मणिपुर में फिर हिंसा: 10 दिन में 14 लोगों की हत्या, विरोध के बीच पीड़ितों से मिले CM खेमचंद
मणिपुर में तीन मैतेई युवकों की हत्या के बाद तनावपूर्ण हालात हैं. इस बीच मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद मृतकों के परिवारों से मिले. उन्होंने पीड़ितों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया.
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मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने इंफाल घाटी क्षेत्र में मैतेई समुदाय के तीन लोगों की हत्या के बाद उनके परिवार से मुलाकात की. उन्होंने विरोध प्रदर्शनों के बीच पीड़ितों के घरों का दौरा किया और उनके परिवारों को राज्य सरकार की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया.
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने इंफाल पूर्वी जिले के नोंग्शम का दौरा किया और उन तीन पीड़ितों के परिवारों से मुलाकात की. जिनकी 19 अक्टूबर को इंफाल पूर्वी और कांगपोकपी जिलों की सीमा के पास संदिग्ध सशस्त्र आतंकवादियों ने घात लगाकर हत्या कर दी थी. तीनों पीड़ित अरुबम रोनिल, लैरेनलाकपम इनाओबी और क्षत्रिमयुम सुशील हैं.
सरकार ने दिया मदद का भरोसा
इस दौरे पर खेमचंद सिंह ने पीड़ितों के परिवार वालों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की. उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार पीड़ितों के साथ मजबूती से खड़ी है और उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी. मुख्यमंत्री ने संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की और न्याय की मांग और चिंताओं को धैर्यपूर्वक सुना. उन्होंने उन्हें बताया कि सभी जायज मांगों पर पूरी ईमानदारी से विचार किया जाएगा.
मारे गए मैतेई युवक को दी श्रद्धांजलि (Photo- IANS)
पीड़ित परिवारों से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री के साथ विधायक खेमचंद सिंह और थोकचोम लोकेश्वर सिंह भी मौजूद थे. नोंग्शम से लौटने पर मुख्यमंत्री ने लामलाई विधानसभा क्षेत्र के विधायक इबोमचा सिंह के साथ इम्फाल के नॉर्थ एओसी स्थित निजी अस्पताल का दौरा किया. यहां 19 अक्टूबर के हमले में घायल हुए दो नागरिकों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली.
उन्होंने अस्पताल अधिकारियों को सभी घायलों के बेहतर से बेहतर इलाज के निर्देश दिए. साथ ही घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की. इससे पहले मणिपुर के गृह मंत्री कोंथौजम गोविंदास सिंह ने कहा था कि केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों की टीमें हत्या में शामिल सभी लोगों को गिरफ्तार करने के लिए तलाशी अभियान चला रहे हैं.
10 दिनों में 14 लोगों की गई जान
2023 से हिंसा की आग में जल रहे मणिपुर में अभी भी तनाव कम नहीं हुआ है. मणिपुर के पहाड़ी इलाक़ों में चल रही हिंसा अचानक और भी तेज हो गई है. 9 अक्टूबर से हुई हिंसा के 10 दिनों में 14 लोगों ने जान गंवा दी.
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दरमियान कामजोंग, कांगपोकपी और उखरुल जैसे इलाके हिंसा से प्रभावित हैं. लगातार हिंसा के बाद लोगों में रोष है. अलग-अलग संगठनों ने विरोध जताते हुए शांति बहाली की मांग की.
इस बीच मणिपुर के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक लहरी दोरजी लहातू ने एक प्रेस कॉफ्रेंस की. उन्होंने बताया कि मणिपुर पुलिस, भारतीय सेना, असम राइफल्स और सीआरपीएफ कोबरा की एक संयुक्त टीम ने घटना स्थल के आसपास तलाशी अभियान चलाकर लकड़हारों की हत्या के मामले में तीन लोगों को पकड़ा है.
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With IANS Input