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उत्तर प्रदेश एटीएस की बड़ी कार्रवाई, पाकिस्तान समर्थित नेटवर्क से जुड़े दो संदिग्ध गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान समर्थित नेटवर्क से जुड़े दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि दोनों भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे और सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे थे.

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23 Apr 2026
( Updated: 23 Apr 2026
11:20 PM )
उत्तर प्रदेश एटीएस की बड़ी कार्रवाई, पाकिस्तान समर्थित नेटवर्क से जुड़े दो संदिग्ध गिरफ्तार
Image Credits: UP ATS
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उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान समर्थित नेटवर्क से जुड़े दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि दोनों भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे और युवाओं को सोशल मीडिया के जरिए भड़काने का काम कर रहे थे.

एटीएस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तुषार चौहान उर्फ हिज्बुल्ला अली खान (20) और समीर खान (20) के रूप में हुई है. दोनों को गुरुवार को नोएडा से गिरफ्तार किया गया. उनके कब्जे से एक पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस, एक चाकू और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं.

सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में आए थे आरोपी

एटीएस को पहले से इनपुट मिल रहे थे कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर कुछ गैंगस्टर और कट्टरपंथी तत्व भारत में युवाओं को बहकाकर स्लीपर सेल तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं. जांच में सामने आया कि पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए भारतीय युवाओं को निशाना बना रहे थे.

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पूछताछ में खुलासा हुआ कि मेरठ निवासी तुषार चौहान सोशल मीडिया के माध्यम से इन गैंगस्टर्स के संपर्क में आया और धीरे-धीरे कट्टरपंथ की ओर आकर्षित हो गया. वह इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तानियों से जुड़ा और बाद में वॉइस व वीडियो कॉल के जरिए बातचीत करने लगा.

हमले की साजिश और पैसों का लालच

आरोप है कि उसे कुछ लोगों पर ग्रेनेड फेंकने और हत्या करने के निर्देश दिए गए थे. इसके बदले उसे 50 हजार रुपए अग्रिम और काम पूरा होने पर ढाई लाख रुपए देने का लालच दिया गया था. साथ ही पासपोर्ट बनवाकर दुबई के रास्ते पाकिस्तान ले जाने की भी बात कही गई थी.

जांच में यह भी सामने आया कि समीर खान भी सोशल मीडिया के जरिए इस नेटवर्क से जुड़ा था और एन्क्रिप्टेड चैनलों के माध्यम से बातचीत करता था. उसे ‘टीटीएच’ (तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान) दीवारों पर लिखने और अन्य लोगों को जोड़ने का काम सौंपा गया था.

संवेदनशील स्थानों की कर रहे थे रेकी

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दोनों आरोपी कथित तौर पर संवेदनशील स्थानों की रेकी कर रहे थे और निर्देश मिलने पर किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए तैयार थे. उन्होंने कुछ लोगों को जान से मारने की धमकियां भी दी थीं, जिनमें कथित तौर पर पाकिस्तानी हैंडलर्स भी कॉन्फ्रेंस कॉल पर जुड़े रहते थे.

एटीएस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ लखनऊ के एटीएस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धाराओं 148, 152, 61(2), आयुध अधिनियम 1959 की धारा 3/4/25 और गैरकानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम 1967 की धाराओं 13/18 के तहत मामला दर्ज किया है.

कानूनी कार्रवाई जारी

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दोनों को संबंधित न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. एटीएस अब इनके अन्य साथियों और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड लेने की तैयारी कर रही है.

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