‘पाखंड चरम पर…’, राहुल गांधी के ‘मनुस्मृति’ वाले वार पर BJP का हिजाब वाला पलटवार, शेयर किया Video
BJP के सोशल मीडिया हैंडल से एक Video शेयर किया गया है. जिसमें उनसे हिजाब पहनी हुई छात्राएं कुछ सवाल कर रही हैं. जो हिजाब और स्वतंत्र पहचान को लेकर हैं.
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लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के मनुस्मृति पर दिए गए बयान को लेकर राजनीतिक संग्राम छिड़ गया है. भारतीय जनता पार्टी ने उन पर पाखंड और एकतरफा राजनीति का आरोप लगाया है.
BJP ने सोशल मीडिया पर राहुल गांधी से जुड़ा एक पुराना वीडियो शेयर किया. जिसमें वे हिजाब का समर्थन कर रहे हैं. BJP ने इस वीडियो के साथ कैप्शन लिखा है पाखंड अपने चरम पर!
𝐇𝐘𝐏𝐎𝐂𝐑𝐈𝐒𝐘 𝐀𝐓 𝐈𝐓𝐒 𝐏𝐄𝐀𝐊! ⚠️
— BJP (@BJP4India) August 25, 2026
Rahul Gandhi talks about “smashing patriarchy” when speaking about Manusmriti and Hindu women. But when it comes to hijab and abaya, the same principle suddenly becomes “freedom of choice.”
So, Rahul Gandhi, is your fight against… pic.twitter.com/IYIgigwDNj
इस वीडियो में राहुल गांधी से हिजाब पहनी हुई छात्राएं सवाल पूछ रही हैं. इस दौरान एक छात्रा ने पूछा, अगर आप सत्ता में आए और प्रधानमंत्री बने तो आपका अबाया और हिजाब को लेकर क्या नजरिया होगा? क्या आप ये मानते हैं कि हिजाब पहनने से एक औरत फ्री नहीं फील करती?
छात्रा के इस सवाल का जवाब देते हुए राहुल गांधी ने कहा, ‘मेरा विचार है कि जो महिला पहनना चाहती है वो उसकी चॉइस है. अगर वो अबाया पहनना चाहती है कुछ और पहनना चाहती है वो उसका बिजनेस है उसका काम है उसे Allow करना चाहिए.’
BJP ने उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद के इस वीडियो को शेयर करते हुए BJP ने लिखा, राहुल गांधी मनुस्मृति और हिंदू महिलाओं के बारे में बात करते समय ‘पितृसत्ता को कुचलने’ की बात करते हैं, लेकिन जब हिजाब और अबाया की बात आती है, तो वही सिद्धांत अचानक ‘पसंद की स्वतंत्रता’ बन जाता है.
BJP ने सवाल उठाया कि तो क्या राहुल गांधी, पितृसत्ता के खिलाफ आपकी लड़ाई चुनिंदा और धर्म पर आधारित है? अगर महिलाओं की शक्ति ही लक्ष्य है, तो वही मानक लागू नहीं होना चाहिए. क्या आपकी ये लड़ाई सिर्फ धर्म देखकर तय होती है? अगर महिला सशक्तिकरण ही लक्ष्य है, तो क्या हर महिला के लिए एक जैसा पैमाना नहीं होना चाहिए?'
राहुल गांधी ने मनुस्मृति पर क्या कहा था?
दरअसल, 22 अगस्त को पुणे में राहुल गांधी ने छात्रों की गूंज कार्यक्रम को संबोधित किया था. इस दौरान उन्होंने महिलाओं को सिर्फ मां, पत्नी या बेटी की पारंपरिक भूमिकाओं तक ही सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए.
इस दौरान उन्होंने मनुस्मृति का हवाला देते हुए कह, ‘उसमें जिक्र है कि महिला को कभी स्वतंत्र नहीं होना चाहिए. बचपन में वो पिता के अधीन, युवावस्था में पति के अधीन और पति की मृत्यु के बाद बेटों के अधीन रहती है.’
इसके आगे राहुल गांधी कहते हैं कि देश की सबसे बड़ी ताकत यही है कि महिलाएं स्वतंत्र रहें, अपने लिए खुद खड़ी हों और अपने ऊपर पूरा विश्वास रखें.
कांग्रेस सांसद ने कहा था कि जब वो पुरुषों से बात करते हैं, तो अक्सर महिलाओं को बेटी, पत्नी या मां के रूप में ही देखा जाता है. इन भूमिकाओं में कुछ भी गलत नहीं है, लेकिन ये किसी महिला की एकमात्र पहचान नहीं हो सकती. आज महिलाएं हर क्षेत्र में प्रोफेशनल और खिलाड़ी के रूप में बेहतरीन काम कर रही हैं.
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BJP ने राहुल गांधी के मनुस्मृति वाले दावे का हिजाब वाला जवाब ऐसे समय में दिया है जब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हिजाब को इस्लाम धर्म का अनिवार्य हिस्सा नहीं माना है.