाहे परिस्थितियां कैसी भी हों, आंदोलन का रास्ता शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक ही बना रहे.