जामिया मिल्लिया इस्लामिया दो दशक बाद होंगे छात्र संघ चुनाव, यूनिवर्सिटी ने मानी मांगें, छात्रों का निलंबन नोटिस भी रद्द
दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया में पिछले कई दिनों से जारी विरोध प्रदर्शनों के खत्म होने के आसा नज़र आ रहे हैं. यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रों की कई मांगे मान ली हैं और छात्र संघ चुनाव कराने पर सहमति बन गई है.
Follow Us:
दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी ने लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शन के बाद छात्रों की मांगों पर सहमति दी है. यूनिवर्सिटी प्रशासन छात्रों के खिलाफ हुई निलंबन की कार्रवाई संबंधी नोटिस को वापस ले लिया है. साथ ही, यूनिवर्सिटी प्रशासन छात्र संघ चुनाव कराने के लिए सहमत हो गया है.
जामिया ने मानीं छात्रों की कई मांगें!
यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद मेहताब आलम रिजवी की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया, "जामिया छात्र संघ के संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिन बाद छात्र संघ चुनाव कराए जाएंगे. आंदोलन के दौरान छात्रों को दिए गए सभी निलंबन और शो-कॉज नोटिस को रद्द कर दिया गया है." यूनिवर्सिटी प्रशासन ने यह भी निर्णय लिया है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा कर्मचारियों की कार्रवाई की जांच के लिए एक कमेटी बनाई जाएगी.
पिछले 15 दिन से चल रहा था विरोध प्रदर्शन
यह घोषणाएं छात्रों के पिछले 15 दिन से चले विरोध प्रदर्शन के बाद की गईं. छात्र, निर्वाचित छात्र संघ को फिर से बहाल करने की मांग कर रहे थे, जिसे विश्वविद्यालय प्रशासन ने 2006 में भंग कर दिया था.
जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी अब हो सकेंगे छात्र संघ के चुनाव!
वहीं, छात्रों ने अपनी तीन मांगों के साथ लिखित रूप में यह कहा था कि वे मांगों को स्वीकार करने का आदेश मिलते ही विरोध-प्रदर्शन तुरंत समाप्त कर दिया जाएगा. इस समझौते पर भूख हड़ताल करने वाले छात्रों और उनके डेलिगेट्स के हस्ताक्षर मौजूद हैं.
ये भी पढ़ें: जागृति को मिला न्याय! CM रेखा गुप्ता ने DCP-DM को हड़काया, गौशाला ढहाने वाले MCD के JE पर गिरी गाज, दबंग सोनू भी फंसा
यूनिवर्सिटी की ओर से जारी आदेश के अनुसार, विरोध कर रहे छात्रों ने यह भी बोला कि वे विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन के दौरान दिए गए किसी भी अपमानजनक बयान, कार्रवाई या पोस्ट के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगेंगे. ऐसी सभी पोस्ट को सोशल मीडिया चैनलों से तत्काल प्रभाव से हटा दिया जाएगा. आदेश में कहा गया, "इस बात को रिकॉर्ड में ले लिया गया है और इसका पालन हो रहा है या नहीं, इस पर नजर रखी जाएगी."
जामिया की दीवारों पर लिखे मिले थे विवादित नारे!
इससे पहले जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर चल रहा प्रदर्शन विवादित नारों के कारण चर्चा में आ गया था. विश्वविद्यालय परिसर की दीवारों पर 'फ्री कश्मीर और फ्री शरजील इमाम' जैसे नारे लिखे मिलने के बाद विवाद गहरा गया था. वहीं प्रदर्शनकारी छात्रों से मिलने पहुंचे कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को भी दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया था.
नारों को लेकर आमने-सामने आए थे छात्र संगठन
यह भी पढ़ें
जामिया में भूख हड़ताल कर रहे छात्र छात्रसंघ चुनाव की बहाली और चुनाव कार्यक्रम घोषित करने की मांग कर रहे थे. इसके बाद दीवारों पर विवादित नारे लिखे मिलने के बाद आंदोलन को लेकर बहस तेज हो गई. हालांकि, इन नारों को किसने लिखा, इसकी पहचान स्पष्ट नहीं हुई है. भूख हड़ताल कर रहे छात्र जसीम अली ने इन नारों से दूरी बनाते हुए आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है. उनका कहना है कि छात्रों की मुख्य मांग छात्रसंघ चुनाव बहाल करना है, न कि विवादित नारों के जरिए किसी दूसरे मुद्दे को हवा देना. वहीं, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने 'फ्री कश्मीर और डेथ टू ABVP' जैसे नारों पर आपत्ति जताई है. संगठन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है. हालांकि अब विश्वविद्यालय ने छात्रों की कई मांगे मान ली हैं और निलंबन का नोटिस भी वापस ले लिया है.