'सत्ता आती है, जाती है, वर्दी...', बिहार में 6 साल के जेन अल्फा ने हिला डाली सरकार, पुलिस ने ऐसे निकाला बदला!
पटना में बीते दिन छात्रों के प्रदर्शन के दौरान एक बच्चा खूब वायरल हुआ. इस 6 साल के जेन-अल्फा ने जैसा प्रदर्शन किया और जैसे सवाल सरकार और सीएम से पूछे उसकी काफी चर्चा हो रही है.
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पटना में बीते दिन को बीपीएससी टीआरई-4 परीक्षा को सिंगल-स्टेज करने और नेगेटिव मार्किंग हटाने जैसी मांगों को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन तनावपूर्ण हो गया. प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया और छात्र प्रदर्शनकारियों पर लाठियां भांजी. इस दौरान कई छात्रों को हिरासत में लिया गया. छात्र के प्रदर्शन के बीच एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिससे बिहार की सरकार भी हिल गई है और पुलिस के रवैये पर भी सवाल उठ रहे हैं.
पटना प्रोटेस्ट में वायरल हुआ 6 साल का बच्चा!
यहां एक 6 साल के बच्चे ने सरकार से वो सवाल किया जिसे विपक्ष भी नहीं पूछ पाता है. इसका नाम है आदित्य राज. 3 फ़ीट हाइट है, 20 किलो वजन है, मां झाड़ू-पोछा का काम करती है, पिता दिहाड़ी मज़दूर है, लेकिन बच्चा इस उम्र में भी सयाना है, बहुत अर्जित ज्ञान है.
"हम तो SP साहब से जवाब मांग रहे थे, छात्रों का माथा फटा है, ये हाफ मर्डर है, एक सातवीं फेल मुख्यमंत्री से बच्चा भी नहीं संभल रहा था, इस्तीफा दे देना चाहिए था.
पटना में जिन छात्र प्रदर्शनकारियों को लाठी लगी, माथा फटा उसके लिए रोने लगा जेन-अल्फा, 6 साल के बच्चे ने हिला दी सरकार!… pic.twitter.com/kqAGHk8JPs— NMF NEWS (@NMFNewsNational) August 26, 2026Advertisement
उसने प्रदर्शन के दौरान पुलिस की आँख में आँख डालकर पूछा कि आप सुरक्षा करते हैं या मर्डर करते हैं. इतना ही नहीं उसने भीड़ के सामने कहा कि सीएम सम्राट चौधरी ने नौकरी और रोज़गार का वादा किया था, क्या मिला? छात्रों को लाठी, माथा फोड़ दिया. सातवीं फेल सीएम को तो इस्तीफा दे देना चाहिए.
"सर आप किसी की सुरक्षा करते हैं कि मर्डर करवाते हैं...सम्राट चौधरी जी वादा तो नौकरी और रोजगार का किए थे...मिल क्या रहा है, लाठी, माथा फोड़ रहे हैं..."
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पटना में जेन-अल्फा के सवालों से सरकार और पुलिस घबराई, 6 साल के प्रदर्शनकारी को गोद में उठाकर ले गए सुरक्षाकर्मी!#Bihar #BPSC… pic.twitter.com/iQuYMLbVUY
छात्र आंदोलन में 6 साल के बच्चे हिला डाली सरकार
उसने आगे कहा कि हम यहां यह मांग करने आए हैं कि सम्राट चौधरी छात्रों को नौकरी और रोज़गार दें. छात्रों को नौकरी क्यों नहीं मिल रही है? सम्राट चौधरी, नौकरी और रोज़गार देने के आपके वादे कहां गए? उसने इस दौरान उसने सीधे एसपी से पूछा कि लाठीचार्ज का आदेश किसने दिया. छात्रों का माथा फोड़ दिया गया, ये तो हाफ मर्डर है…इसपर तो 307 लगना चाहिए.
उसने एक निजी चैनल से बात करते हुए कहा कि उसे पुलिस कोतवाली थाने ले गई. उसके माता पिता को जेल जाने की धमकी, बार-बार थाना बुलाने की धमकी दी गई. इतना ही नहीं उसके माता-पिता के साथ मारपीट की गई.
