बिहार में छात्र आंदोलन के नाम पर हिंसा-तोड़फोड़ करने वालों पर एक्शन, पुलिस ने अखबार में जारी कीं उपद्रवियों की तस्वीरें
बिहार में नीट पेपर लीक और छात्रों के आंदोलन के नाम पर कई जिलों में हिंसा और उपद्रव मचाने वालों की तस्वीरें सार्वजनिक कर दी हैं. बाकायदा अख़बार में विज्ञापन देकर अभिभावकों और छात्रों से अपील की गई है. इसके अलावा सिवान में AK-47 से फायरिंग करने वाले सिपाही को निलंबित कर दिया गया है.
Follow Us:
बिहार बंद के दौरान पटना, भागलपुर सहित अन्य जिलों में 25 जुलाई को हुए छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. इसी दौरान भागलपुर और पटना पुलिस ने उप्रदवियों की तस्वीरें जारी कर दी हैं.
पटना पुलिस ने तो अभिभावकों और छात्रों से प्रदर्शन में शामिल ना होगे, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान नहीं होने देने की अपील करते हुए अखबार में ही उप्रदवियों की तस्वीर वाला विज्ञापन दे दिया है.
आपको बता दें कि पटना पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए अब तक कोतवाली, गांधी मैदान, पाटलिपुत्र और सचिवालय थाना में कुल 24 एफआईआर दर्ज की हैं. वहीं विभिन्न मामलों में विभिन्न थानों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुल 258 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि 30 लड़कियों से निजी बांड भरवाकर छोड़ दिया गया है.
बिहार पुलिस ने अख़बार में जारी कीं उपद्रवियों की तस्वीरें!
इसके अलावा भागलपुर में भी पुलिस ने कार्रवाई की है, उपद्रवियों की तस्वीरें सार्वजनिक कर दी हैं. वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय ने रविवार को बताया कि घटना में शामिल संदिग्ध उपद्रवियों की पहचान के लिए कुल 155 तस्वीरें सार्वजनिक की गई हैं. पुलिस ने आम लोगों से इन व्यक्तियों की पहचान कराने में सहयोग करने की अपील की है, ताकि उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जा सके.
एसएसपी कार्यालय के अनुसार, 25 जुलाई को तिलकामांझी चौक पर हुए प्रदर्शन के दौरान कुछ उपद्रवी तत्वों ने पुलिस बल पर हमला कर दिया. इस दौरान पुलिस वाहनों और अन्य लोक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया.
आरोप है कि उपद्रवियों ने आम नागरिकों, मीडिया कर्मियों और पुलिसकर्मियों पर भी लाठी-डंडों तथा ईंट-पत्थरों से हमला किया, जिससे कई लोगों को सामान्य चोटें आईं. पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया और अन्य उपलब्ध माध्यमों से संदिग्धों की तस्वीरें जारी की गई हैं.
नागरिकों से अपील की गई है कि वे फोटो के क्रम संख्या के आधार पर संबंधित व्यक्ति की पहचान कर उसकी सूचना भागलपुर पुलिस के हेल्पलाइन नंबर 9031828002, 9031828003, 9031828010, 9031828011 और 9031827930 पर उपलब्ध कराएं. पुलिस का कहना है कि सूचना देने वालों के सहयोग से आरोपियों की गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई में तेजी लाई जाएगी.
प्रदर्शनकारियों पर AK-47 से फायरिंग करने वाला पुलिसकर्मी निलंबित
इसी बीच बिहार बंद के दौरान 25 जुलाई को सिवान में हुए बवाल और पुलिस की ओर से एके-47 से फायरिंग के मामले में पुलिस मुख्यालय ने बड़ी कार्रवाई की है. फायरिंग करने वाले सिपाही अभिषेक पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है. वहीं, कुछ पुलिसकर्मियों के बीच इस फैसले को लेकर नाराजगी की भी चर्चा है.
दिनांक 25.07.2026 को विभिन्न छात्र संगठनों एवं राजनीतिक दलों द्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बिना अनुमति के आंदोलन, धरना-प्रदर्शन, जुलूस, घेराव, सड़क जाम एवं अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे थे।
— Patna Police (@PatnaPolice24x7) July 27, 2026
इसी क्रम में उक्त भीड़ में शामिल कुछ असामाजिक तत्वों/उपद्रवियों द्वारा पुलिस बल… pic.twitter.com/KhkTeo51PR
जानकारी के अनुसार, पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर संबंधित सिपाही के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है. मामले की विस्तृत जांच भी कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी. पुलिस मुख्यालय ने घटना को गंभीर मानते हुए पहले ही संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की थी.
सिवान में एके-47 से हुई थी फायरिंग
गौरतलब है कि 25 जुलाई को बिहार बंद के दौरान सिवान में प्रदर्शन के बीच हालात तनावपूर्ण हो गए थे. प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई थी और स्थिति नियंत्रण से बाहर होती नजर आई. इसी दौरान एक पुलिसकर्मी द्वारा अत्याधुनिक हथियार एके-47 से फायरिंग की गई.
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला सुर्खियों में आ गया और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे. प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस मुख्यालय ने संबंधित सिपाही के खिलाफ तत्काल निलंबन की कार्रवाई की. अब पूरे घटनाक्रम की विभागीय जांच कराई जाएगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि फायरिंग निर्धारित मानकों और परिस्थितियों के अनुरूप की गई थी या नहीं.
सिवान में हिंसक हो गया था आंदोलन
उल्लेखनीय है कि बिहार बंद के दौरान शनिवार को सिवान शहर में प्रदर्शन के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा जमकर हंगामा और पथराव किए गए थे. प्रदर्शनकारियों की ओर से हुई पत्थरबाजी में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे.
यह भी पढ़ें
पुलिस का कहना था कि भीड़ को नियंत्रित करने और हालात सामान्य करने के लिए हवाई फायरिंग करनी पड़ी थी. हालांकि, एके-47 से की गई फायरिंग का वीडियो सामने आने के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया, जिसके बाद संबंधित सिपाही को निलंबित कर दिया.
सिपाही को निलंबित करना गलत है सिपाही ने खुद की जान बचाने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए फायरिंग किया था। ये मौकों पर पुलिस गोली नहीं चला सकती है तो वेपन क्यों दिया गया है