पश्चिम बंगाल में जिस फैसले पर राहुल ने उठाए थे सवाल, केरल में खुद वही किया, भड़क गई BJP, जानें विवाद की जड़
राहुल गांधी अपने पुराने बयान और केरल में मौजूदा फैसले को लेकर विवादों में घिर गए हैं. जब चुनाव अधिकारी रतन यू केलकर को मुख्यमंत्री वीडी सतीशन का सचिव नियुक्त किया गया.
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अक्सर BJP की नीतियों पर सवाल उठाने वाली विपक्षी पार्टी कांग्रेस अब अपने ही एक फैसले पर घिर गई है. केरल में पार्टी के एक फैसले पर राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है. जबकि इसी से मिलते जुलते फैसले को लेकर राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी पर सवाल उठाए थे.
दरअसल, पूरा बवाल केरल (केरलम) में मुख्यमंत्री वीडी सतीशन के सचिव की नियुक्ति से जुड़ा है. यहां पूर्व मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) रतन यू. केलकर को CM सतीशन का सचिव बनाया गया है. BJP और CPI (माकपा) ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए घेरा है. विपक्ष ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस BJP शासित राज्यों में तो ऐसी नियुक्तियों का विरोध करती है, जबकि केरलम में खुद ऐसा ही कर रही है.
BJP ने क्या आरोप लगाए?
दरअसल, पिछले दिनों ने जब कर्नाटक की BJP सरकार ने पूर्व मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल को मुख्य सचिव बनाया था, तो लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत कांग्रेस के कई बड़े नेताओं ने इसको लेकर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा था.
राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि BJP और चुनाव आयोग के बीच मिलीभगत है. उन्होंने यह भी कहा था कि जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा इनाम. अब जब कांग्रेस नीत केरलम सरकार ने खुद राज्य के पूर्व मुख्य चुनाव अधिकारी रतन यू. केलकर को मुख्यमंत्री वीडी सतीशन का सचिव नियुक्त किया है तो BJP मुखर हो उठी है. BJP ने इसको लेकर केरलम सरकार के साथ ही राहुल गांधी को भी घेरा है.
कौन हैं रतन यू केलकर और क्यों हो रहा विवाद?
दरअसल, रतन यू केलकर 2003 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. उन्होंने केरलम विधानसभा चुनावों के दौरान मुख्य चुनाव अधिकारी के रूप में चुनावी प्रक्रिया की निगरानी की थी. कांग्रेस की सरकार बनने के बाद रतन यू केलकर को ही CM सतीशन के सचिव नियुक्त किया गया है.
BJP ने कहा- दोहरा मापदंड
BJP के वरिष्ठ नेता के. सुरेंद्रन ने सोशल मीडिया पर इसको कांग्रेस का दोहरा मापदंड बताया है. सुरेंद्रन ने राहुल गांधी और उनकी टीम को पाखंडी बताया है. उन्होंने लिखा, ‘जब पश्चिम बंगाल में चुनाव खत्म होने के बाद पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल को मुख्य सचिव बनाया गया था, तब राहुल गांधी ने इसे बैकडोर डील और चोरी का इनाम बताया था.’
सुरेंद्रन ने सवाल उठाया कि अब केरल में चुनाव के तुरंत बाद राज्य के CEO रतन केलकर को मुख्यमंत्री का सचिव बनाए जाने पर राहुल गांधी क्या कहेंगे. उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या अब इसे लोकतंत्र की खूबसूरती कहा जाएगा.
When BJP appoints former West Bengal CEO Manoj Agarwal as Chief Secretary, @RahulGandhi screams:
— K Surendran (@surendranbjp) May 23, 2026
“The bigger the theft, the bigger the reward.”
But exactly 10 days later, the Congress govt in Keralam led by @vdsatheesan appoints Keralam CEO Rathan Kelkar as Secretary.
So Rahul… pic.twitter.com/wfzmuJXpxQ
वहीं, BJP आईटी सेल के चीफ अमित मालवीय ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा है. अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अब इसकी तुलना कांग्रेस शासित केरलम से करें. रतन यू. केलकर केरलम कैडर के 2003 बैच के IAS अधिकारी हैं और राज्य में सबसे वरिष्ठ अधिकारी भी नहीं हैं, उन्हें मुख्यमंत्री वीडी सतीशन का सचिव नियुक्त किया जा रहा है, जबकि वे मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पद पर भी बने रहेंगे. एक ऐसा पद जिसके लिए संस्थागत निष्पक्षता और स्वतंत्रता आवश्यक है तो अब राहुल गांधी का संस्थागत मर्यादा का उपदेश कहां है? या उनका आक्रोश पूरी तरह से सत्ता में मौजूद पार्टी पर निर्भर करता है?
Rahul Gandhi’s selective outrage stands exposed yet again.
He chose to criticise West Bengal Chief Minister Suvendu Adhikari for appointing Shri Manoj Agarwal as Chief Secretary. But unlike Mamata Banerjee, who repeatedly subverted the bureaucracy by superseding dozens of IAS… pic.twitter.com/Hpf7DTvU4b— Amit Malviya (@amitmalviya) May 23, 2026Advertisement
वामदलों ने क्या कहा?
वहीं, वामदल भी केरल सरकार के इस फैसले से भड़के हुए हैं. माकपा ने राहुल गांधी को उनके पुराने बयान की याद दिलाई. पार्टी ने कहा कि कांग्रेस ने बंगाल में BJP सरकार और चुनाव आयोग के बीच शर्मनाक गठजोड़ और फिक्स मैच जैसे आरोप लगाए थे, लेकिन अब केरल में उसी तरह का फैसला लिया गया है. CPM ने कहा कि राहुल गांधी को स्पष्ट करना चाहिए कि केरल में हुआ फैसला क्या अलग है या फिर यह भी राजनीतिक सांठगांठ का उदाहरण माना जाएगा?
CPM ने यह भी कहा कि केरल में पहले कभी ऐसा नहीं हुआ कि चुनाव खत्म होने के तुरंत बाद किसी मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सरकार में इतना अहम पद दे दिया गया हो. यह फैसला सेवाओं के बदले इनाम जैसा दिखाई देता है.
कांग्रेस ने सफाई में क्या कहा?
हालांकि केरलम के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला इस नियुक्ति के बचाव में उतरे. उन्होंने मीडिया से कहा कि सरकार के पास सक्षम अधिकारियों को महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर नियुक्त करने का पूरा अधिकार है. उन्होंने कहा कि रतन यू. केलकर को मुख्यमंत्री का सचिव बनाना सरकार का विशेषाधिकार है. केलकर एक योग्य अधिकारी हैं और इस नियुक्ति में कुछ भी असामान्य नहीं है.
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हालांकि कांग्रेस की ये सफाई इसलिए नाकाफी है क्योंकि वह खुद BJP को घेरने के लिए ऐसे मौकों की तलाश में रहती है, लेकिन जब बात कांग्रेस शासित राज्यों की आती है तो कथनी और करनी में अंतर साफ दिखने लगता है. यहां पार्टी के दोहरे मापदंड सबके सामने होते हैं.