निशिकांत दुबे का राहुल गांधी पर प्रहार, बताया ‘वोकेशनल लीडर ऑफ प्रोपेगेंडा’, विपक्ष के LPG प्रदर्शन पर भी साधा निशाना
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘प्रोपेगेंडा का वोकेशनल लीडर’ करार दिया. इसके साथ ही विपक्ष के LPG को लेकर प्रदर्शन पर भी तंज कसा है.
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एलजीपी गैस सिलेंडर को लेकर विपक्ष के प्रदर्शन और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की चाय की चुस्की को लेकर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कटाक्ष किया है. उन्होंने राहुल गांधी को 'वोकेशनल लीडर ऑफ प्रोपेगेंडा' बताया और कहा कि उनका उद्देश्य पिकनिक मनाना है.
निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी को घेरा
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "वे (राहुल गांधी) वोकेशनल लीडर ऑफ प्रोपेगेंडा हैं और उनका मुख्य उद्देश्य पिकनिक मनाना है. इसलिए पिकनिक मनाने वाले को पूरा देश पहचानता है. उन्हें न तो गरीबों की चिंता है और न ही देश की चिंता है, देश उन्हें अच्छी तरह से जानता है”
1974-2014 के बीच विकास कार्यों पर दागे सवाल
एलपीजी पर विपक्ष के प्रदर्शन पर निशिकांत दुबे ने प्रतिक्रिया देते हुए एक रिपोर्ट के हवाले से कहा कि इसमें न्यूक्लियर फैसिलिटी का निर्माण, हाइडिल पावर बढ़ाने, रेलवे विद्युतीकरण और कोयला गैसीकरण की बात कही गई. भाजपा सांसद ने राहुल गांधी और कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के शासनकाल को छोड़कर 1974 से लेकर 2014 तक पिछले 40 साल में किस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने का काम किया गया. उन्होंने कहा, "1970 में एक कमेटी बनी थी और 1974 में एक रिपोर्ट तैयार की गई. कांग्रेस का सिर्फ यही काम रहा कि उन्होंने रिपोर्ट बनाई और चुपचाप बैठ गए”.
‘विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है’
वहीं, तेल-एलजीपी को लेकर विपक्ष के हंगामे पर एलजेपी (रामविलास) के सांसद अरुण भारती ने कहा कि विपक्ष के पास मुद्दे नहीं हैं. विपक्ष को सिर्फ अपनी और अपने नेताओं की बात कहनी है. वह किसी का जवाब सुनने के लिए तैयार नहीं है. आज के दिन में सरकार ने भी अलग-अलग माध्यम से अपने नागरिकों को भरोसा दिया है कि अगर तेल-एलजीपी की किल्लत है तो वह उसकी निगरानी कर रहे हैं और नागरिकों को सुविधाओं की कमी नहीं होगी.
‘सिर्फ सुर्खियों के लिए छोटे मुद्दे उठाए जा रहे’
अरुण भारती ने कहा कि जनता में किसी तरह के घबराने की जरूरत नहीं है. सरकार सभी चीजों का ध्यान रख रही है और आगे भी ध्यान रखा जाएगा. उन्होंने कहा, "विपक्ष मुद्दाविहीन होकर लगातार संकट की बात कर रहा है, पैनिक क्रिएट करने की कोशिश कर रहा है. सिर्फ अपने नेता को सुर्खियों में रखने के लिए छोटे से छोटे मुद्दे को उठाने की कोशिश हो रही है”.
विपक्ष नीतियों के बजाए हंगामे पर टिका
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उन्होंने यह भी कहा कि सदन में कांग्रेस को नीतियों और कार्यों पर सरकार को घेरना था, लेकिन वेल में आकर घेर लेने से ही उन्हें लगता है कि पार्टी ने जीत हासिल कर ली है. न विपक्ष प्रश्नकाल और न ही शून्यकाल चलने दिया जाता है. जरूरी यह है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इस बात को लेकर परिपक्वता दिखाएं कि सदन में सरकार को मुद्दों पर घेरना है, अपनी जिद को लेकर नहीं.
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