मजदूर माता-पिता के साथ पुलिस ने की थाने में मारपीट
बच्चे के माता पिता ने बताया कि उनके साथ पुलिस ने थाने में गेट बंद कर मारपीट की. मां को महिला पुलिस ने ऐसा थप्पड़ रसीद किया कि उनके चेहरे पर छाप साफ़ दिखाई दे रही है. वहीं पिता को मेल पुलिस वाले ने मारा. बच्चे के पिता ने बताया कि पुलिस वाले ने फ़ोन को ही रिसेट कर दिया गया ताकि उनके पास कोई सबूत ना बचे. इस कारण उसके बचपन की सभी तस्वीर मिट गई.
जहां तक प्रदर्शन का सवाल है तो पुलिस ने सरकारी इलाकों तक पहुंचने से रोकने के लिए गांधी मैदान से डाकबंगला क्रॉसिंग तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे. गांधी मैदान के पास जेपी गोलंबर पर बैरिकेड लगाए गए थे, लेकिन खबर है कि बड़ी संख्या में छात्र उन्हें तोड़कर डाकबंगला क्रॉसिंग तक पहुंच गए.
जैसे-जैसे प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ी, पुलिस ने शुरू में उन्हें पीछे हटने के लिए मनाने की कोशिश की. हालांकि, छात्र अपनी जगह पर डटे रहे और अपनी मांगों को लेकर नारे लगाते रहे. इसके बाद पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने अपना प्रदर्शन जारी रखा. पानी की बौछार के बावजूद कुछ छात्रों को नारे लगाते और तिरंगा लहराते देखा गया.
एक अनोखे नजारे में एक प्रदर्शनकारी वॉटर कैनन के नीचे खड़े होकर शैंपू लगाने लगा और बाद में सिर पर शैंपू लगे हुए ही पुलिसकर्मियों के पास पहुंच गया.
बिहार में तेज हो रहे आंदोलन, एक के बाद एक प्रदर्शन!
हालात बिगड़ गए और पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की खबरें आईं. भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश में पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. टकराव के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर पत्थर फेंके, जिससे टाउन डीएसपी कामाख्या नारायण सिंह घायल हो गए.
कल के प्रदर्शन में क्या-क्या हुआ?
एक छात्रा के सिर में भी चोट आई और उसे इलाज के लिए गार्डिनर रोड अस्पताल ले जाया गया. पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और शुरू में उन्हें सचिवालय थाने ले गई. बाद में उन्हें एयरपोर्ट थाने भेज दिया गया.
डाकबंगला क्रॉसिंग पर भीषण गर्मी के बीच एक महिला पुलिस अधिकारी बेहोश हो गईं.
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हालात का जायजा लेने के लिए जिला मजिस्ट्रेट कुंदन कुमार, एसएसपी कार्तिकेय शर्मा और जोनल आईजी जितेंद्र राणा समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे. प्रदर्शनकारी लगभग दो घंटे तक डाकबंगला क्रॉसिंग पर डटे रहे और इलाके को खाली कराने की पुलिस की बार-बार की कोशिशों के बावजूद हटने से इनकार कर दिया.
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छात्र भर्ती से जुड़े कई मुद्दों को लेकर विरोध कर रहे हैं. उनकी बीपीएससी टीआरई-4 से जुड़ी मुख्य मांगों में टीआरई-4 परीक्षा को एक ही चरण में आयोजित करना, नेगेटिव मार्किंग खत्म करना और भर्ती प्रक्रिया में ज्यादा पारदर्शिता लाना शामिल है. उन्होंने सरकारी भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी अन्य लंबित मांगों पर भी अपनी बात रखी.
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इस बीच, बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि सरकार ने छात्रों की 'लगभग सभी' मांगें पहले ही मान ली हैं. उन्होंने कहा कि अगर छात्रों को और कोई बात कहनी है तो सरकार के साथ बातचीत के सभी रास्ते खुले हैं.